Patrakar Priyanshi Chaturvedi
भारत ने मलेरिया जैसी घातक बीमारी के खिलाफ एक अहम वैज्ञानिक उपलब्धि हासिल की है। वैज्ञानिकों ने देश का पहला स्वदेशी मलेरिया टीका ‘एडफाल्सीवैक्स (EdFalciVax)’ विकसित किया है, जो न सिर्फ संक्रमण को रोकने में मदद करेगा बल्कि बीमारी के फैलाव को भी कम करने में सक्षम बताया जा रहा है। यह टीका मलेरिया परजीवी प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम के खिलाफ प्रभावी पाया गया है।
इस टीके की खासियत यह है कि यह संक्रमण के शुरुआती चरण में ही परजीवी को ब्लॉक कर देता है, यानी रक्त में पहुंचने से पहले ही उसे रोकने की क्षमता रखता है। इसके अलावा यह मच्छरों के जरिए मलेरिया के ट्रांसमिशन को भी बाधित करता है। इसे सुरक्षित बैक्टीरिया लैक्टोकोकस लैक्टिस की मदद से तैयार किया गया है, जिसका इस्तेमाल दही और पनीर जैसे खाद्य पदार्थों के निर्माण में भी होता है।
यह स्वदेशी टीका ICMR और भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र (RMRC) के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किया गया है। शुरुआती परीक्षणों में इसे प्रभावी और सुरक्षित पाया गया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह टीका मौजूदा मलेरिया वैक्सीन की तुलना में बेहतर और अधिक किफायती विकल्प साबित हो सकता है, जो संक्रमण के साथ-साथ इसके प्रसार को रोकने में भी मदद
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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