Patrakar Vandana Singh
मध्य प्रदेश के सीनियर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बुधवार को इंदौर में मीडिया के एक सवाल पर नाराज हो गए। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 10 लोगों की मौत और 150 से अधिक लोगों के बीमार होने के बाद मामला बेहद संवेदनशील बना हुआ है। इसी बीच जब मीडिया ने इस घटना को लेकर सवाल किया तो मंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “फोकट के सवाल मत करो” और अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया। इसके बाद वे वहां से चले गए। मंत्री के इस बयान के बाद मौके पर काफी देर तक हंगामा होता रहा और पूरे मामले ने सियासी रंग ले लिया। इससे पहले सुबह मंत्री विजयवर्गीय भागीरथपुरा पहुंचे थे, जहां उन्होंने पीड़ित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा भी दिया।
प्रशासन और कोर्ट हरकत में
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार शाम इंदौर पहुंचे और बीमा अस्पताल, डीएनएस व शेल्बी अस्पताल जाकर बीमार लोगों से मुलाकात की। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों को भरोसा दिलाया कि उन्हें बेहतर से बेहतर इलाज मिलेगा और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों और अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि इलाज में कोई कोताही न हो। वहीं इस मामले में हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार से 2 जनवरी तक स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश इंसानी ने जनहित याचिका दायर कर नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की थी, जिस पर कोर्ट ने त्वरित सुनवाई करते हुए सरकार से जवाब तलब किया है।
Patrakar Vandana Singh
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