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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली के व्यापारिक संगठनों की याचिका पर तत्काल आदेश देने से इनकार कर दिया। याचिका में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दिल्ली के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन के कारण कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि किसी के लिए प्रदर्शन करना जरूरी है, तो किसी के लिए मूंगफली बेचना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। अदालत ने उम्मीद जताई कि सभी पक्ष समझदारी से काम लेंगे। प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने सेंट्रल पार्क बंद करने का आदेश दिया है। व्यापारियों का दावा है कि इससे कनॉट प्लेस और आसपास के बाजारों में रोजाना करीब 200 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो सकता है। यह याचिका दिल्ली किराना कमेटी और दिल्ली आयरन एंड हार्डवेयर मर्चेंट एसोसिएशन की ओर से दायर की गई थी। व्यापारिक संगठनों ने अदालत में कहा कि त्योहारों और शादी के सीजन में प्रदर्शन के कारण दुकानदारों, ठेले वालों और छोटे कारोबारियों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। याचिका में यह भी दावा किया गया कि 10 अक्टूबर से जारी प्रदर्शनों के चलते व्यापारियों को करीब 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अदालत ने छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी से जुड़ी मुश्किलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में सभी पक्षों को बेहतर समझदारी दिखानी चाहिए। हालांकि, अदालत ने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश नहीं दिया। दरअसल, CJP ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन को रोक दिया था और पार्टी के शीर्ष नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया था। मजिस्ट्रेट अदालत ने तीनों को रिहा करने का आदेश दिया था और वे करीब 23 घंटे पुलिस हिरासत में रहे। इस दौरान अन्य राजनीतिक नेताओं और लोगों को भी हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के बीच अब मामला कारोबार, सार्वजनिक व्यवस्था और प्रदर्शन के अधिकार के बीच संतुलन को लेकर चर्चा में है।
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दिल्ली में 16 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को भरोसा दिया है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कानूनी कदम उठाए जाएंगे। यह प्रदर्शन कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आयोजित करने का आह्वान किया गया है। मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की पीठ ने की। पुलिस की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत को आश्वस्त किया कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। हाईकोर्ट ने पुलिस के इस आश्वासन को अपने आदेश में दर्ज कर लिया। सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से कहा गया कि अदालत के आदेश का दायरा CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ पार्टी के पदाधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों पर भी लागू होना चाहिए। अदालत ने इस बात को स्पष्ट किया। वहीं, याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन पुरी ने सेंट्रल पार्क और कनॉट प्लेस जैसे गैर-निर्धारित स्थानों पर प्रदर्शन रोकने की मांग की। याचिका में आशंका जताई गई कि प्रदर्शन से कारोबारियों को नुकसान हो सकता है और इलाके में अव्यवस्था पैदा हो सकती है। याचिकाकर्ता अनिल कुमार गुप्ता कनॉट प्लेस स्थित पालिका बाजार में रेहड़ी लगाते हैं। उन्होंने सेंट्रल दिल्ली के अन्य इलाकों में भी ऐसे प्रदर्शनों पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के साथ सेंट्रल पार्क पहुंचने की अपील की है। यह प्रदर्शन पार्टी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत के विरोध में आयोजित करने की बात कही गई है। दोनों को कथित तौर पर बिना अनुमति जंतर-मंतर में प्रवेश करने के मामले में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने आशंका जताई कि पहले जैसी अव्यवस्था दोबारा पैदा हो सकती है। हाईकोर्ट ने पुलिस के आश्वासन को दर्ज करते हुए कहा कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए कानून के मुताबिक जरूरी कदम उठाए जाएं।
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केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के केंद्रीय मंत्रिपद और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफे के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने मुरुगन के अचानक इस्तीफे को लेकर भाजपा से सवाल पूछे हैं। एल. मुरुगन केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र सौंपा था, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया। मुरुगन ने अपने पत्र में तमिलनाडु में भाजपा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए पार्टी के काम में सक्रिय भूमिका निभाने की इच्छा जताई थी। वे मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद चुने गए थे और उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था, लेकिन इस्तीफे के बाद उनकी सीट खाली हो गई है। मुरुगन के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक चर्चाओं के बीच उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर भाजपा की नैतिकता और पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के पीछे की असली वजह क्या है। सिंघार ने तमिलनाडु में मुरुगन को लेकर उठ रहे कथित सवालों का जिक्र करते हुए यह भी पूछा कि क्या उनका अचानक मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता छोड़ना महज संयोग है या किसी बड़े खुलासे से पहले की राजनीतिक कवायद। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा को संभावित राजनीतिक नुकसान से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया हो सकता है। हालांकि, ये सवाल और आरोप उमंग सिंघार की ओर से लगाए गए हैं; इनके समर्थन में खबर में कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। उमंग सिंघार ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे जवाब मांगते हुए कहा कि यदि सब कुछ स्पष्ट है, तो इस्तीफे की असली वजह देश के सामने रखी जानी चाहिए। उनके बयान के बाद मुरुगन के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। दूसरी ओर, एल. मुरुगन ने अपने त्यागपत्र में तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करने की इच्छा को इस्तीफे का कारण बताया है। राज्यसभा सीट खाली होने के बाद मध्यप्रदेश में उपचुनाव की संभावना भी चर्चा में है, हालांकि चुनाव की तारीख और प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा। अब इस पूरे मामले में भाजपा की प्रतिक्रिया और आगे आने वाले घटनाक्रम पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।
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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर निशाना साधते हुए उन्हें भगत सिंह बनने की गलतफहमी में नहीं रहने की नसीहत दी है। पटना में दिए बयान में गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके शुरुआत में युवाओं की आवाज बनकर सामने आए थे, लेकिन अब उनकी भूमिका बदल गई है। मंत्री ने दावा किया कि दीपके अब आम आदमी पार्टी, राहुल गांधी और उनके शब्दों में ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। उन्होंने दीपके की गतिविधियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में अशांति और अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दरअसल, CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। संगठन मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा रहा है। इसी क्रम में लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील भी की गई है। CJP का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं, गिरिराज सिंह ने इस अभियान और उसके संस्थापक पर राजनीतिक निशाना साधते हुए अभिजीत दीपके की तुलना भगत सिंह से किए जाने पर सवाल उठाया। उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। गिरिराज सिंह की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर CJP का अभियान चर्चा में है। एक ओर संगठन इन मुद्दों को लेकर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री ने दीपके के राजनीतिक जुड़ाव और आंदोलन की दिशा पर आरोप लगाए हैं। इस पूरे मामले में अभिजीत दीपके और CJP की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। उनका पक्ष सामने आने के बाद विवाद से जुड़े दोनों पक्षों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 22 और 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगी। इस दौरान राजधानी रायपुर में युवा प्रबोधन एवं सेवा सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रपति स्कूल और कॉलेजों के करीब 1,000 विद्यार्थियों से संवाद करेंगी। 22 अक्टूबर को इंडोर स्टेडियम में होने वाले इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को राष्ट्रपति से सीधे बातचीत करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वैच्छिक रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को भी सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने और सेवा कार्यों में योगदान देने वालों को प्रोत्साहित करना है। रायपुर में कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति 23 अक्टूबर को बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर पहुंचेंगी। यहां वे विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के समापन से जुड़ी ऐतिहासिक परंपरा ‘मुरिया दरबार’ में शामिल होंगी। मुरिया दरबार को बस्तर की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और सामुदायिक संवाद का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। इस आयोजन में जनजातीय समाज के प्रतिनिधि अपनी समस्याएं, मांगें और क्षेत्र से जुड़े मुद्दे सामने रखते हैं। इसे आदिवासी समाज की ‘जन-संसद’ के रूप में भी पहचान मिली है। राष्ट्रपति की मौजूदगी से बस्तर की इस विशिष्ट सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है। जगदलपुर प्रवास के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु लालबाग में आयोजित सभा को भी संबोधित करेंगी। इससे पहले वे 7 फरवरी को बस्तर पंडुम का शुभारंभ करने जगदलपुर पहुंची थीं। बस्तर पंडुम के जरिए क्षेत्र की जनजातीय कला, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाता है। राष्ट्रपति का यह दौरा छत्तीसगढ़ में युवा संवाद, सामाजिक सेवा और जनजातीय संस्कृति को केंद्र में रखेगा। रायपुर में विद्यार्थियों और रक्तदाताओं से जुड़ा कार्यक्रम होगा, जबकि जगदलपुर में बस्तर की ऐतिहासिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता मिलेगी।
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दिल्ली में पिछले 10 से 15 दिनों से छात्र संगठनों और युवाओं के प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं को सड़कों पर घसीटा जा रहा है। दीपके ने कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं को भी हिरासत में लिया गया, जिनमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल तथा पिनराई विजयन जैसे पूर्व मुख्यमंत्री शामिल हैं। अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि 10 अक्टूबर के आह्वान के बाद रेलवे सेवाएं बंद की गईं, जबकि दिल्ली में मेट्रो सेवाओं और कई स्टेशनों को भी बंद कर दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि जम्मू-कश्मीर से सुरक्षा बलों को बुलाया गया। दीपके ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था की तुलना भारत-पाकिस्तान सीमा जैसी स्थिति से करते हुए सवाल उठाया कि आखिर एक व्यक्ति की सुरक्षा के लिए इतने बड़े स्तर पर इंतजाम क्यों किए जा रहे हैं। उन्होंने तिरंगा फहराने को लेकर कानून के उल्लंघन संबंधी कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए। दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि ज्ञानेश कुमार को इतनी सुरक्षा क्यों दी जा रही है और क्या वे चुनाव में प्रधानमंत्री की मदद कर रहे हैं। हालांकि, ये सवाल और आरोप दीपके की ओर से लगाए गए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा और अन्य लोगों की मौजूदगी में हंगामा होने की बात भी सामने आई।
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मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 15 अक्टूबर को भोपाल स्थित मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में औद्योगिक विकास, स्कूल परिवहन व्यवस्था और शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने भोपाल, जबलपुर और इंदौर को जोड़ने वाले औद्योगिक कॉरिडोर के विकास का फैसला किया है। इसके लिए उद्योग विभाग के माध्यम से राज्य सरकार के स्वामित्व वाली नई कंपनी गठित की गई है और शुरुआती तौर पर 100 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई है। इस परियोजना का उद्देश्य महाकौशल समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को गति देना है। औद्योगिक कॉरिडोर के पहले चरण में 3,000 से 10,000 एकड़ तक भूमि विकसित करने की योजना है। सरकार के अनुमान के मुताबिक, मार्च 2028 तक इस परियोजना के जरिए एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आकर्षित किया जा सकता है, जिससे करीब एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। आगामी तीन वर्षों में तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश और छह लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा करने की संभावनाएं भी जताई गई हैं। इस क्षेत्र में पर्यटन, कृषि, खनन और भारी उद्योगों के विकास पर जोर दिया जाएगा। सड़क, बिजली, पानी और विमानन जैसी सुविधाओं का उपयोग कर उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की योजना है। कैबिनेट ने स्कूलों में परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 241 करोड़ रुपए की योजना को भी मंजूरी दी है। इसके तहत बसों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी जिला स्तर पर कलेक्टरों को सौंपने का निर्णय लिया गया है, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुसार व्यवस्था बेहतर बनाई जा सके। इसका लाभ जनजातीय और अन्य क्षेत्रों के विद्यार्थियों को देने का लक्ष्य है। इसके अलावा, सांदीपनि स्कूलों सहित शासकीय स्कूलों, छात्रावासों, पुस्तकालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई। सरकार का लक्ष्य शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाना और विद्यार्थियों को अधिक प्रभावी शैक्षणिक एवं परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
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मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए नवरात्रि के मौके पर खुशखबरी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 अक्टूबर को उमरिया जिले के मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत गुरुवाही गांव में आयोजित कार्यक्रम से लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त जारी करेंगे। सिंगल क्लिक के जरिए प्रदेश की करीब 1.25 करोड़ पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1500-1500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। यह राशि महिलाओं को आर्थिक सहायता देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से दी जा रही है। लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी। सितंबर 2026 तक योजना की 40 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। अब 41वीं किस्त के तहत पात्र महिलाओं को 1500 रुपए मिलेंगे। यह राशि आधार से जुड़े और डीबीटी सक्रिय बैंक खातों में सीधे भेजी जाएगी। योजना का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ उनके स्वास्थ्य, पोषण और परिवार के फैसलों में भागीदारी को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री उमरिया जिले को 144 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात भी देंगे। कुल 14,415.93 लाख रुपए की लागत के 136 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन प्रस्तावित है। इनमें 8,731.55 लाख रुपए के 68 कार्यों का लोकार्पण और 5,684.41 लाख रुपए के 68 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इन परियोजनाओं में बांधवगढ़ और मानपुर विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्य भी शामिल हैं।
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एक्टर इमरान खान को मुंबई पुलिस की ओर से नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिए जाने की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान अमेरिकी नागरिक हैं और भारत में ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड के आधार पर रह रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई इमिग्रेशन से जुड़े नियमों के तहत की गई है। इमरान 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इससे पहले वे जुलाई में नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से आयोजित प्रदर्शन में भी शामिल हुए थे। इमरान खान का जन्म अमेरिका के विस्कॉन्सिन में हुआ था और उनके पास अमेरिकी नागरिकता है। भारत में विदेशी नागरिकों के प्रवेश और रहने से जुड़े नियमों के तहत उनकी गतिविधियों और प्रवास पर शर्तें लागू हो सकती हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने इमरान को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्होंने पुलिस वैन के अंदर से अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी। इमरान ने मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि उन्हें बिना किसी वजह के सड़क से उठाकर पुलिस वैन में बैठाया गया। हिरासत के दौरान उनकी कजिन जैन ने उनसे जेल जाने को लेकर सवाल किया था, जिस पर इमरान ने मौजूदा हालात को देखते हुए इसकी आशंका जताई थी। रिहाई के बाद इमरान खान और उनके साथ मौजूद लोगों को घर लौटने में भी परेशानी होने की बात सामने आई थी। लेखा वाशिंगटन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर दावा किया था कि पुलिस ने रिहाई के बाद उनके लिए कार या कैब की व्यवस्था नहीं करने दी और उनका मोबाइल फोन भी जमा करा लिया गया था। इसके बाद इमरान, लेखा और जैन पैदल ही घर की ओर निकले। इमरान ने यह भी बताया था कि रिहाई से पहले उन्हें और अन्य लोगों को करीब दो घंटे तक पुलिस वैन में घुमाया गया। अब भारत छोड़ने के नोटिस की खबर के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।
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अजय देवगन की क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘दृश्यम 3’ ने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 500 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली है। फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 501.80 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इस आंकड़े के साथ यह अजय देवगन के करियर की बतौर लीड एक्टर 500 करोड़ क्लब में शामिल होने वाली पहली फिल्म बन गई है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, भारत में फिल्म का नेट कलेक्शन 323.50 करोड़ रुपए हो चुका है और यह 2026 की देश में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली दूसरी फिल्म बन गई है। रिलीज के 12वें दिन यानी दूसरे मंगलवार को फिल्म ने भारत में 8.50 करोड़ रुपए कमाए। सोमवार के 6 करोड़ रुपए के मुकाबले मंगलवार की कमाई में करीब 41.7 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। टिकटों की कीमतों में कमी और लगभग 1,000 नई स्क्रीन जुड़ने से फिल्म को फायदा मिला। रिलीज के पहले हफ्ते में फिल्म ने 245.50 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था, जबकि 2 अक्टूबर को रिलीज होने के बाद पहले वीकेंड में 176.50 करोड़ रुपए की कमाई दर्ज की गई। दूसरे हफ्ते में बड़ी फिल्मों की कमी का फायदा भी इसे मिल रहा है। वर्ल्डवाइड कमाई के मामले में ‘दृश्यम 3’ ने ‘बॉर्डर 2’ के 464.50 करोड़ और ‘हनुमान अंश’ के 436.75 करोड़ रुपए के कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है। इस सूची में अब यह ‘धुरंधर 2’ से पीछे है, जिसने 1,852.44 करोड़ रुपए की कमाई की है। ‘दृश्यम 3’ ने अजय देवगन की पिछली सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म ‘सिंघम अगेन’ के 389 करोड़ रुपए के कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, सबसे ज्यादा कमाई करने वाले बॉलीवुड सितारों की सूची में अजय देवगन अब भी रणवीर सिंह, रणबीर कपूर, आमिर खान और शाहरुख खान जैसे कलाकारों से पीछे हैं।
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छत्तीसगढ़ सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी के नए अवसर खोलने की पहल की है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 15 अक्टूबर 2026 को जारी भर्ती नियमों के तहत पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी के पदों पर पात्र पूर्व अग्निवीरों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत गृह विभाग, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और जेल विभाग की भर्तियों में उन्हें अवसर मिलेगा। यह आरक्षण संबंधित सामाजिक श्रेणियों के भीतर लागू होगा। हालांकि, इस विशेष व्यवस्था का लाभ छत्तीसगढ़ के पात्र स्थानीय निवासी पूर्व अग्निवीर ही ले सकेंगे। इसके लिए उम्मीदवारों को चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने का प्रमाणपत्र, स्थानीय निवास प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। नए नियमों के अनुसार, पात्र पूर्व अग्निवीरों को लिखित परीक्षा और शारीरिक योग्यता एवं दक्षता परीक्षा से छूट देने का प्रावधान है। चयन के लिए 10वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी। यदि दो उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं, तो अधिक उम्र वाले अभ्यर्थी को प्राथमिकता देने का प्रावधान रखा गया है। सेना, नौसेना या वायुसेना से जारी मान्य शैक्षणिक प्रमाणपत्रों को भी निर्धारित नियमों के अनुसार स्वीकार किया जा सकेगा। इसके अलावा, पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में अतिरिक्त छूट मिलेगी। पहले बैच के अभ्यर्थियों को पांच साल और अन्य बैच के अभ्यर्थियों को तीन साल की छूट देने का प्रावधान है। भर्ती प्रक्रिया में बैचवार प्राथमिकता भी निर्धारित की गई है, जिसके तहत पहले बैच के पात्र उम्मीदवारों पर पहले विचार किया जाएगा। हालांकि, अंतिम पात्रता संबंधित विभाग के भर्ती नियमों और आधिकारिक विज्ञापन के अनुसार तय होगी। राज्य सरकार ने पूर्व अग्निवीरों की भर्ती के लिए अलग ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने का भी प्रावधान किया है। संबंधित विभागों की ओर से भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद पात्र उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे। फिलहाल आवेदन शुरू होने की तारीख और कुल रिक्त पदों की संख्या की जानकारी उपलब्ध नहीं है। नियमों के अनुसार, चयनित उम्मीदवारों को तीन साल की परिवीक्षा अवधि पर रखा जाएगा। साथ ही, किसी एक पद पर पूर्व अग्निवीर आरक्षण का लाभ लेकर नियुक्ति पाने वाला अभ्यर्थी दूसरे पद पर नियुक्ति के लिए दोबारा इसी आरक्षण का लाभ नहीं ले सकेगा। सरकार ने 30 सितंबर 2026 को मंत्रिपरिषद की बैठक में इन भर्ती नियमों को मंजूरी दी थी, जिसके बाद 15 अक्टूबर को इन्हें जारी किया गया। अब पात्र उम्मीदवारों को आवेदन प्रक्रिया और भर्ती से जुड़ी आगे की जानकारी के लिए आधिकारिक विज्ञापन का इंतजार करना होगा।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में सत्ता जनता के जनादेश से मिलती है, अराजकता से नहीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का सपना देख रही हैं और युवाओं को राष्ट्र निर्माण के बजाय अराजकता की ओर ले जाना चाहती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा देश का भविष्य संवारने में लगनी चाहिए, न कि किसी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरी करने में। उनके मुताबिक, देश में अस्थिरता फैलाकर सत्ता हासिल करने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। सीएम योगी ने चुनाव सुधार, न्याय और लोकतंत्र के नाम पर देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिशों का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र जनता के विश्वास पर टिका है और इसे राजनीतिक साजिशों से कमजोर नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जनता ने ऐसे राजनीतिक दलों को पहचानकर सत्ता से दूर रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश को अराजकता की आग में झोंककर कुर्सी हासिल करना चाहते हैं। योगी ने जोर दिया कि युवाशक्ति का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण होना चाहिए, न कि राजनीतिक स्वार्थों को पूरा करना। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस समेत विपक्षी दल भाजपा सरकार पर वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहा है और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। इसी पृष्ठभूमि में योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाते हुए जनादेश को लोकतंत्र का आधार बताया। जहां विपक्ष चुनाव प्रक्रिया में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं मुख्यमंत्री ने इन मुद्दों के जरिए देश में अस्थिरता फैलाने के आरोप लगाए हैं। इस बयान से चुनाव प्रक्रिया और विपक्ष के आंदोलन को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
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