Patrakar Priyanshi Chaturvedi
प्रयागराज में मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम तट पर भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। इसी दौरान ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के काफिले को पुलिस ने संगम की ओर बढ़ने से रोक दिया। पुलिस का कहना है कि भीड़ नियंत्रण के लिए मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है, इसी कारण शंकराचार्य के काफिले को भी आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई।
काफिले को रोके जाने के बाद पुलिस और शंकराचार्य के समर्थकों के बीच बहस बढ़ गई, जो बाद में तनाव में बदल गई। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने शंकराचार्य के शिष्यों के साथ अभद्रता और मारपीट की, तथा कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया गया। इस घटना से आहत होकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने संगम स्नान करने से इनकार कर दिया।
शंकराचार्य ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सहयोग की बात कही थी और लौटने के लिए भी तैयार थे, लेकिन पीछे हटते समय उनके संतों के साथ मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि संतों पर हाथ उठाना गलत है और इससे आक्रोश फैलना स्वाभाविक है। बताया गया कि पुलिस द्वारा उनकी पालकी को खींचते हुए संगम से लगभग एक किलोमीटर दूर ले जाया गया, जिससे पालकी को नुकसान भी पहुंचा। इस घटना के बाद मेला क्षेत्र में स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बनी रही।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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