पंडित निराला की कविताएं आज भी प्रासंगिक प्रो गौतम
satna, Pandit Nirala, poems are still relevant ,Prof. Gautam
सतना/चित्रकूट। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट द्वारा शुक्रवार को निराला जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नरेश चंद्र गौतम ने कहा कि पंडित निराला ने गद्य और पद्य में रचनाओं का सृजन कर शोषित और पीड़ितों के दर्द को उजागर किया है। पंडित निराला ने देश को आजादी दिलाने वाले संघर्ष में लगे लोगों को अपनी रचनाओं के माध्यम से पूरी निर्भीकता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। पंडित निराला की कविताएं आज भी प्रासंगिक हैं और समाज के लिए दिशा देने में सशक्त एवं सक्षम है। उन्होंने विद्यार्थियों का आवाहन किया कि उनकी रचनाओं और उनके व्यवहारिक जीवन से सीख लें। 
 
इस दौरान ग्रामोदय विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की अध्यक्ष डॉ कुसुम सिंह ने पंडित सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के जीवन तथा व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता कला संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर वाई.के सिंह ने की। हिंदी के विद्यावत प्राध्यापक द्वय डॉ ललित कुमार सिंह एवं डॉ राममूर्ति त्रिपाठी ने निराले अंदाज पर निराला की रचनाएं पढ़ी। तथा व्यवहारिक जीवन में उनकी उपयोगिता को रेखांकित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति द्वारा विद्या की देवी मां सरस्वती एवं सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के चित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर डॉ अजय चौरे एवं विश्व विद्यालय के विद्यार्थीयों की उपस्थिति रही। 
 
Dakhal News 31 January 2020

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