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भोपाल में मेट्रो की अंडरग्राउंड लाइन के निर्माण के बीच भारत टॉकीज स्थित फूल माली समाज मंदिर की करीब 250 साल पुरानी बावड़ी सूखने की शिकायत सामने आई है। मंदिर और समाज से जुड़े हरिनारायण माली का दावा है कि बावड़ी पहले कभी नहीं सूखी थी, लेकिन पिछले एक सप्ताह से इसमें पानी पूरी तरह खत्म हो गया है। इस घटना के बाद मेट्रो निर्माण और ऐतिहासिक धरोहरों पर उसके संभावित असर को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इससे पहले बड़ा बाग कब्रिस्तान में भी अंडरग्राउंड निर्माण को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें जिला प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा था। मामले को लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जताते हुए कहा है कि अंडरग्राउंड निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित क्षेत्रों का उचित अध्ययन किया जाना चाहिए था। उनका मानना है कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले स्थानों पर निर्माण के संभावित प्रभावों का आकलन जरूरी है। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के जरिए चल रही खुदाई को लेकर भविष्य में पर्यावरण और जल संकट की आशंका भी जताई गई है। बावड़ी सूखने की शिकायत कलेक्ट्रेट तक पहुंच गई है। हालांकि, बावड़ी में पानी खत्म होने और मेट्रो निर्माण के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। भोपाल मेट्रो परियोजना के तहत ऐशबाग से डीआईजी बंगला और सिंधी कॉलोनी की दिशा में करीब 3.36 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड लाइन बनाई जा रही है। इस कॉरिडोर में भोपाल स्टेशन और नादरा बस स्टैंड सहित दो अंडरग्राउंड स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनकी लंबाई लगभग 180-180 मीटर होगी। सुरंग निर्माण के लिए तीन मशीनों से काम शुरू करने की योजना थी, लेकिन फिलहाल एक मशीन ही उतारी गई है। बड़ा बाग के पास नादरा स्टेशन से आगे करीब 143 मीटर लंबे स्लोप के जरिए मेट्रो को दोबारा जमीन के ऊपर लाने की योजना है। अब बावड़ी सूखने की शिकायत के बाद निर्माण कार्य के संभावित प्रभावों और जलस्तर की स्थिति को लेकर जांच की मांग उठ रही है।
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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने खेल प्रशासन में कदम रखा है। उन्हें मध्य प्रदेश वॉलीबॉल संघ का निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है। रविवार को भोपाल में हुए चुनाव में प्रदेश के 33 जिला संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्तिकेय को 2026 से 2030 तक के कार्यकाल के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने प्रदेश में वॉलीबॉल के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की बात कही। कार्तिकेय सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में वॉलीबॉल को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश वॉलीबॉल खेल नीति 2026 का प्रारूप जल्द तैयार किया जाएगा। इसके तहत हर जिले में खेल के विकास के लिए रोडमैप बनाया जाएगा। उन्होंने नई प्रतिभाओं को आगे लाने, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने और जिला संघों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उनका लक्ष्य वॉलीबॉल को प्रदेश के गांवों और युवाओं तक पहुंचाना है। उन्होंने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपने के लिए संघ के पदाधिकारियों और जिला प्रतिनिधियों का आभार भी जताया। चुनाव अधिकारी एडवोकेट दिलीप मालवीय ने चुनाव प्रक्रिया पूरी कराई। नई कार्यकारिणी में अनवर खान को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, विधायक आशीष शर्मा और राम पांडे को उपाध्यक्ष, सतीश जोशी को महासचिव और विशाल शर्मा को कोषाध्यक्ष चुना गया। वहीं, डीआर सिंह और राजेश शुक्ला संयुक्त सचिव बनाए गए हैं। बैठक में विभिन्न आयु वर्गों की राज्य स्तरीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप आयोजित कराने को भी मंजूरी दी गई। अब नई कार्यकारिणी के सामने प्रदेश में खेल का विस्तार करने, जिला संघों को मजबूत बनाने और उभरते खिलाड़ियों को बेहतर मंच देने की जिम्मेदारी होगी।
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर विवाद बढ़ गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता विजय रेड्डी ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने उन्हें यहां प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर जनता का है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए इसका इस्तेमाल करने की अनुमति मिलनी चाहिए। विजय रेड्डी के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शन से 10 दिन पहले आवेदन करने की शर्त का हवाला देकर उनकी मांग स्वीकार नहीं की। इस मामले में उन्होंने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचकर औपचारिक पत्र भी सौंपा है। विजय रेड्डी ने दिल्ली पुलिस को जवाब देने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए पुलिस को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय दिया जा सकता है, लेकिन इसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय में कोई जवाब नहीं मिलता, तो वे दोबारा सड़कों पर उतरेंगे और जरूरत पड़ने पर देशभर के लोगों से जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की अपील करेंगे। हालांकि, गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर प्रदर्शन रोकने के उनके आरोपों पर दिल्ली पुलिस या संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना बाकी है। वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने INDIA गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए विरोध मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह एक बड़ा और महत्वपूर्ण प्रदर्शन था। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का एकजुट होकर विरोध दर्ज कराना जरूरी है। दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि जब तक इस्तीफा नहीं होता, तब तक देशभर में ऐसे प्रदर्शन जारी रहने चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। साथ ही कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने को अदालत की जिम्मेदारी नहीं बताया है।
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अखिलेश यादव ने प्रदर्शन को रोकने की कोशिशों और पुलिस की भारी तैनाती को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। किसी भी सरकार को यह अधिकार छीनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोक देने से विपक्ष की आवाज बंद नहीं होगी। उन्होंने कहा कि लोग जहां भी बैठकर अपनी बात रखेंगे, वही जगह उनके लिए जंतर-मंतर बन जाएगी। उनके मुताबिक, प्रदर्शन की जगह बदलने से आंदोलन का उद्देश्य खत्म नहीं हो जाता। अखिलेश यादव ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की भारी मौजूदगी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कमजोर लोग पुलिस को आगे करते हैं और आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज को दबाने के लिए पुलिस का सहारा ले रही है। सपा प्रमुख ने कहा कि अगर लोकतंत्र में लोगों को अपनी समस्याएं उठाने और सरकार से सवाल पूछने की आजादी नहीं होगी, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था का उद्देश्य ही प्रभावित होगा। उन्होंने विपक्ष के संघर्ष को लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताते हुए कहा कि सरकार को प्रदर्शनकारियों की बात सुननी चाहिए और उनकी शिकायतों पर ध्यान देना चाहिए। अखिलेश यादव ने भाजपा को सत्ता से बाहर करने की बात भी कही। उनके इन बयानों से मतदाता सूची के मुद्दे पर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। दरअसल, पूरा विवाद मतदाता सूची की जांच प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के आरोपों से जुड़ा है। विपक्षी दलों का दावा है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इसी को लेकर इंडिया गठबंधन के नेता चुनाव आयोग से जवाब मांग रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विपक्ष इस मामले को लेकर राजनीतिक विरोध के साथ कानूनी रास्ता अपनाने की बात भी कर रहा है। वहीं, अखिलेश यादव ने साफ किया कि प्रदर्शन की जगह या परिस्थितियां बदलने से विपक्ष का संघर्ष नहीं रुकेगा। दूसरी ओर, मतदाता सूची में गड़बड़ी और नाम हटाए जाने से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित पक्षों का जवाब और उपलब्ध तथ्यों की जांच भी जरूरी है।
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UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का प्रस्ताव दिवाली तक टाल दिया गया है। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने त्योहारी सीजन को देखते हुए यह फैसला लिया है। पहले 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत तक शुल्क लगाने की योजना थी। अब इसे दिवाली के तुरंत बाद लागू करने की बात कही गई है, हालांकि नई तारीख का ऐलान नहीं हुआ है। प्रस्ताव के मुताबिक, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने वाले UPI ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। यह चार्ज व्यापारियों से लिया जाना है, ग्राहकों से नहीं। प्रस्तावित नियमों के तहत, जिन व्यापारियों का मासिक UPI कलेक्शन एक लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें 2,000 रुपये से अधिक के पात्र ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR और उस पर 18 प्रतिशत GST देना पड़ सकता है। वहीं, महीने में एक लाख रुपये तक UPI कलेक्शन करने वाले छोटे व्यापारियों को इस शुल्क से छूट देने का प्रावधान बताया गया है। यदि कोई छोटा व्यापारी लगातार तीन महीने तक एक लाख रुपये से अधिक का UPI कलेक्शन करता है, तो उसे बड़े मर्चेंट की श्रेणी में रखा जा सकता है। प्रस्ताव में 75,000 रुपये या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर अधिकतम 300 रुपये और GST की सीमा तय करने की बात भी शामिल है। यह सीमा हर ट्रांजैक्शन पर लागू होगी, न कि पूरे दिन की बिक्री पर। MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह शुल्क है, जो व्यापारी डिजिटल पेमेंट की सुविधा देने वाले बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देता है। इसका उद्देश्य भुगतान नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत को पूरा करना है। प्रस्ताव के अनुसार, 2,000 रुपये तक के पेमेंट पर बड़े व्यापारियों को भी शुल्क नहीं देना होगा। वहीं, पेट्रोल पंप, रेलवे, टेलीकॉम, बीमा और कुछ अन्य निर्धारित क्षेत्रों में 2,000 रुपये से अधिक के पात्र भुगतान पर 0.4 प्रतिशत के बजाय पांच रुपये की फ्लैट फीस का प्रावधान बताया गया है। हालांकि, इन नियमों के लागू होने की अंतिम तारीख और विस्तृत शर्तों की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
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दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक हलचल के बीच सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक जानकारी को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, लोगों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका वाले करीब 300 सोशल मीडिया पोस्ट हटाए गए हैं। पुलिस अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी कर रही है, ताकि गलत खबरों और भड़काऊ सामग्री को फैलने से रोका जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी खबर, तस्वीर या वीडियो को बिना पुष्टि किए सोशल मीडिया पर साझा न करें। पुलिस के मुताबिक, कुछ मामलों में पुराने वीडियो, दूसरे राज्यों की घटनाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाए गए वीडियो को इस तरह साझा किया जा रहा है, जिससे लोगों के बीच भ्रम या तनाव पैदा हो सकता है। ऐसे कंटेंट को वर्तमान घटना से जोड़कर पेश करने से गलतफहमी फैलने की आशंका रहती है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि जानबूझकर गलत या अपुष्ट जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए सोशल मीडिया पर किसी भी पोस्ट को साझा करने से पहले उसकी तारीख, स्थान और विश्वसनीय स्रोत की जांच करना जरूरी है। दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों के प्रदर्शन के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। 12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च के कार्यक्रम को देखते हुए राजधानी के कई इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई। ऐसे माहौल में अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से जानकारी साझा करना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी या तनाव को बढ़ने से रोका जा सके।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार, 12 अक्टूबर को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर मध्य प्रदेश कैबिनेट की विशेष बैठक आयोजित की गई। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान को लेकर हुई। बैठक में प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों और उपलब्धियों पर चर्चा की गई। साथ ही इस संबंध में एक संकल्प भी पारित किया गया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया ब्रीफिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर और उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने जितनी बार विधायक का चुनाव लड़ा, उतनी ही बार मुख्यमंत्री बने। इसी तरह सांसद का चुनाव जीतने के बाद वे प्रधानमंत्री बने। मुख्यमंत्री ने बताया कि एक समय भाजपा के लिए कहा जाता था कि पार्टी अपने दम पर देश में पूर्ण बहुमत की सरकार नहीं बना सकती, लेकिन वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने पूर्ण बहुमत हासिल कर सरकार बनाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास के क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। वहीं, मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में दो दिन बाद डीपीसी (जिला योजना समिति) की बैठक होगी। कैबिनेट की इस विशेष बैठक का मुख्य उद्देश्य सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन और उनके कार्यकाल की उपलब्धियों पर चर्चा करना रहा।
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को मंडला जिले के टटारी दौरे पर थे। इसी दौरान टटारी हेलीपैड जाते समय उन्होंने एक निजी पब्लिक स्कूल में अपना काफिला रुकवाया और अचानक बच्चों के बीच पहुंच गए। उस समय स्कूल में सुबह की प्रार्थना सभा चल रही थी। मुख्यमंत्री को अपने बीच देखकर बच्चे और शिक्षक खुश हो गए। डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से आत्मीयता के साथ बातचीत की, उनके नाम पूछे और जाना कि वे किस कक्षा में पढ़ते हैं। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में भी पूछा और स्कूल में चल रही गतिविधियों को समझा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनका बच्चों के साथ संवाद सहज और अपनत्व भरा रहा। अचानक मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर विद्यार्थियों में उत्साह दिखाई दिया। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारते हुए पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान देने की सीख दी। इस दौरान स्कूल परिसर में खुशी का माहौल रहा और बच्चों के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात एक खास अनुभव बन गई। मंडला दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कान्हा टाइगर रिजर्व भी पहुंचे, जहां उन्होंने जंगल सफारी की और बाघ के दीदार किए। इसके अलावा उन्होंने एसडीओपी से पदोन्नत होकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बने एक अधिकारी को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारी की वर्दी पर रैंक फ्लैप लगाकर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस तरह मुख्यमंत्री के दौरे में स्कूली बच्चों से संवाद, कान्हा में जंगल सफारी और पुलिस अधिकारी के पदोन्नति समारोह से जुड़े पल भी शामिल रहे।
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साउथ के सुपरस्टार मोहनलाल ने अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ यानी ‘दृश्यम 3’ की तारीफ की है। फिल्म देखने के बाद मोहनलाल ने कहा कि इसकी कहानी को जिस तरह शानदार अंत तक पहुंचाया गया है, उससे वह सच में प्रभावित हैं। उन्होंने निर्देशक अभिषेक पाठक, निर्माता कुमार मंगत पाठक, अजय देवगन और पूरी कास्ट व क्रू को बेहतरीन काम के लिए बधाई दी। प्रोडक्शन हाउस स्टार स्टूडियोज18 ने मोहनलाल का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए उनकी सराहना के लिए आभार जताया। गौरतलब है कि अजय देवगन की ‘दृश्यम’ और ‘दृश्यम 2’ मोहनलाल की मलयालम फिल्मों के आधिकारिक हिंदी रीमेक थीं, जबकि ‘दृश्यम 3’ की कहानी मलयालम फिल्म का रीमेक नहीं है। बॉक्स ऑफिस पर भी ‘दृश्यम 3’ शानदार प्रदर्शन कर रही है। खबर के मुताबिक, रिलीज के 11वें दिन फिल्म ने भारत में 6.25 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही घरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कुल नेट कमाई 315.25 करोड़ रुपये और ग्रॉस कलेक्शन 378.24 करोड़ रुपये हो गया। विदेशों में फिल्म ने 11वें दिन 2.50 करोड़ रुपये कमाए, जिससे वहां की कुल ग्रॉस कमाई 111.50 करोड़ रुपये पहुंच गई। इस तरह फिल्म का दुनियाभर का कुल ग्रॉस कलेक्शन 489.74 करोड़ रुपये बताया गया है। फिल्म ने रिलीज के पहले दिन भारत में 62 करोड़ रुपये नेट कमाकर अजय देवगन के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग का रिकॉर्ड भी बनाया। अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अजय देवगन के साथ तब्बू, श्रिया सरन, रजत कपूर, जयदीप अहलावत और प्रकाश राज अहम भूमिकाओं में हैं। इनके अलावा कमलेश सावंत, इशिता दत्ता और मृणाल जाधव भी फिल्म का हिस्सा हैं। फिल्म को स्टार स्टूडियोज18 ने प्रस्तुत किया है, जबकि इसका निर्माण पैनोरमा स्टूडियोज ने किया है। कहानी और पटकथा अभिषेक पाठक, आमिल कियान खान और परवीज शेख ने लिखी है। चर्चित ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी की इस कड़ी को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और इसकी कमाई लगातार चर्चा में बनी हुई है।
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अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद कंगना ने प्रदर्शन के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘देशद्रोही और आतंकी ताकतें’ करार दिया। अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए जाते समय लखनऊ में उन्होंने कहा कि देश को अस्थिर करने की साजिश रची जा रही है और अब ऐसी ताकतों का सच सामने आ रहा है। कंगना के मुताबिक, लोग इन गतिविधियों को पहचानने लगे हैं और सवाल पूछ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश की सुरक्षा के लिए एजेंसियां काम कर रही हैं, लेकिन आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। कंगना रनोट ने कहा कि अब केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि आम जनता भी ऐसे लोगों से सवाल करेगी। उनका बयान उस समय आया है, जब दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विरोध तेज है। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने बड़े स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को करीब 7 हजार लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें CJP के नेता, छात्र, वकील और कुछ पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल थे। इनमें से ज्यादातर लोगों को शाम तक छोड़ दिया गया, जबकि जंतर-मंतर और दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग जारी रही। इससे पहले कंगना रनोट ने भारत में स्टारलिंक को लाइसेंस मिलने में देरी के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने अभिनेता और राज्यसभा सांसद कमल हासन के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत की नीतियां देश की जनता तय करेगी, कोई अरबपति नहीं। कंगना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हासन की टिप्पणी की तारीफ करते हुए इसे तीखा और सटीक बताया। दरअसल, एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक की सेवा को मंजूरी मिलने में देरी पर सवाल उठाए थे और कहा था कि कंपनी कई देशों में सेवाएं देने की अनुमति हासिल कर चुकी है। इस मुद्दे पर भी भारत की नीतियों और विदेशी कंपनियों को लाइसेंस देने की प्रक्रिया को लेकर बहस हुई थी।
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अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद कंगना ने प्रदर्शन के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘देशद्रोही और आतंकी ताकतें’ करार दिया। अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए जाते समय लखनऊ में उन्होंने कहा कि देश को अस्थिर करने की साजिश रची जा रही है और अब ऐसी ताकतों का सच सामने आ रहा है। कंगना के मुताबिक, लोग इन गतिविधियों को पहचानने लगे हैं और सवाल पूछ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश की सुरक्षा के लिए एजेंसियां काम कर रही हैं, लेकिन आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। कंगना रनोट ने कहा कि अब केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि आम जनता भी ऐसे लोगों से सवाल करेगी। उनका बयान उस समय आया है, जब दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विरोध तेज है। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने बड़े स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को करीब 7 हजार लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें CJP के नेता, छात्र, वकील और कुछ पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल थे। इनमें से ज्यादातर लोगों को शाम तक छोड़ दिया गया, जबकि जंतर-मंतर और दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग जारी रही। इससे पहले कंगना रनोट ने भारत में स्टारलिंक को लाइसेंस मिलने में देरी के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने अभिनेता और राज्यसभा सांसद कमल हासन के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत की नीतियां देश की जनता तय करेगी, कोई अरबपति नहीं। कंगना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हासन की टिप्पणी की तारीफ करते हुए इसे तीखा और सटीक बताया। दरअसल, एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक की सेवा को मंजूरी मिलने में देरी पर सवाल उठाए थे और कहा था कि कंपनी कई देशों में सेवाएं देने की अनुमति हासिल कर चुकी है। इस मुद्दे पर भी भारत की नीतियों और विदेशी कंपनियों को लाइसेंस देने की प्रक्रिया को लेकर बहस हुई थी।
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मध्य प्रदेश में किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से शाजापुर की कृषि उपज मंडी में ‘बलराम कृषि महोत्सव’ आयोजित किया गया। ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ के तहत हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली शामिल हुए और किसानों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में जिले के जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। इस दौरान आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, नवीन कृषि यंत्रों और खेती से जुड़ी नई पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने परंपरागत कृषि अनुभव के साथ आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को खेती की उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार के लिए महत्वपूर्ण बताया। महोत्सव में कृषि और उससे जुड़े विभिन्न विभागों की ओर से प्रदर्शनी लगाई गई। निजी कृषि आदान कंपनियों और कृषि उपकरण निर्माताओं ने भी अपने स्टॉल के माध्यम से उन्नत मशीनों, बीज, उर्वरक, जैविक उत्पादों और अन्य कृषि नवाचारों की जानकारी दी। किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण और कृषि यंत्रीकरण जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। इसके साथ ही शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई, ताकि किसान उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाकर खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बना सकें। कार्यक्रम में किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करने के लिए भी व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान किसानों के साथ-साथ मेधावी विद्यार्थियों से भी सीधा संवाद किया। इसके लिए आयोजन स्थल पर टू-वे कम्युनिकेशन की व्यवस्था की गई, जिससे मुख्यमंत्री ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभागियों से बातचीत कर सके। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों तक नई तकनीकों और कृषि नवाचारों की जानकारी पहुंचाना तथा उन्हें खेती में आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करना रहा। सरकार की ओर से कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और किसानों की समृद्धि बढ़ाने के प्रयासों के तहत ऐसे आयोजनों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है
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