Patrakar Priyanshi Chaturvedi
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर बड़ा आरोप लगाया है। ED ने टीएमसी के आईटी हेड और पॉलिटिकल कंसल्टेंट फर्म I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और कार्यालय पर 8 जनवरी को हुई छापेमारी के दौरान कथित तौर पर हुई 17 आपराधिक घटनाओं की CBI जांच की मांग की है। एजेंसी का आरोप है कि रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, डीजीपी और कोलकाता पुलिस आयुक्त ने जांच में बाधा डाली और कानून व्यवस्था को प्रभावित किया।
ED ने अपनी याचिका में कहा है कि तलाशी के दौरान अहम दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के साथ जबरन छेड़छाड़ की गई, कुछ रिकॉर्ड अवैध रूप से उठा लिए गए और अधिकारियों को धमकाया गया। एजेंसी का दावा है कि ये दस्तावेज किसी राजनीतिक गतिविधि से नहीं, बल्कि अवैध कोयला खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस से संबंधित थे। ED ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि जब्त या छीने गए सभी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, स्टोरेज मीडिया और दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से सील किया जाए और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित की जाए।
गौरतलब है कि 8 जनवरी को ED ने कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के आवास और सॉल्टलेक स्थित I-PAC कार्यालय पर छापेमारी की थी। रेड के दौरान पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर और बाद में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और ED का आरोप है कि उसके अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराकर जांच को कमजोर करने की कोशिश की गई। वहीं, बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल कर बिना पक्ष सुने कोई आदेश न देने की मांग की है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप पर सभी की नजरें टिकी हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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