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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी को लेकर कहा कि अगले 30 साल तक उनका सत्ता में आने का नंबर नहीं लगने वाला। दिल्ली के द्वारका में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव हारने के बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है, जबकि जीत मिलने पर उसकी कार्यप्रणाली पर कोई आपत्ति नहीं करती। अमित शाह ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे वोट चोरी के मुद्दे के जरिए कथित घुसपैठियों के वोट बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कई राज्यों में लंबे समय से सत्ता से बाहर है और यह स्थिति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने से पहले से बनी हुई है। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए शाह ने कहा कि दिल्ली लौटने पर उनकी बात याद रखिएगा, अगले 30 साल तक आपका नंबर नहीं आने वाला। शाह ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने बुनियादी सुविधाओं के बजाय धरना-प्रदर्शन की राजनीति पर ज्यादा ध्यान दिया। शाह ने पंजाब में भी AAP की सरकार को सत्ता से हटने की चेतावनी दी। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की लैंडफिल साइटों और कूड़े के ढेरों का जिक्र करते हुए कहा कि इन्हें साफ करने के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में इन जगहों को सुंदर सार्वजनिक उद्यानों में बदला जाएगा।
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इंदौर के खुड़ैल थाना क्षेत्र में क्रिसेंट वॉटर पार्क के पास बुधवार सुबह एक तेंदुआ रहवासी मकान के नजदीक बैठा दिखाई दिया। ग्रामीणों के मुताबिक, तेंदुए के सिर और मुंह पर चोट के निशान थे और वह सुस्त हालत में नजर आ रहा था। तेंदुए को देखकर इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र में उसकी तलाश शुरू की। हालांकि, वन विभाग के अधिकारियों ने तेंदुए की मौजूदगी और उसके घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जानकारी के अनुसार, तेंदुआ हरिओम ठाकुर के मकान के पास बैठा दिखाई दिया था, लेकिन कुछ देर बाद वहां से भाग गया। हरिओम ठाकुर ने बताया कि इससे पहले 8 अक्टूबर को भी तेंदुआ उनके फार्म हाउस में घुस आया था और मवेशियों का शिकार किया था। उस समय ग्रामीणों ने उसे वहां से भगाया था। इस बार तेंदुए के सिर और मुंह पर चोट के निशान देखकर आशंका जताई जा रही है कि वह किसी दूसरे वन्यजीव के साथ संघर्ष में घायल हुआ होगा। हालांकि, चोट लगने की वजह की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, क्रिसेंट वॉटर पार्क के पास रालामंडल की पहाड़ियां हैं और वहां से तेंदुए के आबादी वाले क्षेत्र में आने की आशंका बनी रहती है। हरिओम ठाकुर का कहना है कि पहाड़ियों की ओर जालियां नहीं होने के कारण वन्यजीवों की आवाजाही होती रहती है। फिलहाल खेतों में सिंचाई का काम चल रहा है, ऐसे में ग्रामीणों ने वन विभाग से सतर्कता बढ़ाने और इलाके में निगरानी रखने की मांग की है। अब वन विभाग की सर्चिंग के बाद ही तेंदुए की स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
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बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली की तारीख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 1984 के सिख नरसंहार का जिक्र करते हुए कहा कि 1 नवंबर का दिन सिख समुदाय के लिए संवेदनशील है और इस तारीख पर बड़ी रैली आयोजित करने से लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं। रविशंकर प्रसाद ने सवाल किया कि राहुल गांधी इसी दिन रैली क्यों करना चाहते हैं और इससे क्या संदेश देना चाहते हैं। रविशंकर प्रसाद ने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन के कुछ सहयोगी दल भी रैली की तारीख से सहमत नहीं हैं। उनके मुताबिक, इस मुद्दे पर चर्चा के लिए 22 अक्टूबर को वर्चुअल बैठक बुलाए जाने की जानकारी थी, लेकिन कई सहयोगियों के शामिल नहीं होने के कारण बैठक स्थगित कर दी गई। बीजेपी नेता ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे अपने फैसलों पर अड़े रहते हैं और दूसरों की राय को पर्याप्त महत्व नहीं देते। हालांकि, ये आरोप रविशंकर प्रसाद ने लगाए हैं। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक की महारैली प्रस्तावित है, जिसके लिए कांग्रेस ने 10 लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। इस बीच व्यापारियों और उद्यमियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली की तारीख पर पुनर्विचार करने और इसे दिवाली के त्योहार तक स्थगित करने की मांग की है। इस तरह रैली की तारीख को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के साथ व्यापारिक संगठनों की चिंता भी सामने आई है।
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पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नशे का मुद्दा एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में आ गया है। नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की हालिया हत्याओं के बाद भगवंत मान सरकार पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। मानसा में 13 अक्टूबर को नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं, 15 अक्टूबर को बटाला के पास मारी पनवां गांव में बिक्रमजीत सिंह की हत्या हुई। दोनों मामलों में परिजनों ने नशा तस्करी का विरोध करने के कारण हत्या किए जाने के आरोप लगाए हैं। इन मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। इसके अलावा, सितंबर में संगरूर के दिरबा क्षेत्र में गुलजार सिंह की जहर खाने से मौत के बाद भी नशे की समस्या को लेकर सवाल उठे थे। पंजाब सरकार नशे के खिलाफ ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ और ‘बिग 5’ एक्शन प्लान के तहत अभियान चला रही है। पंजाब पुलिस के 6 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, अभियान के दौरान 64,598 एफआईआर दर्ज की गईं, 82,739 कथित तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 4,198 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई। इसके अलावा, 22.58 करोड़ रुपये की ड्रग मनी भी जब्त की गई। ये आंकड़े बड़े पैमाने पर कार्रवाई को दर्शाते हैं, लेकिन गांवों में नशे की उपलब्धता को लेकर शिकायतें और हालिया घटनाएं अभियान के असर पर सवाल खड़े कर रही हैं। नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा भी एक अहम मुद्दा बन गई है। नशे के मुद्दे पर पंजाब की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियां अपनी रणनीति बना रही हैं। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सरकार अपने एंटी-ड्रग अभियान और पुलिस कार्रवाई का हवाला दे रही है, जबकि बीजेपी ने हालिया घटनाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। बीजेपी ने सितंबर 2026 में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ भी निकाली थी और सत्ता में आने पर पंजाब को नशामुक्त करने का दावा किया है। कांग्रेस ने राज्य सरकार के साथ-साथ सीमा पार से होने वाली कथित तस्करी रोकने को लेकर केंद्र की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए हैं। वहीं, शिरोमणि अकाली दल ने ‘मावां-धियां इंसाफ यात्रा’ के जरिए नशे से प्रभावित परिवारों की चिंताओं को उठाया है। ऐसे में सवाल है कि क्या नशा 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बनेगा, या राजनीतिक दलों की बहस के बीच इसकी रोकथाम और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा ही असली कसौटी साबित होगी।
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छत्तीसगढ़ में धान खरीदी सीजन से पहले किसानों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब खरीदी केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसान या उनके अधिकृत नॉमिनी का फिंगरप्रिंट के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा। इस बार केवल ओटीपी के माध्यम से खरीदी की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकेगी। ऐसे में किसानों को खरीदी केंद्र जाने से पहले सत्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित करने और संबंधित सहकारी समिति से नियमों की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। नए नियमों के मुताबिक, यदि किसी किसान के लिए एक से अधिक टोकन जारी किए जाते हैं, तो प्रत्येक टोकन में धान की मात्रा समान रखी जाएगी। उदाहरण के तौर पर, 120 क्विंटल धान के लिए दो टोकन जारी होने पर प्रत्येक में 60-60 क्विंटल की मात्रा दर्ज होगी। इसी तरह, 300 क्विंटल धान के लिए तीन टोकन बनने पर हर टोकन में 100 क्विंटल धान की मात्रा निर्धारित की जाएगी। इसलिए किसानों को टोकन में दर्ज मात्रा और खरीदी की तारीख की पहले से जांच करने की सलाह दी गई है। दिशा-निर्देशों के अनुसार, टोकन में निर्धारित मात्रा से कम धान बेचने पर बची हुई मात्रा स्वतः निरस्त हो जाएगी और उसे अगले टोकन में जोड़ने का प्रावधान नहीं होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि टोकन में 100 क्विंटल धान दर्ज है और किसान केवल 80 क्विंटल बेचता है, तो शेष 20 क्विंटल की मात्रा निरस्त हो जाएगी। ऐसे में किसानों को टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार उपज तैयार रखने, बायोमेट्रिक सत्यापन सुनिश्चित करने और खरीदी केंद्र जाने से पहले संबंधित समिति से नियमों की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।
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मध्यप्रदेश में आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों के लिए जरूरी खबर है। प्रदेश के 21 निजी अस्पतालों को नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स (NABH) का प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। इनमें भोपाल के 10, ग्वालियर के आठ और इंदौर के तीन अस्पताल शामिल हैं। हालांकि, समयसीमा बढ़ने के बावजूद इन अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत इलाज की सुविधा फिलहाल बहाल नहीं हुई है। दोबारा योजना से संबद्धता मिलने तक मरीजों को इलाज के लिए दूसरे संबद्ध अस्पतालों का विकल्प चुनना पड़ सकता है। जानकारी के अनुसार, निर्धारित गुणवत्ता मानकों और प्रमाणपत्र संबंधी शर्तों को पूरा नहीं करने पर प्रदेश के 60 निजी अस्पतालों को आयुष्मान योजना से बाहर किया गया है। इनमें भोपाल के 27, इंदौर के 17, ग्वालियर के नौ और जबलपुर के सात अस्पताल शामिल हैं। इसके अलावा, भोपाल के तीन अस्पतालों ने प्रमाणपत्र से जुड़े दस्तावेज जमा नहीं किए, जबकि एक अस्पताल के खिलाफ गंभीर अनियमितताएं मिलने पर कार्रवाई की गई। वहीं, तीन अन्य अस्पतालों को पिछले छह महीने से एमपी-एबीएन के तहत मरीजों का इलाज नहीं करने के कारण योजना से बाहर किया गया है। प्रदेश में एमपी-एबीएन के तहत कुल 1,953 सरकारी और निजी अस्पताल इलाज की सुविधा देते हैं, जिनमें 813 निजी अस्पताल हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में ही 423 निजी अस्पताल योजना से जुड़े हैं। एनएबीएच प्रमाणपत्र अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा से संबंधित मानकों को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। ऐसे में आयुष्मान कार्डधारकों को इलाज के लिए अस्पताल जाने से पहले उसकी मौजूदा संबद्धता की पुष्टि कर लेनी चाहिए, ताकि उन्हें उपचार के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े।
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मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 का शुभारंभ हुआ। समिट का उद्देश्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना और तकनीकी अधोसंरचना विकसित करना है। तेजी से बढ़ते तकनीकी क्षेत्र में सेमीकंडक्टर की अहम भूमिका को देखते हुए राज्य सरकार इस सेक्टर को भविष्य के रोजगार और औद्योगिक विकास के प्रमुख अवसर के रूप में देख रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुताबिक, समिट के दौरान 5,800 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 10 हजार से ज्यादा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। आयोजन में देश-विदेश की कंपनियों, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। दो दिवसीय समिट में निवेश, तकनीकी सहयोग, अनुसंधान और नवाचार पर चर्चा के साथ 8 पैनल चर्चाएं, 5 राउंडटेबल बैठकें और 2 मुख्य व्याख्यान आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं, 50 से अधिक कंपनियां अपनी तकनीकी क्षमताओं, उत्पादों और समाधानों का प्रदर्शन कर रही हैं। प्रदेश में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, चिप डिजाइन, एडवांस्ड पैकेजिंग, टेस्टिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की योजना है। इसके तहत सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और फोटोनिक्स एवं क्वांटम टेक्नोलॉजीज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। इंदौर-उज्जैन इकोनॉमिक कॉरिडोर में भी हाई-टेक उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर है। सरकार का लक्ष्य निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलकर मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख तकनीकी केंद्रों में शामिल करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के बाद सात विसर्जन कुंडों में जल प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है। आरोप है कि प्रशासन की गाइडलाइन के बावजूद प्रतिमाओं को कई घंटों तक पानी में छोड़ दिया गया, जबकि उन्हें तय समय के भीतर बाहर निकालना था। प्रेमपुरा, कमलापति और खटलापुरा घाट सहित अन्य विसर्जन स्थलों पर मूर्तियों और उनके अवशेषों के जमा होने से पर्यावरण और जलीय जीवों पर खतरा मंडरा रहा है। इससे प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था और नियमों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। पर्यावरणविद् डॉ. विपिन व्यास के अनुसार, मूर्तियों में इस्तेमाल किए गए रंगों और अन्य सामग्रियों के रसायन पानी में घुलने से जलीय जीवों को नुकसान पहुंच सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) और लेड व कैडमियम युक्त सिंथेटिक रंगों से पानी दूषित होने और उसमें ऑक्सीजन का स्तर घटने की आशंका है। प्रेमपुरा घाट के कुंड में 350 से अधिक मूर्तियां और उनके अवशेष जमा होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, कमलापति घाट पर 300 से अधिक मूर्तियों के ढांचे, फूल-मालाएं और बांस के फ्रेम दिखाई दिए, जबकि खटलापुरा घाट पर भी बड़ी संख्या में मूर्तियां और उनके ढांचे पानी में मौजूद थे। विशेषज्ञों के मुताबिक, जल प्रदूषण को रोकने के लिए विसर्जन के तुरंत बाद मूर्तियों को कुंड से बाहर निकालना और अवशेषों का सुरक्षित निपटान करना जरूरी है। इसके साथ ही प्राकृतिक मिट्टी और गैर-हानिकारक रंगों से बनी मूर्तियों को बढ़ावा देने की जरूरत है। कृत्रिम विसर्जन कुंडों के दूषित पानी को प्राकृतिक जल स्रोतों में मिलने से रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीके से उसका उपचार और निष्कासन किया जाना चाहिए। अब सवाल यह है कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए प्रशासन विसर्जन संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और जल स्रोतों को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाता है।
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अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो साझा कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसकी नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा से सहमत नहीं हैं। शाह ने कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के छात्रों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रशासन से जवाब मांगने पर छात्रों को कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने छात्रों को हॉस्टल खाली करने का आदेश दिए जाने पर भी सवाल उठाए। SRFTI में छात्र पिछले 25 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आंदोलन 27 सितंबर को एक कार्यक्रम के दौरान हुई कथित झड़प के बाद शुरू हुआ था। छात्र कैंपस में सुरक्षा बढ़ाने, हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने, अपने खिलाफ जारी नोटिस वापस लेने और कुलपति संतोष अजमेरा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। संस्थान ने 16 अक्टूबर को नोटिस जारी कर 13 नवंबर तक पढ़ाई रोकने और छात्रों को 24 घंटे में हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया था। प्रशासन ने 15 अक्टूबर को छह छात्रों को निलंबित भी किया था। इन पर शिक्षकों और सुरक्षा कर्मचारियों से मारपीट सहित अनुशासनहीनता के आरोप हैं। वहीं, प्रशासन का कहना है कि कुछ छात्र कोर्स पूरा होने के बाद भी हॉस्टल में रह रहे थे और जूनियर छात्रों को कक्षाओं में जाने से रोक रहे थे। छात्रों ने हॉस्टल खाली करने के आदेश का विरोध किया है। इससे पहले जुलाई में नसीरुद्दीन शाह ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया था। उन्होंने उस समय छात्रों के साथ कथित मारपीट की आलोचना करते हुए युवाओं से हिम्मत नहीं हारने और अपनी मांगों के लिए आवाज उठाते रहने की अपील की थी। शाह ने सरकार से भी छात्रों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर विचार करने को कहा था। अब SRFTI के छात्रों के समर्थन में उनका बयान सामने आने के बाद एक बार फिर बीजेपी और सरकार की नीतियों को लेकर उनकी आलोचना चर्चा में है।
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आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘उड़ता तीर’ 23 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म आतंकवाद और जासूसी जैसे गंभीर विषय को कॉमेडी के अंदाज में पेश करती है। कहानी पाकिस्तानी जासूस बिलाल अहमद (आयुष्मान खुराना) और उसके दोस्त अशफाक (सुहैल नैय्यर) की है, जो भारत के खिलाफ साजिश रचने आते हैं। दोनों भारतीय काउंटर टेररिज्म स्क्वॉड में घुसपैठ कर लेते हैं। बिलाल डिफेंस मिनिस्ट्री में काम करने वाली यामिनी (सारा अली खान) के करीब आता है, लेकिन एक हादसे के बाद उसकी याददाश्त चली जाती है। वह खुद को भारतीय अफसर विक्रांत समझने लगता है और आतंकियों को पकड़वाने में जुट जाता है। अब अशफाक के सामने अपने ही दोस्त को रोकने की चुनौती है, क्योंकि बिलाल अनजाने में उनके मिशन को नाकाम करने लगता है। आयुष्मान खुराना अपनी कॉमिक टाइमिंग और बॉडी लैंग्वेज से प्रभावित करते हैं। अपनी असली पहचान भूलकर भारतीय अफसर बने बिलाल का किरदार कई मजेदार सीन पैदा करता है। सुहैल नैय्यर ने अशफाक की बेबसी को अच्छी तरह निभाया है, जबकि राहुल बोस CTS चीफ बर्मन के रूप में अपने एक्सप्रेशंस से हंसाते हैं। दिवंगत मुकुल देव, राम कपूर और गुलशन ग्रोवर भी अपने किरदारों में नजर आते हैं। हालांकि, सारा अली खान के किरदार को ज्यादा मजबूत बनाया जा सकता था। निर्देशक आकाश कौशिक का आइडिया दिलचस्प है। पहला हाफ कॉमेडी और गलतफहमियों के कारण मनोरंजक है, लेकिन दूसरे हाफ में कहानी थ्रिलर की ओर बढ़ती है और कॉमेडी की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। कुछ ट्विस्ट भी पहले ही समझ आने लगते हैं। सचिन-जिगर का संगीत अच्छा है और अरिजीत सिंह की आवाज में ‘चन्न’ सुकून देता है। कुल मिलाकर, ‘उड़ता तीर’ की ताकत इसका अनोखा कॉन्सेप्ट और कलाकारों की कॉमिक टाइमिंग है। जहां ‘धुरंधर’ जासूसी और आतंकवाद को गंभीर अंदाज में दिखाती है, वहीं यह फिल्म इसी विषय को हास्य के जरिए पेश करती है। दूसरे हाफ की कमजोर रफ्तार के बावजूद आयुष्मान और सुहैल की जुगलबंदी मनोरंजन करती है। हल्की-फुल्की कॉमेडी पसंद करने वाले दर्शकों को फिल्म पसंद आ सकती है। फिल्म की अवधि लगभग 2 घंटे 20 मिनट है और इसे 3.5/5 की रेटिंग दी गई है।
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मध्य प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी बारिश का दौर अब थम गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, रात के तापमान में गिरावट आने से ठंडक बढ़ने लगी है। सीजन में पहली बार अनूपपुर के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कटनी के करौंदी में 13.1 डिग्री तापमान रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। शुक्रवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहे और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इंदौर और उज्जैन संभाग में चक्रवाती सिस्टम का असर ज्यादा देखने को मिला, जबकि भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में भी बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में एक बार फिर नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बारिश हो सकती है। ऐसे में महीने के अंतिम दिनों में बारिश के साथ रात की ठंडक भी बढ़ने की संभावना है। इस साल मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान कुल 908.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य बारिश 949.5 मिलीमीटर से करीब 4 प्रतिशत कम है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत कम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश होने और मानसून के बीच-बीच में कमजोर पड़ने के कारण पूरे सीजन में बारिश का आंकड़ा कम रहा। हालांकि, प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
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भोपाल और आसपास के इलाकों में पिछले सात महीनों से नए घरेलू गैस कनेक्शन मिलने में परेशानी की खबर सामने आई है। 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर का विकल्प बुकिंग पोर्टल पर दिखाई नहीं देने से उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खासकर किराएदारों और नए कनेक्शन लेने वाले परिवारों को परेशानी हो रही है। आरोप है कि घरेलू सिलेंडर नहीं मिलने के कारण कुछ लोगों को महंगे व्यावसायिक सिलेंडर या अन्य विकल्पों का सहारा लेना पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म में तकनीकी बदलाव और सर्वर अपडेट के कारण घरेलू सिलेंडर का विकल्प प्रभावित हुआ है। इसके अलावा बायोमेट्रिक ई-केवाईसी की अनिवार्यता और पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने की व्यवस्था को भी इसकी संभावित वजह बताया जा रहा है। हालांकि, पोर्टल पर विकल्प गायब होने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। गैस की उपलब्धता में परेशानी के चलते मध्यमवर्गीय और कम आय वाले परिवारों के बजट पर असर पड़ रहा है। कुछ परिवार खाना बनाने के लिए इंडक्शन और हीटर जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। घरेलू गैस कनेक्शन और सिलेंडर की समस्या को लेकर उपभोक्ता गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट समाधान नहीं मिल पा रहा है। तकनीकी दिक्कतों का हवाला देकर लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है। सात महीने से समस्या बने रहने के कारण उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। फिलहाल, लोगों को राहत कब मिलेगी और 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर का विकल्प पोर्टल पर दोबारा कब उपलब्ध होगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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