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19 साल पहले बाराद्वार डकैती कांड में संलिप्त रहने के आरोप में भारतीय पुलिस सेवा 1992 बैच के अधिकारी राजकुमार देवांगन को बुधवार को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई। उनसे 11 साल 6 महीने 13 दिन पहले नौकरी छीन ली गई। किसी दागी आईपीएस पर देश की यह सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। गृह विभाग के प्रमुख सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बाद यह कार्रवाई की।
आईजी होमगार्ड देवांगन के केस की विभागीय जांच डीजी होमगार्ड गिरधारी नायक कर रहे थे। हाल ही में नायक ने जांच रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी थी। 1998 में अविभाजित मध्यप्रदेश के बाराद्वार (जांजगीर) में 65 लाख रुपए की डकैती हुई। शिक्षकों के वेतन की रकम हेडमास्टर से रास्ते में कुछ लोगों ने लूट ली। इसमें से कुछ पैसा बाराद्वार के थानेदार नरेंद्र मिश्रा के घर से बरामद हुआ।
मिश्रा कुछ महीने जेल में रहे तो उन्होंने एसपी देवांगन पर भी डकैती में संलिप्त होने का इशारा किया। इसके बाद सरकार ने देवांगन को सस्पेंड कर दिया। महकमे ने 14 साल बाद 2012 में चार्जशीट इश्यू की। देवांगन के जवाब से संतुष्ट न होने पर सरकार ने विभागीय जांच की अनुशंसा की। उन्हें पुलिस मुख्यालय से हटाकर आईजी होमगार्ड नियुक्त किया गया था।
पीएचक्यू के आला अधिकारियों के मुताबिक देवांगन पर यूएन मिशन में पदस्थापना के दौरान देश की छवि खराब करने का मामला भी था। आरोप था कि शांति सेना में कोसोवो-बोस्निया में उन्होंने आर्थिक अनियमितता की। वे तय समय-सीमा से ज्यादा रुके। लाखों रु. के आईएसडी कॉल किए और जब लौटे तो संस्थान का कुछ सामान भी साथ ले आए। शिकायत मिलने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देवांगन के कार्यकाल की जांच करवाई।
सुब्रमण्यम ने बताया कि देवांगन को ऑल इंडिया सर्विस डेट कम रिटायरमेंट बेनिफिट (डीसीआरबी) 1958 के नियम 16(3) के प्रावधानों के तहत जनहित में सेवानिवृत्ति दी है। राज्य सरकार ने इसका आदेश बुध्ावार को जारी कर दिया। डीसीआरबी के तहत हुई कार्रवाई में देवांगन पेंशन और अन्य सुविधाओं के हकदार नहीं रहेंगे। केंद्र के आदेशानुसार देवांगन को 3 महीने का वेतन भत्ता दिया जाएगा।
7 जनवरी को आईपीएस की डीपीसी में राज्य सरकार ने देवांगन की बैच के दो अफसरों पवनदेव और अरुणदेव गौतम को पदोन्न्त कर एडीजी बनाया है। डकैती प्रकरण के चलते देवांगन का प्रमोशन रोका गया था।
डीजी जेल और डकैती कांड के जांच अधिकारी गिरधारी नायक ने कहा बाराद्वार डकैती की जांच दो साल पहले मुझे मिली थी, अभी यह पूरी नहीं हुई है अंतिम गवाह का बयान दर्ज करना बाकी है। मुझे नहीं पता केंद्र सरकार ने देवांगन को किस प्रकरण में नौकरी से निकाला है।
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