बुरे फंसे हैं शिवराज के मंत्री संजय पाठक
sanjay pathak

मध्यप्रदेश के कटनी का हवाला मामला अब दिल्ली पहुंच गया है। CBDT ने इस मामले की फाईल प्रदेश के इंकम टेक्स महकमे से दिल्ली बुलवा ली है। बताया जाता है की ये कदम अरुण जेटली के संज्ञान मे आने के बाद उठाया गया है।   इसके पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने एक चिट्ठि लिखकर मामले की जानकारी केंद्रिय वित्त मंत्री अरुण जेटली को दी थी। खबर है की इस मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी भी दिल्ली पहुंचे है। मामले को लेकर दिल्ली मे बी जे पी का केंद्रिय संगठ्न भी सक्रिय हो गया है ,बताया जा रहा है की जानकरी मिलने के बाद मध्यप्रदेश के मंत्री और पुराने कोंग्रेसी संजय पाठक को इस्तीफा देना पड सकता है। सांसद और बीजेपी की राष्ट्रीय मंत्री ज्योति शाह के माध्यम से इस मामले की संगटनात्मक रिपोर्ट भी दिल्ली पहुंची है..पहले राज्य सरकार इस मामले की जांच SIT से करवाने जा रही थी लेकिन दिल्ली दरबार ने इसके लिये मना कर दिया था जिसके बाद राज्य के गृह मंत्री भुपेंद्र सिह को खुद आकर इसकी जानकारी देनी पडी की इस मामले मे  SIT जांच नही की जायेगी। CBDT द्वारा जांच शुरु होने के बाद संजय पाठक समेत प्रदेश बी जे पी संगठन के एक कद्दवार नेता का भी पद जा सकता है

अरुण बोले - शिवराज का असली चेहरा, भ्रष्टचारियों को बचाओ, कार्रवाई करने वालों को हटाओ

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान और उनकी सरकार की कथनी और करनी में भारी अंतर होने संबंधी लगाया जाने वाला आरोप एक बार फिर साबित हो गया है। यह दावा पीसीसी चीफ अरूण यादव ने किया है।

श्री यादव ने एक बयान में कहा है कि नोटबंदी के बाद कटनी में हुए महाघोटाले में शिवराज कैबिनेट के मंत्री साफ तौर पर फंस रहे थे। नोटबंदी के बाद किस तरह से कटनी में 500 करोड़ रूपयों से ज्यादा की पुरानी राशि हवाला कारोबारियों, बैंकों और बैंक के अफसरों की मिलीभगत से बदली गई, कटनी के दबंग पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी द्वारा की जा रही शुरूआती जांच में सामने आ गया था। कटनी एसपी पर जांच को दबाने का भारी दबाव स्थानीय नेताओं से लेकर जांच में फंस रहे मंत्री और भोपाल से हो रहा था। एसपी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। उन्होंने साफ कर दिया था कि घोटाला 500 करोड़ रूपये तक सीमित नहीं है। विस्तृत जांच में यह घोटाला कई हजार करोड़ तक पहुंचने, कटनी का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रदेश सरकार के मंत्री और कुछ बेहद नामी.गिरामी बड़े चेहरों का घिनौना चेहरा बेनकाब होने का संकेत कटनी एसपी श्री तिवारी ने सरकार को दे दिये थे।

श्री यादव ने आरोप लगाया कटनी से लेकर भोपाल तक के दबाव के बाद भी सच को उजागर करने से एसपी श्री तिवारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए तो मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उन्हें ही कटनी एसपी पद से हटा दिया। श्री यादव ने सवाल किया है कि छह महीने पहले ही कटनी में पदस्थ किये गये एसपी को मुख्यमंत्री ने क्यों हटाया, इसकी वजह मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिये। किसी भी अफसर का तबादला मुख्यमंत्री और सरकार की मर्जी पर निर्भर है, लेकिन ईमानदार अधिकारी को इस तरह हटाया जाना साफ संकेत देता है कि मुख्यमंत्री नहीं चाहते कि भ्रष्टाचार उजागर हो और भ्रष्टाचार करने वालों पर कार्रवाई हो। 

श्री यादव ने याद दिलाया कि कटनी से पहले श्री गौरव तिवारी बालाघाट के एसपी थे। बालाघाट पदस्थापना के दौरान उन्होंने बिना परवाह किये जिले के कलेक्टर द्वारा किया गया लकड़ी घपला उजागर किया था। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को हटाकर संदेश दिया था कि एसपी की कार्रवाई ठीक थी। लेकिन कुछ समय बाद ही बालाघाट से श्री गौरव तिवारी को हटाकर कटनी का एसपी बना दिया था। अब जब श्री तिवारी ने कटनी में मंत्री और उनके गुर्गों पर हाथ डालकर बड़ा गड़बड़झाला उजागर किया तो मुख्यमंत्री ने एसपी पद से श्री गौरव तिवारी को हटाकर अपनी कथनी और करनी के अंतर को स्पष्ट कर दिया है। 

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री यादव ने कहा मुख्यमंत्री के फैसले से साफ हो गया है कि वे भ्रष्टाचार को खत्म करने और भ्रष्टाचारी कितना ही बड़ा हो को नहीं बख्शने का श्री शिवराज सिंह चौहान राग भर अलापते हैं, वास्तव में मुख्यमंत्री की मंशा भ्रष्टाचार को खत्म करने के बजाय ऐसा करने वाले बड़े चेहरों को बचाने वाली ज्यादा होती हैं।

 

अरुण यादव का  लिखा  पत्र

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प्रति,

 

श्री अरूण जेटली,

वित्त मंत्री, भारत सरकार. 

नई दिल्ली।

 

मान्यवर,

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा आठ नवंबर 2016 को लागू की गई नोटबंदी के बाद भ्रष्टाचारियों द्वारा देश भर में काले धन को सफेद करने का खेल जमकर चला है। भाजपा के शासन वाले मध्यप्रदेश में भी इस तरह का गोरखधंधा जमकर फला और फूला है। इस तरह के अनेक प्रमाण सामने आये हैं। मैं, आपका ध्यान कटनी जिले में पुलिस की शुरूआती जांच में सामने आये 500 करोड़ रूपयों से ज्यादा के ऐसे ही घोटाले की ओर आकर्षित करवा रहा हूं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि नोटबंदी के बाद कटनी में पुराने नोटों की अदला-बदली का बड़ा घोटाला हुआ। पुलिस की जांच में कई प्रभावशाली दागदार चेहरे सामने आ गये। फर्जी नामों से बैंकों में किस तरह से खाते खोले गये? कैसे हवाला हुआ? कौन-कौन से बैंक और अधिकारी खेल में लिप्त रहे? यह सब सामने आया।

मान्यवर, पूरा घोटाला सामने आया कटनी के ईमानदार और दबंग पुलिस अधीक्षक श्री गौरव तिवारी की निष्पक्ष जांच और तमाम दबाव से परे होकर की गई कार्रवाई से। जांच में यह भी प्रमाण मिल गये हैं कि इस पूरे काले कारनामें के पीछे आपकी पार्टी में भाजपा सरकार के बेहद ईमानदार मुख्यमंत्रियों में गिने जाने वाले श्री शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट के एक सदस्य शामिल हैं। जेटली जी, एसपी श्री गौरव तिवारी पर कटनी के स्थानीय नेताओं के अलावा फंस रहे मंत्री और सरकार में बैठे बड़े चेहरे जांच को रफा-दफा करने का भारी दबाव लगातार बनाया गया। एसपी नहीं मानें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सोमवार को एसपी का तबादला कर दिया है। हैरान करने वाली बात यह रही कि छह महीने पहले ही इस अधिकारी  को कटनी में पदस्थ किया गया था। हटाये गये एसपी को बड़े जिले छिंदवाड़ा जिला सौंपा गया है। सीधी भरती वाले आईपीएस को हटाकर एक प्रमोटी अफसर को कटनी जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हटाये गये एसपी ने सरकार को संकेत दिये थे कि घोटाला 500 करोड़ रूपयों तक सीमित नहीं है। हजारों करोड़ का खेल होने के संकेत भी उन्होंने अपनी गोपनीय सूचनाओं में सरकार को दिये थे। शिवराज सरकार ने निष्पक्ष जांच को आगे बढ़ाने और लिप्त बड़े चेहरों को उजागर करने की आजादी देने की बजाय एसपी को हटाकर अपनी मंशा को उजागर कर दिया है। यह साफ हो चुका है कि मुख्यमंत्री श्री चौहान की मंशा भ्रष्टाचार को उजागर करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बिलकुल नहीं है।

आपसे विनम्र अनुरोध है कि कटनी के इस बेहद गंभीर मामले की जांच वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाली किसी प्रमुख एजेंसी से कराने का आदेश देकर न केवल कटनी बल्कि मध्यप्रदेश के अन्य शहरों में सहकारी बैंकों और इन बैंकों के अफसरों की मिली भगत से हुए अरबों के गड़बड़झालों की जांच भी करायें। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और अन्य बड़े शहरों में सहकारी बैंकों के माध्यम से सरकार में बैठे लोगों ने गलत तरीकों से अपने पुराने नोट बदलवाये हैं, इसकी शिकायतें लगातार हो रही हैं।

सधन्यवाद।

 

(अरूण यादव)

अध्यक्ष

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बेईमान पर मेहरबान, ईमानदार पर हो रही है करवाई : आलोक अग्रवाल

आप नेता आलोक अग्रवाल ने कहा कि हवाला कारोबार को उजागर करने वाले कटनी पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी का शिवराज सरकार ने ट्रांसफर कर दिया है। इस हवाला कारोबार की शिकायत 30 मार्च 2016 को हुई थी जब कम आय वाले व्यक्तियों के नाम पर एक्सिस बैंक में बोगस खाते खोले जाने की शिकायत गई थी और इस मामले में तीन माह तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकी। गौरव तिवारी ने 5 जुलाई 2016 को कटनी में ज्वाइन करने के मात्र 7 दिनों के अंदर मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। कालाधन को सफेद किए जाने के खेल को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने छानबीन के लिए एसआईटी गठित की।

अग्रवाल ने कहा पुलिस ने 5 जनवरी को कोयला व्यापारी सतीश सरावगी व मनीष सरावगी के यहां डाटा एंट्री ऑपरेटर रहे संदीप बर्मन की गिरफ्तारी भी की। कोयला व्यापारी के अकाउंटेट रहे संजय तिवारी के बयान भी दर्ज कराए गए।संजय तिवारी की पत्नी ने मीडिया में आरोप लगाया कि सतीश सरावगी ने धमकी दी है कि हम संजय पाठक के लिए काम करते हैं। पुलिस व मीडिया में गए तो चीटियों की तरह मसलवा दिए जाओगे। इस  मामले में शिवराज सरकार में मंत्री संजय पाठक का नाम आने के बाद एसपी तिवारी का तबादला आदेश जारी हो गया।

आप के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। एक तरफ भाजपा भृष्टाचार और काले धन मिटाने की बात करते है, वही दूसरी तरफ उनके मंत्रियो के नाम हवाला कारोबारियों के साथ आ रहे है। और तो और इस पुरे प्रकरण की ईमानदारी से जाँच कर रहे अफसर गौरव तिवारी का सरकार ट्रांसफर कर देती है। इस फैसले से स्पष्ट है शिवराज सरकार बईमानों को बचा रही है और ईमानदार अधिकारियो के लिए प्रदेश में कोई जगह नही बची है।

अग्रवाल ने कहा गौरतलब है कि इससे पहले भी संजय पाठक पर 5000 करोड़ के अवैध उत्खनन का मामला प्रकाश में आ चुका है,लेकिन राजनेतिक संरक्षण के चलते निष्पक्ष जांच न हो सकी,एक बार फिर 500 करोड़ के हवाला कारोबार में नाम आने के बाद ईमानदार अफसर का ट्रांसफर कर  जांच को दबाया जा रहा है,अत: आम आदमी पार्टी मध्यप्रदेश मांग करती है कि

1.  गौरव तिवारी पुलिस अधीक्षक कटनी का ट्रांसफर रद्द कर पुनः निष्पक्ष जांच कराई जाए ।

2. इस पुरे हवाला प्रकरण में संजय पाठक की भूमिका की निष्पक्ष जाँच की जाए।

उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी की कटनी जिला इकाई द्वारा इस मुद्दे पर प्रदर्शन भी किया गया।

 

Dakhal News 12 January 2017

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