Patrakar Priyanshi Chaturvedi
प्रशासन की नीतियां धरी की धरी रह गई
कावड़ मेले को लेकर भले ही शासन-प्रशासन ने तमाम बैठकें की हो लेकिन सारी बैठकें धरी की धरी रह गई 4 जुलाई को कावड़ मेला शुरू होने वाला है लेकिन तक अभी सड़कों की हालत नहीं सुधरी है सड़कों पर बरसात का पानी भरा पड़ा है सड़क ख़राब होने की वजह से स्थानीय लोगों को ही इतनी दिक्कत हो रही है तो आप ही सोचिये ऐसी खराब पटरी पर कावड़िए कैसे चलेंगे स्थानीय लोगों का कहना है की...एक तरफ तो कावड़ियों पर पुष्प वर्षा की बात हो रही है वही दूसरी तरफ कावड़ियों के चलने के मार्ग की हालत खराब है शासन-प्रशासन सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करता हैं...काम कुछ नहीं करता है जब पैदल मार्ग ही ठीक नहीं है. तो पुष्प वर्षा करने का क्या औचित्य है स्थानीय निवासी पंडित अधीर कौशिक ने कहा की हरिद्वार आने वाला कावड़िया जैसे ही हरकी पौड़ी से गंगा जल भर कावंड़ पटरी की ओर बढ़ेगा तो सड़क पर बरसात का पानी भरा पड़ा है जिससे उसका पैदल चलना मुश्किल हो जाएगा शासन-प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए वही इस मामले को लेकर हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा की कोरोना के काल के बाद पहली बार मेले में कावड़िए बड़ी संख्या में आ रहे हैं जिनके स्वागत और व्यवस्थाओं के लिए कई घण्टो तक बैठके की गई है और सभी व्यवस्थाएं कर ली गई है ताकि किसी भी कावड़िए को असुविधा ना हो सांसद निशंक ने कहा की माना कि कुछ स्थानों पर कावड़ पटरी ठीक नहीं है .पर उसको जल्द ही युद्ध स्तर पर ठीक करा लिया जाएगा।
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