जमीन के बदले नौकरी केस में लालू परिवार पर शिकंजा
Bihar , Lalu family , under pressure ,  land-for-job case

 

जमीन के बदले नौकरी से जुड़े कथित घोटाले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व रेल मंत्री लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती, बेटे तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। कोर्ट के इस फैसले से यादव परिवार की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने अपने पद का दुरुपयोग किया और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया। अदालत के अनुसार, रेल अधिकारियों और करीबी सहयोगियों की मिलीभगत से यादव परिवार ने जमीनें हासिल कीं। इस मामले में कोर्ट ने 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं, जबकि 52 लोगों को बरी कर दिया गया है। सीबीआई की चार्जशीट में कुल 103 आरोपी नामजद थे, जिनमें से पांच की मृत्यु हो चुकी है।

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि 2004 से 2009 के बीच, जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तब पश्चिम मध्य रेलवे (जबलपुर) में ग्रुप-डी पदों पर नियमों को दरकिनार कर नियुक्तियां की गईं। ये नौकरियां उन लोगों को दी गईं जिन्होंने लालू यादव के परिवार या उनके करीबी लोगों के नाम जमीन ट्रांसफर की। सीबीआई का दावा है कि इन सौदों में बेनामी संपत्तियां भी शामिल थीं। अधिवक्ता अजाज अहमद के अनुसार, लालू यादव, मीसा भारती, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और हेमा यादव के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप तय किए जाएंगे।

Priyanshi Chaturvedi 9 January 2026

Comments

Be First To Comment....

Video
x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.