Patrakar Priyanshi Chaturvedi
छतरपुर के नौगांव के सिविल अस्पताल में सरकारी तंत्र की बड़ी लापरवाही सामने आई है...तेज आंधी-तूफान से अस्पताल की लाइट चली गई... तब अस्पताल में लगे दो-दो जनरेटर में से एक भी काम नहीं कर पाए...डॉक्टर और नर्स अंधेरे में मोबाइल की टॉर्च की मदद से मरीजों का इलाज करते नजर आये...अस्पताल में शाम सात बजे तक न तो बिजली आई ना ही जनरेटर चालू हुए...
नौगांव के सिविल अस्पताल में तेज आंधी-तूफान के चलते दोपहर 3 बजे बिजली गुल हो गई... लेकिन अस्पताल में लगे दो-दो जनरेटर घंटों तक नहीं चल पाए.... पूरा अस्पताल चार घंटे तक अंधेरे में डूबा रहा...मरीज तड़पते रहे... डॉक्टर अंधेरे में मोबाइल की रोशनी से इलाज करते रहे...और नर्सें टॉर्च की मदद से इंजेक्शन लगाती रहीं...सिविल अस्पताल में शाम सात बजे तक न तो बिजली आई....और ना ही जनरेटर चालू हुआ..जनरेटर के ना चलने की वजह तकनीकी खराबी बताई गई..अस्पताल के वार्ड, ऑपरेशन कक्ष और इमरजेंसी रूम सब अंधेरे में डूबे रहे...मरीजों और उनके परिजनों की हालत ऐसी हो गई थी..जैसे उन्हें कोठरी में बंद कर दिया गया हो...डॉक्टर ने कहा बिजली नहीं है...मजबूरी में मरीजों को ऐसे ही देखना पड़ रहा है... मरीजों को छोड़ नहीं सकते...लेकिन रोशनी नहीं होने से जोखिम बढ़ जाता है...
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