सब्ज़ी बेचने वाले के बेटे ने रचा इतिहास, झंडू कुमार ने भारत को दिलाया पहला कॉमनवेल्थ पदक
बिहार के नालंदा जिले के हरनौत निवासी पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर भारत के लिए इस संस्करण का पहला पदक हासिल किया। 28 वर्षीय झंडू ने 130.9 अंकों के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए पहले प्रयास में 181 किलोग्राम और दूसरे प्रयास में 190 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। हालांकि तीसरे प्रयास में 196 किलोग्राम वजन उठाने में वे सफल नहीं हो सके, लेकिन उनका प्रदर्शन पदक जीतने के लिए पर्याप्त रहा। पोलियो से जूझते हुए और आर्थिक तंगी के बीच सब्ज़ी बेचने वाले परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना उनकी उपलब्धि को और भी खास बनाता है।
झंडू कुमार ने अपने खेल करियर की शुरुआत 2017 में पैरा एथलेटिक्स से की थी और बाद में पैरा पावरलिफ्टिंग को अपनाया। शुरुआती राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एक भी सफल लिफ्ट नहीं लगा पाने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। पैरालंपिक पदक विजेता राजिंदर सिंह राहेलू के मार्गदर्शन में उन्होंने लगातार मेहनत की और 2025 में 205 किलोग्राम तथा खेलो इंडिया पैरा गेम्स में 206 किलोग्राम वजन उठाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। बीजिंग वर्ल्ड कप 2025 और एशियन एंड ओशिनिया चैंपियनशिप 2026 में ब्रॉन्ज़ जीतने के बाद अब कॉमनवेल्थ गेम्स में भी पदक हासिल कर उन्होंने संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल पेश की।