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विवादित बयान देकर सुर्खियों में आए उज्जैन के कुंदन चंद्रावत को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के दायित्व से मुक्त कर दिया गया है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री ने आज घोषणा की कि उज्जैन में जनाधिकार समिति के धरने में विवादित बयान देने के कारण संघ के बारे में भ्रम निर्माण हुआ है। इसलिए भाषण देने वाले कुंदन चंद्रावत को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दायित्व से मुक्त किया जाता है। उन्होंने एक बार पुनः सभी से अपील की है कि एक व्यक्ति के बयान को संघ का अधिकृत विचार न माना जाए।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के महानगर प्रचार प्रमुख चंद्रावत ने बुधवार को सार्वजनिक मंच पर विवादित बयान दिया था। चंद्रावत ने कहा कि कोई स्वयंसेवकों के हत्यारे केरल के सीएम का सिर काटकर ला दे, अपनी एक करोड़ स्र्पए की संपत्ति उसके नाम कर दूंगा। वे केरल में हो रही हिंसा के विरोध में शहीद पार्क पर हुई जनाधिकार समिति की सभा को संबोधित कर रहे थे।
सभा में सांसद चिंतामणि मालवीय और विधायक मोहन यादव भी मौजूद थे। चंद्रावत इतने पर ही नहीं स्र्के। उन्होंने कहा- गोधरा को भूल गए क्या। 56 मारे थे, 2 हजार को कब्रिस्तान पहुंचा दिया। जमीन के अंदर घुसा दिया, इसी हिंदू समाज ने। 300 प्रचारक और कार्यकर्ताओं की हत्या की है तुमने। वामपंथियों सुन लो, तीन लाख नरमुंडों की माला भारत माता को पहनाएंगे। हालांकि चंद्रावत ने अपने कथन पर खेद व्यक्त कर कथन को वापिस भी ले लिया है। इधर पुलिस ने संज्ञान लेकर डॉ. चंद्रावत के खिलाफ धारा 505 के तहत केस दर्ज किया है।
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