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सांची विश्वविद्यालय अगले शिक्षण सत्र से तंत्र शास्त्र पर पाठ्यक्रम शुरू करेगा। इसके लिए एक विभाग बनाया जाएगा। साँची विवि की कार्य परिषद बैठक में यह निर्णय लिया गया। कार्यपरिषद में प्राचीन भारतीय विज्ञान, भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व शिक्षा केंद्र तथा नीति और समन्वय अध्ययन के लिए भी एक केंद्र स्थापित किए जाने पर सहमति बनी है।
बैठक में विवि के कुलपति यज्ञनेश्वर शास्त्री, भारतीय दर्शन अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष सिद्धेश्वर भट्ट, प्रोफेसर सागरमल जैन, कुलसचिव राजेश गुप्ता सहित अन्य मौजूद थे। परिषद की बैठक में तय हुआ है कि विवि आधुनिक तरीके से भारतीय दर्शन को दोबारा संकलित करने की परियोजना शुरू करेगा। इस परियोजना के लिए दर्शन पर आधारित कार्यशालाएं होंगी। इनमें विशेष रुचि रखने वालों की एक समिति बनाई जाएगी।
यह समिति दर्शन को दोबारा संकलित करेगी। विवि के कुलपति यज्ञनेश्वर शास्त्री की देखरेख में यह समिति काम करेगी। इस परियोजना के लिए विवि भारतीय दर्शन अनुसंधान परिषद (आईसीपीआर) भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद (आईसीएचआर) व यूजीसी को प्रस्ताव भेजेगा।
विवि अगले शिक्षण सत्र से भारतीय मूर्तिकला पर एक वर्षीय सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम भी शुरू करेगा। साथ ही संस्कृत भाषा के लेखन एवं स्पष्ट उधाारण पर सर्टिफिकेट, डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी शुरू होगा।
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