Patrakar Priyanshi Chaturvedi
चुनाव आयोग द्वारा 12 राज्यों में कराए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के पहले चरण के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव सामने आया है। 28 अक्टूबर 2025 से शुरू हुई यह मुहिम 2 महीने 11 दिन चली। SIR से पहले इन राज्यों में कुल 50.97 करोड़ मतदाता दर्ज थे, लेकिन सत्यापन के बाद यह संख्या घटकर 44.38 करोड़ रह गई। यानी करीब 6.59 करोड़ नाम ड्राफ्ट लिस्ट से हटा दिए गए, जो कुल मतदाताओं का लगभग 12.93 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला, जहां हर 100 में से करीब 19 वोटर्स के नाम कटे हैं, जबकि लक्षद्वीप में यह आंकड़ा सबसे कम रहा।
उत्तर प्रदेश में ड्राफ्ट लिस्ट से 2.89 करोड़ वोटर्स के नाम हटाए गए हैं। इनमें बड़ी संख्या मृत, डुप्लीकेट या स्थानांतरित मतदाताओं की बताई गई है। मध्य प्रदेश में 42.74 लाख और राजस्थान में 41.85 लाख वोटर्स के नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर हो गए हैं, जहां औसतन हर 13वां नाम कटा है। पश्चिम बंगाल में भी 58.20 लाख वोटर्स के नाम हटाए गए हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने साफ किया है कि यह अंतिम सूची नहीं है। जिन मतदाताओं के नाम कटे हैं, वे फॉर्म-6 या फॉर्म-7 के जरिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराकर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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