Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मरीजों को ले जाने के लिए भी रास्ता नहीं
उत्तराखण्ड का एक ऐसा गांव जहां आज तक सड़क का कोई नामो निशां नहीं है |ऐसे में गांव वालों को इलाज के लिए मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी खासा दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है। लेकिन आलम ये है कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक यहां सड़कों को बनाने का ऐलान कर चुके हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर अभी कुछ अमल में नहीं आया हैं। उत्तराखंड के मुनस्यारी में गांधीनगर गांव का आलम ये है कि यहां दूर दूर तक सड़कों का कोई नामोनिशान ही नहीं है। जिसका खामियाजा यहां के गांव वालों को भुगतना पड़ रहा है। ऐसे में कपड़े धुलते समय अचानक बेहोशी की हालत में मिली युवती अनीशा देवी को अस्पताल पहुंचाने के लिए कोई साधन न होने के कारण गांव वालों ने डोली के सहारे अनीशा को सड़क तक लाए। उसके बाद अस्पताल तक पहुंचाया। ऐसे में गांव वालों को रोज़ ऐसी समस्याओं से दो चार होना पड़ता है। वहीं यदि युवती को सही समय पर इलाज न मिलने पर उसे कुछ हो जाता तो क्या प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेता जबकि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक यहां सड़कों को बनाने का दावा कर चुके है। लेकिन इस समय अब इस मुद्दे पर सरकार और प्रशासन सब नदारद हैं।
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