Patrakar Priyanshi Chaturvedi
चीन ने जम्मू-कश्मीर में शक्सगाम घाटी पर भारत के दावे को खारिज कर दिया है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि जिस इलाके का भारत जिक्र कर रहा है, वह चीन का है और चीन को अपने इलाके में इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का पूरा हक है। माओ ने बताया कि चीन और पाकिस्तान ने 1960 के दशक में अपनी सीमा तय करने के लिए समझौता किया था और दोनों देशों ने अपने अधिकारों के हिस्से के रूप में सीमाओं को चिन्हित किया।
चीन ने यह भी दावा किया कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) एक आर्थिक सहयोग परियोजना है, जिसका उद्देश्य स्थानीय आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना और लोगों की आजीविका में सुधार करना है। चीन ने इस परियोजना को क्षेत्रीय विकास और सहयोग के लिए जरूरी बताया।
भारत ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने 1963 के चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते और CPEC को कभी मान्यता नहीं दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शक्सगाम घाटी भारतीय क्षेत्र का हिस्सा है और यह समझौता और परियोजना अवैध एवं अमान्य हैं। भारत ने कहा कि पाकिस्तान का कब्जा जबरन और अवैध है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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