Patrakar Priyanshi Chaturvedi
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह नोटिस एक जनहित याचिका पर जारी किया गया है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून के एक प्रावधान को चुनौती दी गई है। CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अदालत इस संवेदनशील मुद्दे की जांच करेगी, इसी उद्देश्य से नोटिस जारी किया गया है।
याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि नए कानून का एक प्रावधान CEC और चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक कार्यों के लिए आजीवन नागरिक और आपराधिक कार्रवाई से छूट देता है। याचिका के मुताबिक, इतनी व्यापक सुरक्षा संविधान निर्माताओं ने न्यायाधीशों तक को नहीं दी थी, ऐसे में संसद को ऐसा विशेष संरक्षण देने का अधिकार नहीं है। इसे संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ बताया गया है।
मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि CEC और EC की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और CJI की समिति बनेगी। हालांकि, दिसंबर 2023 में संसद ने नया कानून पारित कर दिया, जिसमें चयन समिति से CJI को हटा दिया गया और उनकी जगह एक कैबिनेट मंत्री को शामिल किया गया। विपक्ष ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए आरोप लगाया कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ के फैसले को कमजोर कर रही है। अब इसी कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा हस्तक्षेप करते हुए जवाब तलब किया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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