Patrakar Priyanshi Chaturvedi
भारत में निपाह वायरस के मामलों के सामने आने के बाद अब इसका असर पड़ोसी देशों तक दिखने लगा है। इसी कड़ी में म्यांमार सरकार ने संभावित खतरे को देखते हुए देशभर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। सरकार का कहना है कि वायरस की गंभीरता को हल्के में नहीं लिया जा सकता, इसलिए सीमाओं और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर निगरानी कड़ी कर दी गई है। भारत के प्रभावित इलाकों से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच अनिवार्य कर दी गई है ताकि संक्रमण को समय रहते रोका जा सके।
म्यांमार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों को उन क्षेत्रों की गैर-ज़रूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है जहां निपाह के मामले सामने आए हैं। जो यात्री ऐसे इलाकों से लौटे हैं, उन्हें 14 दिनों तक स्वयं निगरानी रखने और किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही वन्यजीव और पशुधन की निगरानी तेज कर दी गई है, खासकर चमगादड़ों और सूअरों में किसी भी असामान्य मृत्यु की तुरंत रिपोर्ट करने को कहा गया है।
संभावित मामलों से निपटने के लिए अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं और डॉक्टरों को मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। वहीं सरकार ने आम जनता से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को जमीन पर गिरे या कटे-फटे फलों के सेवन से बचने, हाथों की साफ-सफाई बनाए रखने और बीमार लोगों के संपर्क में आने पर मास्क पहनने की सलाह दी गई है। सरकार का साफ संदेश है कि सावधानी और जागरूकता ही निपाह वायरस से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.
Created By:
Medha Innovation & Development |