विशेष

बरसात का मौसम शुरू होते ही लोग बाहर घूमने जाने का प्लान करते हैं. कुछ लोग फैमिली के साथ जाते हैं, तो वहीं कुछ कपल्स इस मौसम में मजेदार ट्रिप करने की सोचते हैं. फिलहाल कुछ ही दिनों में सावन का महीना शुरू होने वाला है. आईआरसीटीसी टूर पैकेज ऐसे में अगर आप भी किसी ज्योतिर्लिंग का दर्शन करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है. बता दें कि आईआरसीटीसी एक स्पेशल और सबसे सस्ता टूर पैकेज लेकर आया है. इस टूर पैकेज में आप दो ज्योतिर्लिंग के दर्शन तो करेंगे ही साथ ही आपको दक्षिण भारत में कई सारी जगह भी घूमने को मिलेगी. आइए जानते हैं इस आईआरसीटीसी टूर पैकेज के बारे में.  दिव्य दक्षिण यात्रा विद ज्योतिर्लिंग आईआरसीटीसी हमेशा कुछ न कुछ अच्छा और यूनिक टूर पैकेज लेकर आता है. ऐसे में एक टूरिस्ट पैकेज आईआरसीटीसी इस बार लेकर आया है, जिसमें आप कन्याकुमारी, तंजावुर, त्रिवेंद्रम, रामेश्वरम, मदुरई,  तिरुवन्नामलाई, जैसी जगह पर घूम सकेंगे. यही नहीं बाकी जगह घूमने के साथ-साथ आप दो ज्योतिर्लिंग को भी पूरा कर लेंगे. कितने दिन का सफर भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के जरिए इस पूरे पैकेज की यात्रा की जाएगी. जिसकी शुरुआत हैदराबाद के सिकंदराबाद नगर से होगी. आईआरसीटीसी के इस दिव्य दक्षिण यात्रा विद ज्योतिर्लिंग के जरिए आप 8 रात और 9 दिन का सफर पूरा करेंगे. बता दे कि यह स्पेशल टूर 4 अगस्त 2024 से शुरू होने वाला है. इतना सस्ता टूर पैकेज इसलिए आप जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी अपनी बुकिंग करवा ले. इस टूर पैकेज का अमाउंट इतना सस्ता है, कि आप जानकर हैरान हो जाएंगे.  अगर आप इकोनॉमिक क्लास की टिकट बुक करते हैं, तो आपको सिर्फ 14,250 एक व्यक्ति को देना होगा. खाना, रहना सब फ्री इस पूरे टूर में आपका खाना, रहना, ब्रेकफास्ट सब कुछ इसी पैसे के अंदर आ जाएगा. अगर आप इस टूर पैकेज के साथ दक्षिण यात्रा का सफर करते हैं, तो इससे आपको कई फायदे होंगे. आप सावन के महीने में दो ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर लेंगे. साथ ही दक्षिण तरफ की कई जगहों को एक्सप्लोर करने का मौका भी आपको मिलेगा. यही नहीं इतने कम पैसे में आप खाना, रहना और घूमने सब कुछ इंजॉय कर सकते हैं. इस टूर पैकेज के जरिए जहां से आप बैठे हैं यह ट्रेन 9 दिनों का सफर पूरा करने के बाद वापस आपको उसी स्टेशन पर छोड़ देगी.  ऐसे करें बुकिंग अगर आपको भी यह टूर पैकेज पसंद आया है और आप भी दक्षिण यात्रा के लिए जाना चाहते हैं, तो 9281495845 या फिर 9701360701 इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. आप अगर चाहे तो आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट www.irctctourism.com पर जाकर इस टूर पैकेज के बारे में जानकारी ले सकते हैं.

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Dakhal News 22 July 2024

श्रावण मास की शुरुआत आज से सोमवार (22 जुलाई) से हो रही है. यह महीना भगवान शिव की आराधना करने का महीना माना जाता है. इस सोमवार को यानी 22 जुलाई 2024 को महादेव के जलाभिषेक के लिए भव्य नंदीश्वर कावड़ यात्रा इंदौर से शनिवार 20 जुलाई को रवाना हुई.इंदौर से रवाना होने वाली इस कांवड़ा यात्रा में हजारों की संख्या में बाबा महाकाल के भक्त शामिल हुए. यात्रा शनिवार 20 जुलाई को इच्छापुर महादेव मंदिर के सामने, महिंद्रा शोरूम के पास वाली गली से परंपरा अनुसार भगवान शिव की पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई.कावड़ यात्रा शनिवार (20 जुलाई) रात सांवेर में रात्रि विश्राम किया. इसके बाद रविवार सुबह सांवेर से उज्जैन के लिए रवाना हुई और श्रावण मास के पहले सोमवार को बाबा महाकाल का नर्मदा के पावन जल से अभिषेक करेगी.यात्रा में घोड़े- ऊंट और ढोल-ताशों के साथ अयोध्या स्थित राम लला की भव्य और दिव्य झांकियों को शामिल किया गया है. जिसने सभी को अपनी ओर आकर्षित किया. यात्रा में कावड़िये भगवा रंग की पोशाक में शामिल हुए नंदीश्वर कावड़ यात्रा के आयोजक और बीजेपी युवा मोर्चा प्रभारी धनंजय अनीत जैन ने बताया कि यह नंदीश्वर कावड यात्रा का तीसरा वर्ष है. इस बार यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई.उन्होंने बताया कि इंदौर स्किम नं 78 से उज्जैन महांकाल मंदिर तक लगभग 60 किलोमीटर तक पैदल कावड़ ले कर चले हैं. पूरी यात्रा के दौरान जगह- जगह पर आम जनता के जरिये कांवड़ियों का स्वागत किया गया.कावड़ियों के प्रति आम लोगों का प्रेम और श्रद्धाभाव देखकर वह भी उत्साह से भरपूर नजर आए. इस बार यात्रा की थीम इंदौर को ग्रीन इंदौर बनाने की रखी गई हैं. इस दौरान बम भोले के जयकारों के साथ माहौल भक्तिमय हो गया.बीजेपी युवा मोर्चा प्रभारी धनंजय अनीत जैन ने बताया कि इंदौर को स्वच्छ इंदौर बनाने के साथ, ग्रीन इंदौर बनाने के संकल्प के साथ हमने यात्रा प्रारंभ की. उन्होंने कहा कि इस दौरान यात्रा मार्ग पर लोगों को पौधे भेंट किए जाएंगे.

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Dakhal News 22 July 2024

राजनीति

सीतापुर में पौधरोपण कार्यक्रम में पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल नाराज हो गईं। उन्होंने अफसरों और विधायकों को फटकार लगाई। राज्यपाल ने कहा- मुझे इस व्यवस्था के बारे में पता होता तो सीतापुर कभी नहीं आती। आप लोग इतने बड़े-बड़े पौधे लेकर आए हैं, लेकिन उनको लगाने के लिए इतने छोटे-छोटे गड्ढे खोदे गए हैं। ये लापरवाही है। उन्होंने कहा- मैं डेढ़ घंटे का सफर करके सीतापुर आई हूं। मुझे पता होता तो यहां कभी नहीं आती। मंच से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यहां टीचर भी फोटो खिंचवाने के लिए आए हैं, उनको पता ही नहीं कि उनकी क्या जिम्मेदारी है। फोटो खिंचवाने के लिए मुझे भी बुला रहे हैं। दरअसल, जिले के खैराबाद इलाके में स्थित सेना की जमीन मद्रास रेजीमेंट में पौधरोपण कार्यक्रम था। इसमें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया। कार्यक्रम के दौरान आसपास की सीटों के 4 विधायक, डीएम और भाजपा के सीनियर नेता मौजूद रहे। जो अच्छा काम नहीं करता, उसको मैं डांट जरूर लगाती हूं आनंदीबेन पटेल ने कहा- कार्यक्रम से पहले जो लोग मुझसे मिलने आए थे, तो मैंने पहले ही कहा था कि कैसे पौधरोपण करना है। फिर भी ऐसा कार्यक्रम है। उन्होंने कहा- मेरी आदत है कि जो अच्छा काम नहीं करता है, उसको डांट जरूर लगाती हूं। पता होता तो मैं सीतापुर ही नहीं आती राज्यपाल ने कहा कि पुलिस अफसर, प्रशासन और सेना सहित वन विभाग के अफसर मौजूद हैं। किसकी जिम्मेदारी है। हमारे विधायक लोग भी मौजूद हैं। आप लोगों को देखना चाहिए कि कैसे काम हो रहा है। मुझे पता है कि यह सब कुछ सुबह प्रेस में आएगा, लेकिन सेना के मैदान पर हुए इस कार्यक्रम में अफसर और नेताओं ने बड़ी लापरवाही बरती है। मुझे इस व्यवस्था के बारे में पता होता तो सीतापुर नहीं आती। बच्चों को प्रेरित करने की थी जरूरत राज्यपाल ने कहा कि जिस तरह से हमारे बच्चों को प्रेरित करने की जरूरत थी। मुझसे जो लोग मिलने आए थे। मैंने उनसे इसकी लंबी चर्चा की थी। कैसे पेड़ को सलाम करना चाहिए, कैसे पेड़ लगाना चाहिए। सभी अधिकारी यहां उपस्थित हैं। यह जिम्मेदारी हमारे लोगों की है। यहां पर ऐसे खड्डे खोदे गए हैं। इतने बड़े पेड़, और इतना छोटा गड्ढा खोदा गया है। क्या हम लोगों को पता नहीं है। वन विभाग की यह जिम्मेदारी होती है। कहां गया वन विभाग जो यह सब करता है। इससे अच्छा तो मैं नहीं आती इधर। सेना के जवान इधर हैं, होमगार्ड इधर हैं, पुलिस अधिकारी मौजूद हैं, वन विभाग मौजूद है, एनएस और एनसीसी के स्टूडेंट हैं यहां। फिर भी इधर ऐसा काम हो रहा है। मां को याद करके पेड़ लगाना था। बच्चों को भी पता नहीं कैसे पेड़ लगाना है। उनको भी सिखाना था। लेकिन यहां पर कुछ नहीं हुआ। मैं आपको माफ नहीं करुंगी। इतनी लापरवाही मैंने कही नहीं देखी। हम किस लिए आते हैं। ऐसे कार्यक्रम क्यों होते हैं। यहां सब फोटो खिंचाने के लिए तैयार राज्यपाल ने कहा- सब फोटो खिंचाने के लिए तैयार, टीचर्स भी फोटो खिंचाने के लिए मैडम इधर आओ मैडम इधर आओ... क्या मैं फोटो खिंचवाने के लिए इधर आई हूं। दूसरा ये सेना का कक्ष था, इसी वजह से मुझे लगा कि एक अच्छा कार्यक्रम वहां होगा। आपने बच्चों को फलदार पौधा दिया, कहां लगाएंगे, वे क्यों लगाएंगे। लेकिन जहां लगाएंगे, वहां मां के नाम से लगाएंगे। मैंने एक सूचना सीएम साहब को दी है, जहां भी आप ये कार्यक्रम करते हो, वहां कोई न कोई भारत की विशिष्ट मां के नाम से गार्डन होना चाहिए। गार्डन का नाम भी बनाना चाहिए, जहां हजार पेड़ लगें। कार्यक्रम में विधायक सेवता ज्ञान तिवारी, विधायक महोली शशांक त्रिवेदी, विधायक महमूदाबाद आशा मौर्य, विधायक मिश्रिख रामकृष्ण भार्गव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रद्धा सागर, जिलाध्यक्ष भाजपा राजेश शुक्ला, डीएम अभिषेक आनंद, एसपी चक्रेश मिश्रा सहित वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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Dakhal News 22 July 2024

इंदौर में रामचंद्र नगर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अचानक अपना काफिला रुकवाया। वहां एक भुट्टे ठेले पर भुट्टे खाए। भुट्टे का ठेला लगाने वाली बुजुर्ग महिला से चर्चा की, सरकारी योजनाओं की जानकारी ली। अधिकारियों को बुलाकर महिला का पता नोट करने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का निर्देश दिया दरअसल, सीएम मोहन यादव ने रविवार को इंदौर के रामचंद्र नगर चौराहे पर अपने काफिले को रुकवा दिया। वहीं चौराहे पर एक भुट्टे की दुकान पर रुककर सीएम महिला से बात करने लगे। इस नजारे को देखकर हर कोई हैरान रह गया। भुट्टे वाली महिला का नाम सुमन पाटीदार था। उससे सीएम ने बातचीत की और उसकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। सुमन पाटीदार ने भी खुलकर अपनी परेशानियां सीएम को बताई। महिला ने कहा कि सीएम गरीब के ठेले पर भुट्टा पर खाने आए मैं बहुत खुश हूं। पहली बार ऐसा हुआ है। इसके पहले निकाला था गन्ने का रस सीएम ने सुमन पाटीदार की बात सुनकर कलेक्टर को आदेश दिया कि इनकी समस्या का तुरंत निराकरण हो। सीएम ने उस ठेले से एक भुट्टा भी खरीदा। बता दें कि सीएम के इस कदम की चारों तरफ सराहना हो रही है। सीएम के इस कदम से यह नजर आता है कि वह जनता की समस्याओं को लेकर कितने गंभीर हैं। यह पहली बार नहीं है जब सीएम ने अपना काफिला रुकवाकर लोगों का हाल चाल जाना है। इससे पहले भी चुनावी सफर के दौरान उन्होंने गर्मी के मौसम में गन्ना बनाने वाली दुकान पर पहुंचकर खुद गन्ने का रस निकाला था।

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Dakhal News 22 July 2024

मीडिया

छतरपुर: बागेश्वरधाम में भी दुकानदारों को अपनी दुकान के बाहर नेम प्लेट लगानी पड़ेगी, जिसमें इस बात का जिक्र करना होगा कि वह दुकान किसकी है। खुद बागेश्वर धाम सरकार के नाम से प्रसिद्ध धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ये बात कही है।  धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने क्या कहा? धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि दुकानदारों को दस दिन के अंदर दुकान के बाहर नेम प्लेट लगानी पड़ेगी। शास्त्री ने कहा कि न हमें राम से दिक्कत है, न रहमान से दिक्कत है। हमें कालनेमियों से दिक्कत है। धीरेंद्र ने कहा कि नाम बताने में कोई दिक्कत नहीं है, आप जो हो, वो अपनी नेम प्लेट में बाहर टांग दो। धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं का धर्म भ्रष्ट न हो, यह मेरी आज्ञा है, नहीं तो कानूनी कार्यवाही की जाएगी। अपने बाप को बाप कहना चाहिए दूसरे के बाप को नहीं: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हालही में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि दुकानों के बाहर नाम लिखना अच्छा काम है। उन्होंने सरकार के उस फैसले का स्वागत किया और साधूवाद दिया था, जिसमें दुकान के मालिकों से उनका पूरा नाम दुकान के बाहर लिखने के लिए कहा गया है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था, 'हमें अपने बाप को बाप कहना चाहिए, दूसरे के बाप को अपना बाप नहीं, सच सामने आना चाहिए। नाम लिखने मे क्या तकलीफ है।'

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Dakhal News 22 July 2024

मध्य प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता, पूर्व मंत्री और पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह  की मुश्किलें खत्म नहीं होने का नाम ले रही हैं. प्रदेश के भिंड जिले के लहार स्थित मकान को अतिक्रमण बताने की प्रशासनिक कार्रवाई वाले मामले में उन्हें राहत मिलती नजर नहीं आ रही है. उनके द्वारा मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर खण्डपीठ में दायर रिट अपील में भी कोर्ट से उन्हें कोई राहत नहीं मिली है. हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा है. वहीं उनकी कोठी के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है. जबकि डॉ सिंह ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है. जानिए आखिर क्या था पूरा मामला पूरा मामला जिला भिंड के लहार के मझतोरा चौराहे के पास बनी पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह की कोठी से जुड़ा हुआ है. इस कोठी को लेकर आरोप है कि यह कोठी सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई गई है. इस मामले में 15 जुलाई को राजस्व निरीक्षक ने सीमांकन के लिए डॉ गोविंद सिंह को नोटिस जारी किया था. संभावित कार्रवाई की आशंका से गोविंद सिंह के बेटे अमित प्रताप ने हाईकोर्ट की एकल पीठ में याचिका दायर कर कोठी तोड़े जाने की आशंका जताई थी. हाईकोर्ट का कहना था कि नोटिस में सिर्फ सीमांकन की बात थी, गोविंद सिंह के परिवार को भी वहां मौजूद रहने को नोटिस में कहा गया था. इसलिए हाईकोर्ट का हस्तक्षेप फिलहाल इस याचिका में नहीं किया जा सकता. यह कहते हुए हाईकोर्ट ने डॉ गोविंद सिंह के बेटे की याचिका को खारिज कर दिया था. इसके खिलाफ डीबी में रिट अपील में सिंगल बेंच केन कोर्ट के आदेश को फिर चुनौती दी गई. इस पर भी डिवीजन बेंच ने डॉ गोविंद सिंह को कोई राहत नहीं दी है.हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए ये कहा डॉ गोविंद सिंह ने भिंड जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक अंबरीश शर्मा पर आरोप लगाया है कि सरकार उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है और उनका मकान तोड़ने पर आमादा है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सत्ता पार्टी के दवाब में हमारा मकान तोड़ने पर आमादा है. डॉ सिंह ने कहा कि दो दिन की जांच में टीम को चिन्ह नहीं मिला अब पता चला कि वह सेटेलाइट के गलत नक्शे के आधार पर प्रशासन हर हाल में मकान तोड़ने पर आमादा है. बदले की भावना से की जा रही है कार्रवाई डॉ सिंह ने कहा कि मकान के लिए हमने जमीन खरीदी है और सभी से रजिस्ट्री करवाई थी. फिर भी अगर उन्हें लगता है कि हमने कुछ गलत किया है तो हमें नोटिस दें. अगर गलत होगा तो हम खुद अपने हाथों से तोड़ लेंगे. उन्होंने कहा स्थानीय विधायक चुन - चुनकर हमारे कार्यकर्ताओं को टारगेट कर रहे हैं और उन्हें जेल में डलवा रहे हैं. अब हमारा मकान तोड़कर हमें अपमानित करने का काम कर रहे हैं.   

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Dakhal News 22 July 2024

समाज

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में छह नाकाबपोश बदमाश एक शेल्टर होम की चारदीवारी फांदकर घुस गए और वहां से 17 वर्षीय एक लड़की को किडनैप कर लिया. बदमाश केंद्र में तब घुसे जब वहां मौजूद महिला गार्ड सो रही थीं. पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश रेनवाल ने बताया कि यह घटना शनिवार देर रात करीब दो बजे शहर के कम्पू इलाके में स्थित शेल्टर होम में हुई. उन्होंने बताया कि वन-स्टॉप सेंटर (सरकार द्वारा प्रायोजित सुविधा जो हिंसा प्रभावित महिलाओं को आश्रय प्रदान करती है) में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में छह नकाबपोश व्यक्ति परिसर में घुसते हैं और एक नाबालिग लड़की को अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिए. अधिकारी ने पीटीआई न्यूज एजेंसी को बताया कि इस घटना के संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है. पहले भी गायब हुई थी लड़की उन्होंने बताया कि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या शेल्टर होम के कुछ कर्मचारियों की बदमाशों के साथ मिलीभगत थी. पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में शेल्टर होम के प्रवेश द्वार पर मुख्य महिला गार्ड सोती हुई दिखी. यहां से पहले भी क‍िशोरी भाग चुकी है. नाबालिग लड़की के लापता होने पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया था. उसे थाटीपुर पुलिस ने बरामद कर लिया था, इसके बाद उसने अपने स्वजनों के साथ जाने से इंकार कर दिया था. इसके चलते उसे बालिका गृह में भेजा गया था. दरअसल, बालिकाएं अलग-अलग कमरों में सो रही थीं रात करीब 1.40 बजे छह नकाबपोश युवक शटर का ताला खोलकर अंदर घुस गए. यहां नाबालिग लड़की के पास पहुंचे और उसे साथ लेकर चले गए. सीसीटीवी फुटेज में एक युवक उसका हाथ पकड़कर बाहर लाता दिख रहा है. जब यह लोग भाग गए तब रात में हड़कंप मच गया. बालिका गृह से पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस ने इस मामले में एफआइआर दर्ज कर ली है.

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Dakhal News 22 July 2024

स्विट्जरलैंड का दूल्हा, जर्मनी की दुल्हन, स्पेन में मुलाकात, हिंदुस्तान में शादी… जी हां और सबसे खास बात, इस शादी में चंबल वाले बाराती बने. मध्य प्रदेश के शिवपुरी में हुई ये अनूठी शादी इन दिनों खूब चर्चा में है. सात समुंदर पार से आकर इस विदेशी जोड़े ने हिंदू रीति रिवाज से देसी स्टाइल में विवाह रचाया है. इस अनोखी जोड़ी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे. लोगों ने विदेशी कपल को न सिर्फ शादी, बल्कि आगे के जीवन के लिए भी शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया. इस शादी में डीजे था, बैंड-बाजे थे, घोड़ा-बग्गी थी, रोड लाइट थी और इन सब तमाम इंतजाम के बीच इनका हौसला बढ़ाने के लिए चंबल के लोग भी थे. जिन्होंने नाच गाकर बारात में शामिल होकर विवाह के उत्साह को चार गुना बढ़ा दिया. वहीं, इसके बाद दावत देने के लिए रिसेप्शन भी रखा गया था. आध्यात्मिक गुरु बने प्रेरणास्रोत स्विट्जरलैंड के मार्टिन और जर्मनी की उलरिके वैदिक सनातन परंपरा के पाणिग्रहण संस्कार द्वारा परिणय सूत्र में बंधे. दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, शादी में शामिल होने आए शिवपुरी के लोगों ने पुष्प वर्षा और अक्षत डालकर दोनों को आशीर्वाद दिया. यह शादी नक्षत्र गार्डन में संपन्न हुई. देश के जाने-माने आध्यात्मिक गुरु डॉ. रघुवीर सिंह गौर इस शादी के प्रेरणा स्रोत रहे. स्पेन में हुई थी पहली बार मुलाकात ज्यूरिक निवासी 45 साल के मार्टिन पेशे से लीगल ऑडिट कंपनी में अधिकारी हैं. वह गुरु रघुवीर सिंह से पांच साल से संपर्क में हैं. फिर वह गुरुजी के दर्शन करने भारत आने लगे. जर्मनी के म्यूनिख शहर की उलरिके 48 साल की हैं. वह पेशे से नर्स हैं. दोनों की पहली मुलाकात एक यात्रा के दौरान स्पेन में हुई थी. बाद में दोनों में फोन पर बातें होती रहीं और दिल मिल गए. मार्टिन गुरुजी के सानिध्य में शादी करना चाहते थे. टीवी पर देखी हिंदू रीति रिवाज से शादी उलरिके ने बताया कि मैं सोशल मीडिया के जरिए गुरुजी से जुड़ी. मैंने भारत के बारे में जाना, उनके आध्यात्मिक प्रवचनों से प्रेरित हुई. भारतीय संस्कृति में रुचि बढ़ी, टीवी पर हिंदू रीति से शादी देखी. गुरुजी के माध्यम से मार्टिन से स्पेन में छुट्टियों में मुलाकात हुई और प्रेम हो गया. गुरुजी ने शादी को अंजाम तक पहुंचाया. शादी चर्च में उचित नहीं लगी मार्टिन का कहना है कि मेरी मुलाकात उलरिके से स्पेन में हुई. गुरुजी से पांच साल से जुड़ा हूं, भारत आकर उनसे मुलाकात की. शादी के समय तीसरी बार भारत आया हूं. मुझे शादी चर्च में उचित नहीं लगी, मेरे लिए सबसे ज्यादा जरूरी गुरुजी का आशीर्वाद था. उनसे मेरी शादी के लिए बातचीत हुई तो उन्होंने भारतीय संस्कृति के बारे में बताया, जिससे मैं प्रभावित हुआ और हिंदू परंपरा से शादी करने को तैयार हो गया. लड़का-लड़की ने भारत आकर प्रेम विवाह किया इस शादी को कराने वाले शक्तिपात के विशेषज्ञ डॉ. रघुवीर सिंह गौर ने बताया मार्टिन खुद योग गुरू हैं, ये मुझसे प्रभावित हुए. भारत आकर मुझसे मिले. लड़की भी मिलने आई, यहां के जीवन को लेकर चर्चा होती थी तो ये सोलह संस्कार से प्रभावित हुए. इनका ये प्रेम विवाह है. इन्हें परिणय संस्कार अच्छा लगा, क्योंकि इसकी साक्षी अग्नि होती है. चूंकि, इन्होंने मुझे गुरु मान लिया था, इसलिए वैदिक हिंदू रीति से मेरे सानिध्य में शादी की.  

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Dakhal News 22 July 2024

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सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल बीते महीने की शादी के बंधन में बंधे हैं. शादी को एक महीना हो गया है और ये कपल सुर्खियों का हिस्सा बना हुआ है. सोनाक्षी-जहीर शादी के बाद से जब भी कहीं स्पॉट होते हैं तो एक्ट्रेस की प्रेग्नेंसी की खबरें सामने आने लगती हैं. एक बार फिर सोनाक्षी की प्रेग्नेंसी की खबरें सामने आ रही हैं. सोनाक्षी पति जहीर के साथ रेस्टोरेंट के बाहर स्पॉट हुए थे. जहीर इस दौरान पत्नी सोनाक्षी का खास ध्यान रखते हुए नजर आए. सोनाक्षी की ड्रेस देखने के बाद कई लोग कह रहे हैं कि एक्ट्रेस प्रेग्नेंट हैं क्या सोनाक्षी और जहीर रेस्टोरेंट से बाहर निकल रहे थे. इस दौरान सोनाक्षी बहुत संभलकर चलती हुई नजर आईं और जहीर भी उनका खास ध्यान रख रहे थे. उन्होंने पत्नी के लिए कार का गेट भी खोला. इस वीडियो पर कई लोग कमेंट कर रहे हैं.   प्रेग्नेंसी को लेकर किए कमेंट एक यूजर ने लिखा-ये भी प्रेग्रेंट हो गई क्या. एक ने लिखा- ये भी प्रेग्नेंट होने वाली है. एक ने लिखा- लेजेंड इस ड्रेस को नोटिस कर लेंगे. सोनाक्षी इस दौरान पैपराजी से पूछती हैं कि आज तुम लोग इतना शांत कैसे हो. इसके जवाब में एक ने लिखा- शांत नहीं हैं ड्रेस देखकर शॉक्ड हैं. एक ने लिखा- ये प्रेग्नेंट है पक्की बात. एक यूजर ने लिखा- ये ड्रेस एक्ट्रेसेस तभी पहनती हैं जब वो प्रेग्नेंट होती हैं. बता दें अनुष्का शर्मा ने जब अपनी प्रेग्नेंसी की अनाउंसमेंट की थी उस फोटो में उन्होंने ब्लैक पोल्का डॉट ड्रेस ही पहनी थी. उसके बाद कई एक्ट्रेसेस प्रेग्नेंसी में पोल्का डॉट ड्रेस पहने नजर आईं हैं. अब सोनाक्षी को पोल्का डॉट ड्रेस में देखकर लोग कयास लगा रहे हैं कि एक्ट्रेस प्रेग्नेंट हैं. बता दें सोनाक्षी और जहीर 23 जून को शादी के बंधन में बंधे हैं. इस कपल ने दोपहर में इंटीमेट वेडिंग की थी और शाम को ग्रैड रिसेप्शन होस्ट किया था. जिसमें 1000 लोगों को इनवाइट किया गया था.

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Dakhal News 22 July 2024

विक्की कौशल की फिल्म 'बैड न्यूज' थिएटर्स में धमाल मचा रही है. फिल्म 19 जुलाई को थिएटर्स में रिलीज हुई थी और पहले दिन से ही बॉक्स ऑफिस पर दमदार कमाई कर रही है. विक्की कौशल के लिए उनकी ये रोम-कॉम फिल्म काफी लकी साबित होती दिख रही है. पहले दिन की कमाई के साथ बेस्ट ओपनर का खिताब नाम करने के साथ ही 'बैड न्यूज' कई रिकॉर्ड कायम कर रही है.  सैकनिल्क की रिपोर्ट पर नजर डालें तो 'बैड न्यूज' ने पहले दिन 8.3 करोड़ की ओपनिंग ली. इससे पहले विक्की कौशल की किसी फिल्म ने इतनी अच्छी ओपनिंग नहीं की थी. दूसरे दिन फिल्म ने 10.25 करोड़ रुपए का बिजनेस किया और तीसरे दिन 11.15 करोड़ की दमदार कमाई की. अब 'बैड न्यूज' के चौथे दिन के शुरुआती आंकड़े भी सामने आ गए हैं जिसके मुताबिक फिल्म ने अब तक 1.17 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है.सैम बहादुर का रिकॉर्ड तोड़ा 'बैड न्यूज' का बजट कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 75-80 करोड़ रुपए बताया जा रहा है. महज चार दिन में घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 'बैड न्यूज' ने कुल 30.87 करोड़ रुपए कमा लिए हैं. इसी के साथ विक्की कौशल ने अपनी आखिरी हिट फिल्म सैम बहादुर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. दरअसल 1 दिसंबर 2023 को रिलीज हुई फिल्म सैम बहादुर ने चार दिन में बॉक्स ऑफिस पर 29.05 करोड़ रुपए का बिजनेस किया था. बैड न्यूज': डायरेक्टर और स्टार कास्ट धर्मा प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म 'बैड न्यूज' को आनंद तिवारी ने डायरेक्ट किया है. ये एक रोमांस-कॉमेडी फिल्म है जिसमें विक्की कौशल के अलावा एक्ट्रेस तृप्ति डिमरी और एमी विर्क लीड रोल में हैं. इसके अलावा नेहा धूपिया, शीबा चड्ढा और फैसल राशिद भी अहम भूमिकाएं अदा करते नजर आए हैं.

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Dakhal News 22 July 2024

दखल क्यों

एस. पण्डित उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की मीडिया जगत में एक नई क्रांति देखने को मिल रही है जहाँ डबल इंजन रूपी पत्रकारिता के दो संगठनो द्वारा मुस्लिम बेरोजगारों को पत्रकारिता क्षेत्र के ग्लैमर में नया रूप देकर ढाला जा रहा है, अंडे वाले, चाय वाले, मोटर मैकेनिक, ज़रदोज़ी चिकनकारी, कबाड़ी, जिम ट्रेनर, फोटोजीवी, रील मेकर,बर्तन बेचने वालों को एक ऐसा स्टार्टअप दिया गया है जिसमें ना सिर्फ ग्लैमर है बल्कि उनके दो पहिया वाहन पर शक्तिशाली और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का प्रेस जैसा निशान लग जाता है। जिस वर्दीधारी पुलिसकर्मी को देखकर अपना मुंह छुपाते थे अब उसी के साथ पुराने लखनऊ की गलियों से सेल्फी लेकर समाज में अपना मान सम्मान और रुतबा झाड़ते फिरते हैं, ऐसे ही डबल इंजन के संगठन द्वारा विकसित किया गया नमूना सुप्पा कब्रिस्तान पर अनाधिकृत रूप से कब्जा करके बनाई गई साइकिल, मोटरसाइकिल मरम्मत की दुकान से निकला, कल तक जिसका काम था गाड़ियों की मरम्मत करके अपना रोजगार चलाना और अपनी मिस्त्रिगिरी के चलते उसको अवैध रूप से दारुलशफा में कब्जा जमाए बुजुर्ग पत्रकार का साथ मिलते ही पत्रकार का मिल गया तमगा।डबल इंजन के संगठनो की आड़ में चल रही दुकान को मिस्त्री की गाड़ी का सहारा मिलते ही दुकान के पहिये लग गए और मिस्त्री का प्रमोशन पत्रकार के रूप में हो गया। संगठनो की दुकान में कार का सारथी बनते ही मिस्त्री ने रफ्तार पकड़ ली और गूगल टाइप से मिले ज्ञान ने मिस्त्री को स्वंयभू वरिष्ठ पत्रकार बना दिया और उम्र के आखिरी पड़ाव के नौजवानी को मात करते नेताजी ने जिन फर्ज़ी प्रपत्रों पर अपनी वरिष्ठ पत्रकार की मान्यता सूचना विभाग से कराई थी उसी पैतरेबाजी से अपने ही परिवार के अखबार से नियमविरुद्ध जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार का प्रमाण पत्र भी मिस्त्री को उपलब्ध करा दिया। सूत्रों की मानें तो इस मान्यता के लिए मिस्त्री को अवैध रूप से कब्जाई सुप्पा कब्रिस्तान की दुकान का सौदा करके 50000 की मिली धनराशि का नजराना भेंट स्वरूप डबल इंजन के संगठन को ईंधन के रूप में चढ़ाया गया और यह पहला मौका नहीं था जब डबल इंजन के संगठन के परिवार द्वारा संचालित समाचार पत्र से किसी को जिले की मान्यता दिला कर माल पकड़ा गया हो, इससे पूर्व भी एक महिला पत्रकार को अपने जाल में फंसा कर जिले की मान्यता देकर शोषण की कहानी सूचना विभाग से लेकर लखनऊ शहर के हर पत्रकार की जुबान पर है। डबल इंजन के संगठन के काम करने का तरीका भी ग्लैमर से भरा हुआ है, नामचीन समाजसेवी और प्रतिष्ठित होटल स्वामी के विरुद्ध आरटीआई एक्टिविस्ट से आरटीआई लगवाकर उनको डराने का काम किया जाता है और फिर अपने दोनों एक्टिविस्ट को रॉयल पकवान खिलवाकर समझौता करा दिया जाता है और प्रतिष्ठित होटल मालिक पर अपना प्रभुत्व जमाते हुए दुकान बढ़ाने के काम में लाया जाता है और फ्री का मॉल उड़ाते हुए अपनी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर लहरा दिया जाता है। शासन-सत्ता मेरे हाथ की कठपुतली, मेरी मान्यता के लिए मेरे अपने नियम डबल इंजन के संगठन द्वारा दुकान बढ़ाने के लिए पुराने लखनऊ के कुछ ऐसे मुस्लिम नौजवानों को पकड़ा है जो किसी अन्य काम धंधे में लिप्त हैं और उनको पत्रकारिता का ग्लैमर दिखाकर जिले की मान्यता का लालच देकर सरकारी दारुलशफा का भौकाल दिखाया जाता है और जन्मदिन मरण दिन जैसे कार्यक्रमों में सेल्फी और रील बनाना सिखाया जाता है। फोटोजीवी डबल इंजन संगठन के कर्ताधर्ता मुस्लिम नौजवानों को चलने, हाथ हिलाने और रील रेल बनाने की ट्रेनिंग देकर सम्मान समारोह में ले जाकर सम्मानित करवाने के नाम पर शुल्क वसूलते है।

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Dakhal News 22 July 2024

हिमालय के पावनतम शिखरों में से एक केदारनाथ की तराई में ही ऋषि अग्निहोत्र का आश्रम था। वर्षों की अखंड समाधि के बाद ऋषिवर अभी-अभी शिवरात्रि की पुण्य वेला में हिमालय से उतरकर अपने आश्रम को लौटे थे। उनके धवल, उन्नत व सौष्ठव शरीर की कांति देखते ही बनती थी। ऐसा लगता था मानो भूतभावन भगवान भोलेनाथ स्वयं ऋषि रूप में अपने भक्तों पर, शिष्यों पर अपना अनुग्रह बरसाने आए हों। उनके रोम-रोम से एक अजस्त्र ज्योतिधारा बहे जा रही थी और उस धारा में बहे जा रहे थे वे सौभाग्यशाली ऋषि कुमार, शिष्य गण जो लंबी प्रतीक्षा के बाद अपने आराध्य के दर्शन कर रहे थे एवं उनका सान्निध्य पा रहे थे। उनके पद्मनाभ से पद्म की अलौकिक सुगंध पूरे आश्रम परिसर में फैल रही थी। उनके नेत्रों से मानो तप की अग्नि ज्योति बनकर बह रही थी और सभी ऋषि कुमारों को आनंदित, आह्लादित व पुलकित किए जा रही थी। योग शास्त्रों में वर्णित योगसिद्ध, स्थितप्रज्ञ के सारे लक्षण, भाव दशा, देह दशा आज उनमें अभिव्यक्त हो रहे थे। आज सचमुच श्वेताश्वतर उपनिषद् 2/12 के मंत्र ऋषिवर के व्यक्तित्व में दृश्यमान तथा दृष्टिगोचर हो रहे थे। न तस्य रोगो नजरा न मृत्युः । प्राप्तस्य योगाग्निमयं शरीरम् ॥ अर्थात— योगाभ्यास करने वाले योगी के शरीर में न तो रोग होता है, न बुढ़ापा आता है। वह योगरूपी अग्निमय शरीर को प्राप्त करता है। आज उनके अग्निमय शरीर की आभा से शिष्य ही नहीं, बल्कि सारा आश्रम परिसर आह्लादित हो रहा था। उस आभामंडल में मनुष्य की कौन कहे, हिंसक पशु-पक्षी भी अपना वैर-भाव त्यागे जा रहे थे, भूले जा रहे थे और वास्तव में महर्षि पतंजलि के योगसूत्र 2/35 का यह मंत्र चरितार्थ हो रहा था— अहिंसाप्रतिष्ठायां तत्सन्निधौ वैरत्यागः ॥ अर्थात— जब योगी का अहिंसा भाव पूर्णतया दृढ़स्थिर हो जाता है, तब उसके निकटवर्ती हिंसक जीव भी वैर-भाव से रहित हो जाते हैं। आज सचमुच गीता—2/54 में अर्जुन द्वारा भगवान श्रीकृष्ण से पूछे गए इस प्रश्न के उत्तर के जीवंत प्रतीक बनकर ऋषिवर प्रस्तुत थे— स्थितप्रज्ञस्य का भाषा समाधिस्थस्य केशव। स्थितधीः किं प्रभाषेत किमासीत व्रजेत किम् ॥ अर्थात— हे केशव! समाधि में स्थित परमात्मा को प्राप्त हुए स्थिरबुद्धि पुरुष का क्या लक्षण है? वह स्थिर बुद्धि पुरुष कैसे बोलता है, कैसे बैठता है और कैसे चलता है? आज हर शिष्य एवं ऋषिकुमार के समक्ष इन सभी प्रश्नों के उत्तर के रूप में ऋषिवर दृश्यमान हो रहे थे। जब व्यक्ति आत्मा से आत्मा में ही संतुष्ट हो जाता है, सभी कामनाओं का त्याग कर देता है, सर्वज्ञ स्नेहरहित हुआ शुभ या अशुभ वस्तु को पाकर भी न प्रसन्न होता है और न द्वेष करता है, तब मान लेना चाहिए कि उसकी बुद्धि स्थिर है। समाधि में परमात्मा का दर्शन होते ही उसकी आसक्ति समाप्त हो जाती है। यह ब्रह्म को प्राप्त हुए पुरुष की स्थिति है। इसको प्राप्त होकर वह योगी कभी मोहित नहीं होता और सदैव इसी ब्राह्मीभाव में स्थिर होकर ब्रह्मानंद की अनुभूति करता है। आज ऋषिवर की शांत, प्रशांत भावभंगिमा, चेहरे पर बुद्धपुरुषों-सा अपूर्व तेज देखकर हर कोई ब्रह्मपुरुष, बुद्धपुरुष के सान्निध्य की अनुभूति कर रहा था। आज वे अणिमा, लघिमा, महिमा, गरिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, वशित्व, ईशित्व आदि अष्टसिद्धियों के स्वामी बने बैठे थे, पर उनमें अहंकार का लेश मात्र भी न था; क्योंकि वे इन सिद्धियों के मोह से परे हो चुके थे, वे तो देह में रहते हुए भी विदेह हो चुके थे। ऋषिवर मौन थे। उनके अधरों पर स्वर्गीय मुस्कान अठखेलियाँ कर रही थी। आज वे मानो मौन रहकर ही अपने शिष्यों पर शक्तिपात कर रहे थे, स्नेह-संचार कर रहे थे। अपार आनंद में डूबे ऋषिकुमारों के मुख से भी आज कोई शब्द नहीं निकल रहे थे। वे चाहकर भी कुछ बोल नहीं पा रहे थे; क्योंकि उस प्रशांत आभामंडल की चिर शांति, प्रशांति ही इतनी प्रगाढ़ थी कि व्यक्त-अव्यक्त सब एक हो चले थे। इस प्रेमवर्षा में शिष्यों, समस्त ऋषिकुमारों के चित्त शुद्ध हुए जा रहे थे। वे गुरुवर के इस मौन रहस्य को खूब समझ रहे थे; क्योंकि वह प्रशांति अब उनके भीतर भी उतरकर उन्हें अपने आगोश में लिए जा रही थी। नेत्रों से आँसुओं की अविरल धारा बहे जा रही थी और उन आँसुओं में बहे जा रहे थे- उनके जन्म-जन्मांतरों के सभी चित्तविकार, संस्कार। चित्त निर्मल होते ही शिष्यों की आनंदानुभूति, ब्रह्मानुभूति गहरी और अधिक गहरी होती जा रही थी। गुरुवर के नेत्रों से निकल रही ब्रह्मज्योति अब शिष्यों के नाभिकमल में प्रवेश कर रही थी। उसके प्रवेश करने की अनुभूति, सिहरन, गुदगुदी एक अपूर्व थिरकन, पुलकन उनके स्थूलशरीर में हो रही थी। उनका नाभिकमल खिल चुका था। स्थूलशरीर के जागरण के साथ ही वह प्रकाशधारा, अग्निधारा, ब्रह्मधारा हृदय चक्र में प्रवेश पा रही थी। सूक्ष्मशरीर के समस्त क्लेशों, विकारों से उन्हें मुक्ति मिल रही थी। ब्रह्मकमल खिलते ही अब वह ब्रह्मधारा बरसने लगी और सहस्त्रदलकमल खिल उठे। कारणशरीर ब्रह्मज्योति से जगमगा उठा। चित्त की सदा-सर्वदा के लिए श्रद्धा में स्थिति हो गई, बोधत्व की प्राप्ति हो गई।          

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