Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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Priyank Mishra ने पदभार संभालने के बाद राजधानीBhopal में अपना पहला फील्ड दौरा किया। उन्होंने बैरागढ़ तहसील और संत हिरदाराम नगर क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए राजस्व रिकॉर्ड, फाइलों और जमीन से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उनके साथ तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने लंबित मामलों की स्थिति, रिकॉर्ड संधारण और निपटारे की प्रक्रिया को समझा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता और तेजी लाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि वे पहले शहर की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को गहराई से समझना चाहते हैं, उसके बाद ही बड़े स्तर पर निर्णय लिए जाएंगे। मीडिया से बातचीत में मिश्रा ने संकेत दिया किBhoj Wetland और बड़ा तालाब क्षेत्र में अवैध कब्जों, अवैध कॉलोनियों तथा निजी स्कूलों में एकाधिकार जैसी समस्याओं पर सख्त नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जवाबदेही सुनिश्चित करना है और आने वाले समय में कई विभागों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
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Sabarimala Temple में महिलाओं के प्रवेश से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट में पांचवें दिन भी सुनवाई जारी है। 9 जजों की संविधान पीठ इस संवेदनशील मुद्दे पर पुनर्विचार याचिकाओं पर विचार कर रही है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि करोड़ों लोगों की आस्था को गलत ठहराना आसान नहीं है और सामाजिक सुधार के नाम पर धार्मिक परंपराओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मंदिर प्रशासनTravancore Devaswom Board ने अदालत में दलील दी कि सबरीमाला कोई सामान्य स्थान नहीं है, बल्कि यहां के देवता ब्रह्मचारी स्वरूप में माने जाते हैं। प्रशासन का कहना है कि देशभर में भगवान अयप्पा के करीब एक हजार मंदिर हैं, इसलिए श्रद्धालु अन्य मंदिरों में दर्शन कर सकते हैं, लेकिन इस विशेष मंदिर की परंपराओं का सम्मान जरूरी है। इस मामले की कानूनी पृष्ठभूमि में 1991 के केरल हाईकोर्ट के फैसले से शुरू हुआ विवाद शामिल है, जिसमें 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रतिबंध को हटा दिया था, लेकिन उसके बाद कई पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं। अब अदालत इस बात पर विचार कर रही है कि क्या धार्मिक परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन बनाना चाहिए और किस हद तक न्यायालय धार्मिक प्रथाओं की समीक्षा कर सकता है।
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West Bengal की राजधानीKolkata में शुक्रवार सुबह आयकर विभाग ने TMC विधायक देबाशीष कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की। सुबह करीब 6 बजे मणोहरपुकुर रोड स्थित उनके घर और कार्यालय पर तलाशी शुरू की गई। यह कार्रवाई कथित वित्तीय लेन-देन और कारोबारी संबंधों की जांच से जुड़ी बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसियां विधायक देबाशीष कुमार और कारोबारी अमित गांगोपाध्याय के बीच हुए लेन-देन की जांच कर रही हैं। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने भी उन्हें कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था, जहां वे पेश हुए थे। हाल ही में कारोबारी की संपत्तियों पर भी तलाशी की कार्रवाई की गई थी। हिमंता बिस्वा सरमा का ममता बनर्जी पर तीखा हमला इसी बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।Himanta Biswa Sarma ने कूच बिहार में बयान देते हुए पश्चिम बंगाल सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वे असम से अवैध घुसपैठ को रोकते हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में उन्हें बढ़ावा दिया जाता है। उन्होंने इस मुद्दे को राजनीतिक और जनसांख्यिकीय बदलाव से भी जोड़ते हुए तीखी टिप्पणी की। बंगाल में चुनावी हलचल तेज Mamata Banerjee आज कूच बिहार, दुर्गापुर और दमदम में रैलियां और रोड शो करेंगी, जबकिAbhishek Banerjee सबांग, हिंगलगंज और रैदिघी में चुनावी सभाएं करेंगे। वहीं चुनाव आयोग ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के पहले चरण के लिए EVM और VVPAT की कमीशनिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं।
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Amit Shah ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन बिलों पर चर्चा के दौरान बताया कि परिसीमन लागू होने के बाद लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर करीब 850 तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक संख्या लगभग 816 होगी, जबकि 850 एक राउंड फिगर के तौर पर बताया गया है। शाह के अनुसार सीटों में करीब 50% की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। गृह मंत्री ने उदाहरण देकर समझाया कि यदि कुल सीटें 150 हो जाती हैं और उनमें 33% महिला आरक्षण लागू होता है, तो यह व्यवस्था मौजूदा संख्या के अनुपात में संतुलन बनाए रखती है। उन्होंने साफ किया कि परिसीमन का उद्देश्य किसी राज्य को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि जनसंख्या के आधार पर प्रतिनिधित्व को संतुलित करना है। दक्षिण भारत को भी बढ़ेंगी सीटें शाह के मुताबिक दक्षिण भारत के पांच राज्यों की कुल लोकसभा सीटें 129 से बढ़कर 195 हो जाएंगी, जिससे उनका राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व भी बढ़ेगा। उन्होंने बताया किTamil Nadu को 20, Kerala को 10, Telangana को 9 औरAndhra Pradesh को 13 अतिरिक्त सीटें मिल सकती हैं। वहींUttar Pradesh औरMaharashtra को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की संभावना जताई गई है। शाह ने यह भी कहा कि परिसीमन कानून में कोई नया बदलाव नहीं किया जा रहा है, बल्कि मौजूदा प्रावधानों के आधार पर ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके तहत निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं 2011 की जनगणना के आधार पर दोबारा तय की जाएंगी और इसका मौजूदा चुनाव प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
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ISRO की ‘इंडियन स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस रिपोर्ट-2025’ के मुताबिक, पिछले साल भारतीय उपग्रहों को अंतरिक्ष मलबे से बचाने के लिए अभूतपूर्व सतर्कता बरतनी पड़ी। वर्ष 2025 में करीब 1.5 लाख से अधिक अलर्ट जारी किए गए, जिनका विश्लेषण भारतीय वैज्ञानिकों ने अमेरिकी स्पेस कमांड से मिले डेटा के आधार पर किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) अब अत्यधिक भीड़भाड़ वाला और जोखिमपूर्ण हो चुका है। इस दौरान इसरो को 18 बार ‘कोलिजन अवॉइडेंस मैन्यूवर’ करना पड़ा, ताकि संभावित टकराव से सैटेलाइट्स को सुरक्षित रखा जा सके। इनमें 14 बार लो-अर्थ ऑर्बिट और 4 बार जियोस्टेशनरी ऑर्बिट के उपग्रह शामिल थे। इन मैन्यूवर्स के जरिए सैटेलाइट की दिशा और ऊंचाई में बदलाव कर उसे अंतरिक्ष मलबे से बचाया गया। साथ ही 84 बार मिशन योजनाओं में बदलाव भी करना पड़ा। चंद्रयान-2 समेत कई मिशनों पर खतरा Chandrayaan-2 के ऑर्बिटर को भी 2025 में विशेष सतर्कता से संभाला गया, जिसमें 16 ऑर्बिटल मैन्यूवर किए गए ताकि नासा के लूनर ऑर्बिटर से संभावित टकराव से बचा जा सके। इसके अलावा कई लॉन्च मिशनों में भी प्री-लॉन्च कोलिजन एनालिसिस किया गया, और एक मामले में लॉन्च 41 सेकंड तक टालना पड़ा। रिपोर्ट्स के अनुसार अंतरिक्ष में अब 12 लाख से अधिक छोटे-बड़े मलबे के टुकड़े मौजूद हैं, जो 28,000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से घूम रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति अंतरिक्ष अभियानों के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। अंतरिक्ष मलबे के बढ़ते खतरे को देखते हुए कई देश अलग-अलग तकनीकों पर काम कर रहे हैं। अमेरिका उन्नत रडार और ट्रैकिंग सिस्टम से मलबे की निगरानी कर रहा है, जबकि यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी कोलिजन अवॉइडेंस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रही है। वहीं चीन और जापान जैसी एजेंसियां भी ऑर्बिटल रीफ्यूलिंग और मलबा हटाने वाली तकनीकों पर प्रयोग कर रही हैं, ताकि भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों को सुरक्षित बनाया जा सके।
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Pawan Khera की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। अदालत ने साफ कहा कि उन्हें अपनी याचिका अब असम की अदालत में दाखिल करनी चाहिए। इस दौरान कोर्ट ने उनकी राहत बढ़ाने से इनकार करते हुए मामले को वहीं से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान पवन खेड़ा ने कहा कि असम की अदालतें फिलहाल बंद हैं, इसलिए उन्हें कुछ समय दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि क्या उन्हें अपराधी माना जा रहा है, जो उन्हें इतनी राहत भी नहीं दी जा रही। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया और कहा कि प्रक्रिया के अनुसार उन्हें असम की अदालत में ही जाना होगा। यह मामला असम के मुख्यमंत्रीHimanta Biswa Sarma की पत्नी से जुड़े आरोपों के बाद शुरू हुआ था। पवन खेड़ा पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर कुछ दस्तावेज और पासपोर्ट संबंधी दावे सार्वजनिक रूप से उठाए थे, जिसके बाद असम पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। इससे पहले उन्हें तेलंगाना हाईकोर्ट से अस्थायी राहत मिली थी, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने रोक दिया। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने दस्तावेजों में गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए इसे गंभीर बताया। वहीं पवन खेड़ा की ओर से कहा गया कि यह केवल तकनीकी गलती थी, जिसे बाद में ठीक कर लिया गया है और इसे जालसाजी नहीं माना जाना चाहिए। कोर्ट ने हालांकि दस्तावेजों की अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए राहत बढ़ाने से इनकार कर दिया। इस पूरे मामले के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। अब मामला असम की अदालत में आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया है।
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Madhya Pradesh में इस बार अप्रैल के मध्य में ही भीषण गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को प्रदेश में तापमान पहली बार 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने कई जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी करते हुए दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। राजधानीBhopal औरIndore सहित प्रदेश के 28 शहरों में तापमान 40°C से ऊपर दर्ज किया गया। सबसे अधिक गर्मी नर्मदापुरम में 43°C रिकॉर्ड की गई, जबकि रतलाम में 42.8°C और दमोह व मंडला में 42°C तक तापमान पहुंच गया। तेज धूप और लू के कारण दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति और साफ आसमान के कारण सूरज की किरणें सीधे जमीन पर पड़ रही हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है। साथ ही गर्म और शुष्क हवाएं हीटवेव की स्थिति को और गंभीर बना रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में और अधिक गर्मी की संभावना जताई गई है। 19-20 अप्रैल को हल्की राहत के आसार मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 19 से 20 अप्रैल के बीच कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश या आंधी से अस्थायी राहत मिल सकती है। हालांकि यह राहत सीमित होगी और गर्मी का असर पूरी तरह कम होने की संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में तापमान फिर बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, जिसमें दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर न निकलना, पर्याप्त पानी पीना और हल्के कपड़े पहनना शामिल है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर हैं, क्योंकि लगातार बढ़ती गर्मी अब गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही है।
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Bhopal में शादी सीजन के दौरान कमर्शियल गैस सिलेंडर की बढ़ती मांग और कमी को देखते हुए प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है। अब केवल उन्हीं परिवारों को कमर्शियल सिलेंडर मिलेगा, जिनके घर में शादी हो रही होगी और इसके लिए गैस एजेंसी पर शादी का कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा। एक परिवार को अधिकतम दो सिलेंडर ही दिए जाएंगे। फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार, यह निर्णय एलपीजी कंपनियों के साथ चर्चा के बाद लिया गया है। उपभोक्ताओं को शादी का निमंत्रण पत्र, पहचान पत्र और आवेदन पत्र देना होगा, जिसमें शादी की तारीख और स्थान की जानकारी दर्ज करनी होगी। प्रशासन का कहना है कि इसका उद्देश्य गैस की कालाबाजारी रोकना और वास्तविक जरूरतमंदों तक सप्लाई सुनिश्चित करना है। हर सिलेंडर पर 2200 रुपये का डिपॉजिट लिया जाएगा, जबकि गैस भरवाने की कीमत 1850 रुपये प्रति सिलेंडर तय की गई है। सिलेंडर 2 से 3 दिनों के भीतर वापस करना अनिवार्य होगा। हालांकि कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों ने इस व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि कई बार पर्याप्त सिलेंडर न मिलने से काम प्रभावित हो रहा है। कैटरर्स की चिंता, सप्लाई पर उठे सवाल कैटरिंग एसोसिएशन का कहना है कि नई व्यवस्था के बावजूद गैस की उपलब्धता अभी भी पर्याप्त नहीं है, जिससे शादी समारोहों में परेशानी बढ़ रही है। कई मामलों में मेन्यू में कटौती करनी पड़ रही है और कुछ जगहों पर वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल भी करना पड़ रहा है। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर व्यवस्था में बदलाव या अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि शादी सीजन में किसी तरह की बाधा न आए।
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हिंदी सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकरSanjay Leela Bhansali एक बार फिर बड़े पर्दे पर भव्य कहानी लेकर लौट रहे हैं। उनकी आने वाली फिल्म ‘Love & War’ की रिलीज डेट का ऐलान कर दिया गया है। यह फिल्म 21 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जो गणतंत्र दिवस वीकेंड के मौके पर दर्शकों के लिए एक बड़ा सिनेमाई अनुभव लेकर आएगी। इस फिल्म मेंRanbir Kapoor, Alia Bhatt औरVicky Kaushal पहली बार एक साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे। फिल्म को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी और अब इसकी रिलीज डेट फाइनल होने के बाद दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है। माना जा रहा है कि यह तिकड़ी भंसाली के निर्देशन में एक दमदार रोमांटिक ड्रामा पेश करेगी। ‘Love & War’ को संजय लीला भंसाली की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में से एक माना जा रहा है। फिल्म को भव्य सेट्स, गहरी भावनात्मक कहानी और पीरियड ड्रामा टच के साथ तैयार किया जा रहा है। मेकर्स का दावा है कि यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी लव स्टोरी में से एक बनकर उभर सकती है, जिसमें रोमांस और संघर्ष का शानदार मिश्रण देखने को मिलेगा।
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BARC TRP Ratings की 14वें हफ्ते की रिपोर्ट में इस बार टीवी दर्शकों की पसंद में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय से टॉप पर बनी रहने वाली ‘अनुपमा’ इस बार चौथे स्थान पर पहुंच गई है, जबकि ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ ने 2.0 रेटिंग के साथ पहला स्थान हासिल कर लिया है। रेटिंग के अनुसार दूसरे स्थान पर ‘वसुधा’ (1.9) और तीसरे स्थान पर ‘गंगा माई की बेटियां’ (1.8) रही। वहीं ‘अनुपमा’ की रेटिंग 1.4 दर्ज की गई, जिससे इसके प्रदर्शन में गिरावट साफ नजर आई। टीवी इंडस्ट्री में इसे एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि यह शो लंबे समय तक टॉप-3 में मजबूती से बना रहा था। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि इस हफ्ते दर्शकों की रुचि में बड़ा बदलाव हुआ है। कुछ नए और रीमेक शोज ने तेजी से जगह बनाई है, जिससे पुराने हिट शोज पर दबाव बढ़ा है। ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ का स्पिन-ऑफ शो भी 1.4 रेटिंग के साथ टॉप-5 में शामिल रहा। टॉप-10 सूची में ‘तुम से तुम तक’, ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’, ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’, ‘उड़ने की आशा’ और ‘नागिन 7’ जैसे शोज शामिल रहे। कुल मिलाकर इस हफ्ते की TRP रिपोर्ट से साफ है कि टीवी दर्शकों की पसंद तेजी से बदल रही है और नए कॉन्सेप्ट वाले शोज पुराने हिट्स को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
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Bhopal Municipal Corporation में गुरुवार को ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर विशेष सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें महिला सशक्तिकरण और स्थानीय स्तर पर उनकी भागीदारी को लेकर चर्चा हुई। बैठक का आयोजन आईएसबीटी स्थित निगम मुख्यालय में किया गया, जहां सत्तापक्ष की उपस्थिति मजबूत रही, लेकिन विपक्ष की मौजूदगी अपेक्षाकृत कम रही। बैठक में भारतीय जनता पार्टी के 52 पार्षद मौजूद रहे, जबकि कांग्रेस के 20 पार्षदों में से केवल 10 ही शामिल हुए। शुरुआत में कांग्रेस की उपस्थिति और भी कम थी, हालांकि बाद में कुछ पार्षद बैठक में पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष साबिस्ता जकी भी देरी से सम्मेलन में शामिल हुईं, जिससे विपक्ष की तैयारियों पर सवाल उठे। सम्मेलन की शुरुआत नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने की, जिसके बाद एमआईसी सदस्य सुषमा बाविसा ने ‘नारी शक्ति वंदन’ से जुड़ा प्रस्ताव रखा। कार्यक्रम में वंदे मातरम के साथ चर्चा की शुरुआत हुई, लेकिन इस दौरान नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन सहित किसी भी महिला अधिकारी की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही। प्रदेश में चल रहे ‘नारी शक्ति वंदन’ पखवाड़े के तहत यह सम्मेलन आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और स्थानीय शासन में उनकी भूमिका को मजबूत करना बताया गया है।
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Indore में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात दो अलग-अलग जगहों पर आग लगने की घटनाओं से हड़कंप मच गया। पहली घटना गीताभवन इलाके में एक कैफे में हुई, जहां आग लगने के बाद सिलेंडर ब्लास्ट हो गया और देखते ही देखते पूरा कैफे जलकर खाक हो गया। हालांकि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। दमकल विभाग के अनुसार, आग रात करीब 2:15 बजे लगी और सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग काफी फैल चुकी थी। सिलेंडर फटने के बाद आग और तेज हो गई, जिससे कैफे का ढांचा और अंदर रखा सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। आग बुझाने में दमकल को कई टैंकर पानी का उपयोग करना पड़ा। इसी रात दूसरी घटना मल्हारगंज इलाके के गोपाल चौराहे के पास एक फ्लैट में हुई, जहां आग लगने से घरेलू सामान जल गया। फ्लैट में रह रहा बंसल परिवार समय रहते बाहर निकल आया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर करीब 10 हजार लीटर पानी की मदद से आग पर काबू पाया। गर्मी में बढ़ा आग का खतरा अधिकारियों के मुताबिक दोनों ही घटनाओं में आग लगने की वजह शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या गैस रिसाव मानी जा रही है, लेकिन असली कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। दमकल विभाग ने लोगों को गर्मी के मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि इस दौरान आग लगने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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