Patrakar Priyanshi Chaturvedi
रीवा (मध्य प्रदेश), 31 दिसंबर 2024:
पिछले 48 घंटों से एक तेंदुआ मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर स्थित खातिलवार गांव में आतंक मचाए हुए है। इस तेंदुए ने गांव में हमला कर पांच लोगों को घायल कर दिया और उसके बाद खेतों और झाड़ियों में छिपकर सुरक्षा बलों को चुनौती दी। जबकि वन विभाग और पुलिस की टीम लगातार तेंदुए की तलाश कर रही थी, भाजपा के पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी ने खुद इस मामले में हस्तक्षेप किया और अपने हाथों में जाल लेकर तेंदुए की खोज शुरू की।
हमले के बाद का हाल:
यह घटना 27 दिसंबर को घटित हुई, जब 17 वर्षीय एक किशोर खेत में काम कर रहा था और तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। जैसे ही अन्य लोग उसे बचाने के लिए पहुंचे, तेंदुए ने उन पर भी हमला कर उन्हें घायल कर दिया। हमले के बाद तेंदुआ झाड़ियों में छिप गया, जिससे उसे पकड़ने की कोशिशें विफल हो गईं। घटना के बाद से गांव में डर का माहौल है, क्योंकि तेंदुए के इस तरह के हमले के बाद स्थानीय लोगों में डर बैठ गया है।
प्रशासन की नाकामी पर सवाल:
घटना के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए की खोज शुरू की, लेकिन 48 घंटे से ज्यादा वक्त गुजरने के बाद भी तेंदुआ पकड़ में नहीं आया। इस पर भाजपा के पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी ने प्रशासन की नाकामी को लेकर गुस्सा जाहिर किया और खुद अपने हाथ में जाल लेकर ग्रामीणों के साथ तेंदुए की सर्चिंग में जुट गए। उन्होंने कहा, "जब प्रशासन इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं निकाल पा रहा, तो मैंने सोचा कि मुझे ही आगे आकर इस पर काम करना चाहिए।"
ग्रामीणों का सहयोग:
श्यामलाल द्विवेदी के नेतृत्व में, स्थानीय लोग भी तेंदुए की खोज में जुट गए। विधायक ने कहा कि यह गांव के लिए एक विकराल समस्या बन चुकी है और जब प्रशासन सक्रिय नहीं है, तो उन्हें ही पहल करनी पड़ी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सुरक्षा बनाए रखें और तेंदुए की खोज में प्रशासन का सहयोग करें।
आगे की योजना:
पुलिस और वन विभाग की टीम अब तेंदुए की खोज में नए प्रयास कर रही है, और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि तेंदुआ सुरक्षित तरीके से पकड़ा जाए और स्थानीय लोगों की जान को खतरा न हो।
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