Patrakar Priyanshi Chaturvedi
अमेरिका और कनाडा के रिश्ते इन दिनों तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार कनाडा को लेकर विवादित बयान दिए हैं, जिसमें उन्होंने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात भी कही। इसके अलावा, ट्रंप ने कनाडा पर टैरिफ लगाने वाले पहले नेताओं में से एक होने के कारण दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में खटास आ गई है। हाल ही में विश्व आर्थिक मंच (WEF) में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने अमेरिका और ट्रंप पर टिप्पणी की थी, जिसके जवाब में ट्रंप ने कनाडा से ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का आमंत्रण वापस ले लिया।
ग्रीनलैंड में गोल्डन डोम प्लान को लेकर भी विवाद जारी है। ट्रंप कई बार ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्ज़े की बात कर चुके हैं, लेकिन इस मामले में कनाडा और अन्य देशों का विरोध है। कनाडा ने साफ किया है कि वह गोल्डन डोम के निर्माण के खिलाफ है, जबकि ट्रंप का कहना है कि यह डोम कनाडा की सुरक्षा में भी मदद करेगा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कनाडा चीन के साथ व्यापार को प्राथमिकता दे रहा है, और इसी वजह से वह भविष्य में “चीन द्वारा खा लिया जाएगा।”
ट्रंप का मुख्य नाराजगी का कारण कनाडा और चीन के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंध हैं। अमेरिकी टैरिफ के बाद कनाडा ने चीन के साथ व्यापारिक लेन-देन बढ़ा दिए, जिससे अमेरिकी बाजार पर असर पड़ने की संभावना है। अमेरिका और कनाडा सालों से बड़े व्यापारिक साझेदार रहे हैं, लेकिन ट्रंप की नीतियों के चलते दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में कमी आई है और कनाडा का झुकाव चीन की ओर बढ़ गया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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