Patrakar Priyanshi Chaturvedi
उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन में शनिवार रात श्रावण महोत्सव की तीसरी संध्या में लखनऊ के प्रो.जयंत खोत का शास्त्रीय टप्पा गायन,ग्वालियर के डॉ. सुनील पावगी का हवाईयन गिटार वादन व नईदिल्ली से पद्मश्री गीता महालिक के ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति हुई। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के 20 वे अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव का तीसरा रविवार था। एक प्रस्तुति अगले शनिवार को और होगी।
तृतीय संध्या की प्रथम प्रस्तुति का प्रारंभ प्रो.जयंत खोत ने राग यमन टप ख्याल ताल एकताल में विलंबित लय तुम तो अपरम्पार.........किया। उसके बाद राग यमन में ही द्रुत लय एकताल में जाने दे ओ बनवारी..... व शंकर डमरू बाजे रे......की प्रस्तुति के पश्यात राग खमाज में ताल रूपक टप्पा म्हारा जियरो रे........ की प्रस्तुति से समापन किया | आपके साथ तबला पर निशांत शर्मा व हारमोनियम पर नारायण काटे ने संगत की।
द्वितीय प्रस्तुति नई दिल्ली की पद्मश्री गीता महालिक के ओडिसी नृत्य की नृत्य की हुई। प्रस्तुति का प्रारंभ शिव तांडव व गंगा तरंग रमणीय जटाकलापम......से किया | इसके पश्चात पारंपरिक रस मंजरी की प्रस्तुति दी गई | जिसमे राधाकृष्ण व गोपियों की होली के दृश्य,रासलीला आदि को दर्शाया गया| प्रस्तुति का समापन दक्षिण भारत के राजा व कवि स्वाति तेरुनाल की कविता पर आधारित रामायणम् से किया गया | जिसमे श्री रामायण के प्रमुख प्रसंगों अहिल्या उद्धार, श्री राम-सीता विवाह, सीता हरण, सेतु निर्माण, व रावण वध आदि प्रसंगों पर प्रस्तुति दी गई | सुश्री महालिक के साथ संगीता मोहन्ती, टिक्कवल सोनी, माधुरी भौमिक नृत्यांगनाओं ने प्रस्तुति दी|
अंतिम प्रस्तुति ग्वालियर के डॉ. सुनील पावगी के हवाईयन गिटार वादन की हुई| पावगी ने अपनी प्रस्तुति का प्रारंभ राग मेघ में संक्षिप्त आलाप से किया तत्पश्चात जोड़ व झाला प्रस्तुत किया| प्रस्तुति को आगे बढाते हुए झपताल व तीनताल में दो गतो की प्रस्तुति के बाद राज मिश्रपीलू में धुन प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया | आपके साथ तबला पर पं. हितेंद्र दीक्षित व साहेब सिंह ने हवाईयन गिटार पर सहयोगी ने प्रभावशाली संगत की |
प्रारंभ में दीप प्रज्जवलन अतिथि प्रो. विजय कुमार सी.जे. (कुलगुरू महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन), नारायण यादव (उपाध्यक्ष मध्यप्रदेश कुश्ती संघ), आईजी उमेश जोगा ने किया। मंच संचालन शैफाली चतुर्वेदी द्वारा किया गया।
*02 अगस्त 2025 को खैरागढ़ के विवेक नवरे ने सरोद वादन , उषारानी बैश्य एवं जादाब बोराह के सत्रिया नृत्य की प्रस्तुति व उज्जैन के उर्वशी कुशवाह के कथक नृत्य की प्रस्तुति दी जायेगी।
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