Patrakar Priyanshi Chaturvedi
हिमाचल प्रदेश में पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह के IAS-IPS अधिकारियों को लेकर दिए गए बयान से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मंत्री ने फेसबुक पोस्ट में कहा था कि उत्तर प्रदेश और बिहार से आए कुछ अधिकारी हिमाचल के हितों को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं और समय रहते उन्हें “काबू” नहीं किया गया तो राज्य को नुकसान हो सकता है। इस टिप्पणी के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
मंत्री के बयान पर IAS और IPS एसोसिएशन ने संयुक्त बयान जारी कर कड़ा ऐतराज जताया। संगठनों ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां अधिकारियों के बीच अनावश्यक विभाजन पैदा करती हैं और शासन-प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी किसी राज्य या क्षेत्र के नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की सेवा के लिए नियुक्त होते हैं। संगठनों ने सरकार से अपील की कि ऐसे बयानों को गंभीरता से लिया जाए और प्रशासनिक गरिमा की रक्षा की जाए।
ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विक्रमादित्य सिंह की टिप्पणी से असहमति जताते हुए अधिकारियों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अफसर सरकार की रीढ़ होते हैं और वे किस राज्य से हैं, यह मायने नहीं रखता। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि मंत्रियों को भी यह सीखना चाहिए कि अधिकारियों से कैसे काम लिया जाए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2016 के बाद से हिमाचल को नए IAS अधिकारी नहीं मिले
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.
Created By:
Medha Innovation & Development |