Patrakar Priyanshi Chaturvedi
एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनधारक फरवरी से महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं। मार्च खत्म होने के बावजूद नोटिफिकेशन अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन अप्रैल के पहले हफ्ते में DA बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। अनुमान है कि DA 58% से बढ़कर 61% हो जाएगा और यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएगी। इसका मतलब है कि जनवरी, फरवरी और मार्च तीनों महीनों का बकाया एकमुश्त मिलेगा।
अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 56,100 रुपये है, तो 58% DA के हिसाब से उन्हें 32,538 रुपये मिलते हैं। DA बढ़कर 61% होने पर यह 34,221 रुपये हो जाएगा। यानी हर महीने 1,683 रुपये की बढ़ोतरी होगी और तीन महीने का बकाया जोड़कर एकमुश्त 6,732 रुपये अतिरिक्त जेब में आ सकते हैं।
DA हाइक में देरी के कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, देरी कोई नीतिगत बदलाव नहीं है बल्कि प्रशासनिक कारणों से हो रही है। प्रमुख कारण हैं:
8वां वेतन आयोग – नया पे स्ट्रक्चर 1 जनवरी 2026 से लागू होना था, लेकिन अब 2027 तक टल गया है।
कैबिनेट की मंजूरी – 2–3% की बढ़ोतरी के लिए वित्त मंत्रालय और कैबिनेट की स्वीकृति जरूरी है।
CPI-IW के आंकड़े – महंगाई भत्ता उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के औसत पर तय होता है, इसलिए सटीक गणना में समय लगता है।
बकाया राशि का समन्वय – पिछली तारीख से लागू होने वाली DA के साथ सैलरी, पेंशन और भत्तों का तालमेल बिठाना होता है।
कितने लोग होंगे प्रभावित
करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 68 लाख पेंशनधारक इस बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने 2026-27 के बजट में पेंशन पर 2,96,214 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान लगाया है, जो पिछले साल से 3% अधिक है। DA की यात्रा देखें तो साल 2016 में यह सिर्फ 2% था और अब 58% पर पहुंच चुका है। बढ़ोतरी के बाद यह लगभग 61% हो जाएगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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