Patrakar Priyanshi Chaturvedi
17 अगस्त को भारी बारिश के अलर्ट के बीच स्कूल बंद होने की खबरें भी तेजी से प्रसारित हुईं। मौसम विभाग की चेतावनी और स्कूल बंद करने के प्रशासनिक आदेश में अंतर होना जरूरी है। मौसम विभाग बारिश का पूर्वानुमान और चेतावनी जारी करता है, जबकि स्कूल बंद करने का फैसला संबंधित जिला प्रशासन या शिक्षा विभाग करता है। इसलिए सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट या वायरल संदेश देखकर छुट्टी की पुष्टि करना सही नहीं है।
बारिश के दौरान अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक सूचना सबसे विश्वसनीय स्रोत होती है। कई राज्यों में मौसम की स्थिति अलग-अलग हो सकती है और एक जिले में स्कूल बंद होने का आदेश दूसरे जिले पर लागू नहीं होता। डिजिटल मीडिया में तेजी से खबर पहुंचाने की कोशिश में कभी-कभी पुराने आदेश भी दोबारा वायरल हो जाते हैं। इससे अभिभावकों में भ्रम पैदा हो सकता है।
ऐसे समय में मीडिया संस्थानों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे मौसम अलर्ट और प्रशासनिक आदेश को अलग-अलग स्पष्ट करें। स्कूल बंद होने की खबर प्रकाशित करते समय संबंधित जिला प्रशासन या शिक्षा विभाग का आदेश देखना जरूरी है। इससे फर्जी छुट्टी की खबरों से बचा जा सकता है। अभिभावकों को भी स्थानीय आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना चाहिए और बिना पुष्टि के संदेश आगे नहीं बढ़ाना चाहिए।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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