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वाशिंगटन में पाकिस्तान को आतंकवाद प्रायोजक देश घोषित करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस में एक विधेयक पेश किया गया है। पाकिस्तान स्टेट स्पांसर ऑफ टेरेरिज्म एक्ट (एचआर-1449) नामक यह विधेयक गुरुवार को सदन की आतंकवाद संबंधी उपसमिति के अध्यक्ष टेड पो ने पेश किया।
टेक्सास के प्रभावशाली सांसद ने पाकिस्तान के साथ संबंधों को नए सिरे से परिभाषित करने की भी मांग की है। विधेयक पेश करते हुए पो ने कहा, पाकिस्तान एक गैर भरोसेमंद सहयोगी है।इस्लामाबाद ने सालों तक अमेरिका के कट्टर शत्रु की सहायता भी की है। ओसामा बिन लादेन को आश्रय देने से लेकर हक्कानी नेटवर्क के साथ उसके नजदीकी रिश्ते रहे हैं। ये इस बात के प्रमाण हैं कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वह किसके साथ है।
ऐसे में यही वक्त है जब हमें उसकी सहायता बंद कर देनी चाहिए। उसे वह नाम देना चाहिए जो वह है, 'आतंकवाद का प्रायोजक देश।'
इसके अलावा 'द नेशनल इंट्रेस्ट' मैग्जीन में पो ने जेम्स क्लाड के साथ मिलकर एक लेख लिखा है। इसमें पाकिस्तान के साथ संबंधों को नए सिरे से परिभाषित करने की मांग की गई है।
क्लाड जॉर्ज डब्ल्यू बुश प्रशासन में रक्षा विभाग में उप सहायक मंत्री रह चुके हैं। लेख में कहा गया है कि पाक के बर्ताव को बदलने के सारे प्रयास नाकाम हो चुके हैं।अब वक्त है कि अमेरिका खुद अपने दखल की सीमा निर्धारित करे। दोनों ने अमेरिका-भारत संबंधों के लिहाज से भी पाकिस्तान को लेकर नजरिए में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट जारी कर यह बताने को कहा गया है कि क्या पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से निपटने में सहयोग दिया है।
इसके 30 दिन के बाद विदेश मंत्री से रिपोर्ट पेश करने की मांग की गई है जिसमें यह साफ तौर पर कहा जाए कि पाकिस्तान आतंकवाद का प्रायोजक देश है।
यदि पाकिस्तान को आतंकवाद प्रायोजक देश नहीं ठहराया जाता है तो रिपोर्ट में यह विस्तार से बताया जाए कि किन कानूनी पैमानों के तहत ऐसा किया गया है।
अमेरिका में पाकिस्तान को आतंकवाद प्रायोजक देश घोषित करने की मांग पहली बार नहीं उठाई गई है। इससे पहले बराक ओबामा के कार्यकाल में इस संबंध में ऑनलाइन याचिका ह्वाइट हाउस को भेजी गई थी। इसे भारी समर्थन मिला था। लेकिन, ओबामा प्रशासन ने उस मांग को ठुकरा दिया था।
अमेरिकी मध्य कमान के कमांडर जनरल जोसेफ वोटेल ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में और अधिक दृढ़ता दिखाने का संदेश दिया है।
सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति की सुनवाई में वोटेल ने कहा कि बाजवा ने उन आतंकी समूहों पर कार्रवाई शुरू की है जिनके खिलाफ कार्रवाई करने में उनके पूर्ववर्ती उत्सुकता नहीं दिखाते थे।लेकिन, जरूरत इस बात की है कि वह और अधिक दृढ़ संकल्प होकर इस पर ध्यान केंद्रित करें।
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