5 साल बाद न्याय, रिश्वतखोर दारोगा की नौकरी गई
 Muzaffarpur, Justice after, 5 years, bribe-taking, inspector, loses job

बिहार पुलिस में भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुशवाहा ने दारोगा सदरे आलम को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह फैसला विभागीय जांच पूरी होने के बाद लिया गया, जिसमें उन्हें रिश्वतखोरी का दोषी पाया गया। यह कार्रवाई 2 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी गई है और आदेश संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया है।

 

पूरा मामला सितंबर 2021 का है, जब मुजफ्फरपुर में तैनात सदरे आलम ने एक महिला से उसके बेटे को मामले में राहत दिलाने के बदले 11,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के बाद पटना के निगरानी विभाग ने जाल बिछाकर उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान उन्होंने टीम पर पिस्तौल तानने की कोशिश भी की, जिससे मामला और गंभीर हो गया।

 

गिरफ्तारी के बाद जेल जाने और जमानत पर छूटने के बावजूद वे दोबारा नौकरी में लौट आए थे, लेकिन विभागीय जांच जारी रही। करीब पांच साल बाद आई रिपोर्ट के आधार पर उन्हें दोषी मानते हुए बर्खास्त कर दिया गया। DIG ने साफ कहा कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारी का विभाग में बने रहना न केवल जनता बल्कि ईमानदार पुलिसकर्मियों के लिए भी नुकसानदायक है।

Priyanshi Chaturvedi 3 April 2026

Comments

Be First To Comment....

Video
x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.