Patrakar Priyanshi Chaturvedi
उत्तराखंड के हरिद्वार में हर की पैड़ी और आसपास के गंगा घाटों पर ‘अहिंदू प्रवेश निषेध क्षेत्र’ लिखे पोस्टर लगाए जाने से विवाद खड़ा हो गया है। हर की पैड़ी और गंगा घाटों का प्रबंधन करने वाली संस्था गंगा सभा ने मांग की है कि कुंभ मेला क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। गंगा सभा का कहना है कि यह प्रतिबंध केवल श्रद्धालुओं तक सीमित न रहे, बल्कि सरकारी विभागों, संस्थानों और मीडियाकर्मियों पर भी समान रूप से लागू होना चाहिए।
गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने बयान जारी कर कहा कि चाहे सरकारी विभाग हों, संस्थान हों या पत्रकार—कुंभ मेला क्षेत्र में हर की पैड़ी और गंगा घाटों पर किसी भी गैर-हिंदू को प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने जिला सूचना अधिकारी समेत अन्य विभागों के अधिकारियों से अपील की कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके विभागों में कार्यरत कोई भी गैर-हिंदू कर्मचारी हर की पैड़ी क्षेत्र में न पहुंचे। गौतम ने कहा कि 1916 में बने हरिद्वार नगर पालिका के उपनियमों में पहले से ही इन घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक का प्रावधान है।
गंगा सभा ने दावा किया कि हाल ही में दो युवक शेख के वेश में हर की पैड़ी पर घूमते और वीडियो बनाते देखे गए, जिससे माहौल खराब करने की आशंका जताई गई। नितिन गौतम ने कहा कि वेश बदलकर इलाके में घुसने की कोशिश किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने हर की पैड़ी और आसपास के घाटों पर स्पष्ट रूप से गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक वाले बोर्ड लगाने और प्रशासन से क्षेत्र की पवित्रता बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता बरतने की मांग की है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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