Patrakar Priyanshi Chaturvedi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच सोमवार को गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में द्विपक्षीय वार्ता हुई। बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जर्मनी करीबी सहयोगी हैं, जिसका प्रमाण यह है कि आज भारत में 2000 से अधिक जर्मन कंपनियां काम कर रही हैं। यह भारत के प्रति जर्मनी के अटूट विश्वास को दर्शाता है। दोनों देशों के बीच नए समझौता ज्ञापनों (MoU) से रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और निवेश सहित कई क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि चांसलर मर्ज की यह यात्रा विशेष समय पर हो रही है—पिछले साल भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे हुए और इस वर्ष दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष मना रहे हैं। उन्होंने रक्षा व्यापार प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए जर्मनी का आभार जताया और कहा कि बढ़ता रक्षा-सुरक्षा सहयोग आपसी भरोसे और साझा सोच का प्रतीक है। साथ ही, वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर दोनों देशों की सहमति बनी।
वार्ता से पहले दोनों नेताओं ने अहमदाबाद के साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी को नमन किया और बाद में साबरमती रिवरफ्रंट पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल में साथ पतंग उड़ाई। आश्रम की गेस्ट बुक में चांसलर मर्ज ने लिखा कि गांधी की अहिंसा, स्वतंत्रता और मानव गरिमा में आस्था आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। पीएम मोदी ने हायर एजुकेशन रोडमैप का उल्लेख करते हुए जर्मन विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस खोलने का आमंत्रण भी दिया।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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