18 माह में बदलेगी बीना रेलवे स्टेशन की तस्वीर, यार्ड रिमॉडलिंग से बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार और सुरक्षा
पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने बीना रेलवे स्टेशन का दौरा कर अधिकारियों के साथ स्टेशन पुनर्विकास और यार्ड रिमॉडलिंग परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि स्टेशन निर्माण कार्य इसी महीने शुरू होगा और इसे 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यार्ड रिमॉडलिंग के तहत झांसी से आने वाली तीसरी रेल लाइन को जोड़ा जाएगा तथा यात्री और मालगाड़ियों के संचालन के लिए नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे यार्ड में ट्रेनों की धीमी गति की समस्या दूर होगी और उनकी आवाजाही अधिक तेज एवं सुगम हो सकेगी। यह परियोजना उत्तर मध्य रेलवे (NCR) और पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के संयुक्त समन्वय से पूरी होगी, जिसके लिए रेलवे बोर्ड से अंतिम स्वीकृति का इंतजार है।
यार्ड रिमॉडलिंग पूरी होने के बाद मौजूदा रूट रिले इंटरलॉकिंग (RRI) प्रणाली की जगह आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे सिग्नल और पॉइंट संचालन अधिक सुरक्षित, सटीक और कंप्यूटरीकृत हो जाएगा। इससे मानवीय त्रुटियां कम होंगी और रेल संचालन की सुरक्षा बढ़ेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार रिमॉडलिंग कार्य में करीब दो माह लगेंगे, जिसके दौरान कुछ ट्रेनों को डायवर्ट किया जाएगा। वहीं, बीना से सागर के लिए कोरोना काल से बंद सुबह 8 बजे वाली पैसेंजर ट्रेन को दोबारा शुरू करने की मांग पर जीएम ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद इस पर विचार किया जाएगा। दौरे के दौरान जीएम ने महादेवखेड़ी, मालखेड़ी और आगासौद स्टेशनों का निरीक्षण किया तथा ऑटोमेटिक सिग्नलिंग और लोकेशन बॉक्स की भी समीक्षा की।