Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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बेंगलुरु स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के मुख्यालय को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिला है। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां, बम निरोधक दस्ता और पुलिस हरकत में आ गए तथा परिसर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि शुरुआती जांच में कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। इससे पहले 29 जून को भी ISRO, NIA, DRDO, NPCIL और नागरिक उड्डयन मंत्रालय समेत कई संवेदनशील संस्थानों को इसी तरह की धमकी मिली थी, जो बाद में फर्जी साबित हुई थी। पिछले मामले की जांच में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी 36 वर्षीय निशांत त्यागी को गिरफ्तार किया था। तकनीकी जांच के आधार पर उसकी पहचान की गई और पूछताछ में सामने आया कि वह लंबे समय से मानसिक बीमारी का इलाज करा रहा है। फिलहाल पुलिस नए ईमेल की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दोनों मामलों के बीच कोई संबंध है या नहीं। ISRO देश के महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशनों, जैसे गगनयान और अन्य रणनीतिक परियोजनाओं पर काम कर रहा है, इसलिए ऐसी धमकियों को गंभीरता से लिया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने सभी संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर निगरानी बढ़ा दी है और साइबर माध्यम से भेजी जा रही धमकियों से निपटने के लिए डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
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ईरान ने पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि यदि अंतिम संस्कार के दौरान या उसके आसपास किसी भी प्रकार का हमला किया गया तो उसका \"सख्त और निर्णायक\" जवाब दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर तनाव बना हुआ है और ईरान ने अंतिम संस्कार समारोह के दौरान विशेष सुरक्षा इंतजाम किए हैं। ईरान के सैन्य कमांडर अली अब्दुल्लाही और विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि देश किसी भी संभावित आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, तेहरान, मशहद सहित कई शहरों के हवाई क्षेत्र में अस्थायी प्रतिबंध लगाए जाएंगे और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर रहेंगी। दूसरी ओर, इजरायल की ओर से ईरान के नेतृत्व को लेकर दिए गए हालिया बयानों ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से शुरू होकर 9 जुलाई तक विभिन्न शहरों में आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान तेहरान, कोम और मशहद में श्रद्धांजलि सभाएं और अन्य धार्मिक कार्यक्रम होंगे। क्षेत्रीय तनाव के बीच इन आयोजनों की सुरक्षा को लेकर ईरान विशेष सतर्कता बरत रहा है।
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लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मणिपुर में ताजा हिंसा को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने बयान में उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू होने के बावजूद राज्य में हिंसा नहीं थमी और हालिया घटनाओं में करीब 20 घर जलाए गए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लंबे समय से जारी अशांति के कारण हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और अनेक परिवारों को विस्थापन व नुकसान का सामना करना पड़ा है। राहुल गांधी ने कहा कि धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र और पहचान के आधार पर समाज को बांटने वाली राजनीति देश के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर विभाजनकारी राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि मणिपुर को स्थायी शांति और बेहतर भविष्य की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की स्थिति को सुधारने के लिए सभी पक्षों को मिलकर प्रयास करने चाहिए। इससे पहले मणिपुर में महिला संगठनों ने केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया था और गिरफ्तार स्वयंसेवकों की रिहाई की मांग की थी। वहीं राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जातीय हिंसा से जुड़े छह मामलों में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ संयुक्त अभियान के तहत विभिन्न जिलों में की गई।
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अरविंद केजरीवाल ने राम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े कथित दान और भूमि खरीद विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने इस मामले की जानकारी कई बार प्रधानमंत्री तक पहुंचाई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए पूरे मामले को दबाने की कोशिश की गई। केजरीवाल ने राम मंदिर ट्रस्ट की भूमि खरीद प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि कम कीमत पर खरीदी गई कुछ जमीनों को बाद में ट्रस्ट ने कई गुना अधिक कीमत पर खरीदा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुल लगभग 14 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन करीब 95 करोड़ रुपये में खरीदी गई। इसके अलावा उन्होंने मंदिर निर्माण से जुड़े ठेकों में कथित अनियमितताओं, कमीशन की मांग और सीसीटीवी फुटेज से जुड़े सवाल भी उठाए। आम आदमी पार्टी प्रमुख ने आरोप लगाया कि मामले की निष्पक्ष जांच के बजाय लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया गया। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। फिलहाल यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बना हुआ है और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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करीब दो दशकों तक राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राजनीति का केंद्र रहे पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को लालू प्रसाद यादव के परिवार ने पूरी तरह खाली कर दिया है। अब लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी बंगले में रहने चले गए हैं, जबकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपनी पत्नी और बच्चों के साथ 1 पोलो रोड स्थित सरकारी आवास में शिफ्ट हो गए हैं। इस बदलाव के साथ अब लालू परिवार एक ही छत के नीचे नहीं रहेगा। आवास खाली होने के दौरान राजद समर्थकों में भावुकता भी देखने को मिली। समर्थकों ने इसे पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक अध्याय का अंत बताया। वहीं, भवन निर्माण विभाग को जल्द ही बंगले की चाबियां सौंपे जाने की तैयारी है। इससे पहले राबड़ी देवी ने चार्ज रजिस्टर उपलब्ध कराने की मांग करते हुए बंगला खाली करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय भी मांगा था, ताकि सरकारी सामान का मिलान किया जा सके। लालू परिवार के आवास खाली करने के बाद 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला अब बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री और भाजपा विधायक नंद किशोर राम को आवंटित किया गया है। इस तरह वर्षों तक राज्य की राजनीति का अहम केंद्र रहा यह सरकारी आवास अब नए निवासी के साथ एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत करेगा।
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पाकिस्तान के लाहौर के पास फारूकाबाद में स्थित करीब 125 साल पुराने ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब के कथित ध्वस्तीकरण को लेकर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। आरोप है कि एक स्थानीय कारोबारी ने बिना सरकारी अनुमति के गुरुद्वारे के एक हिस्से को गिरा दिया। घटना पर दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि बंटवारे के समय लाखों सिख पाकिस्तान में रहते थे, जबकि अब वहां केवल लगभग 8,000 सिख ही बचे हैं। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए पाकिस्तान सरकार से उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पाकिस्तान की जिम्मेदारी है और ऐसी घटनाएं अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। भारत ने यह भी कहा कि गुरुद्वारे को नुकसान पहुंचाए जाने के दौरान स्थानीय प्रशासन और संबंधित प्राधिकरण की निष्क्रियता चिंताजनक है। विवाद बढ़ने के बाद पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने मामले में संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री मरियम नवाज के निर्देश पर अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने घटनास्थल का दौरा किया और घोषणा की कि सरकार अपने खर्च पर ऐतिहासिक गुरुद्वारे का पुनर्निर्माण कराएगी। साथ ही जमीन के स्वामित्व और कथित अवैध तोड़फोड़ की जांच संबंधित विभाग को सौंप दी गई है।
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक वालंटियर के साथ कथित बदसलूकी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। 'सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) ने आरोप लगाया है कि धरनास्थल पर बनाई गई लाइब्रेरी में छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास से जुड़ी किताबें बांट रहे एक वालंटियर को दिल्ली पुलिस ने घसीटा और उसके साथ मारपीट की। हालांकि, इस दावे की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से भी इस संबंध में विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब जंतर-मंतर पर लद्दाख से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी है। आंदोलन का नेतृत्व सोनम वांगचुक कर रहे हैं, जो कई दिनों से अनशन पर बैठे हैं। घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। सीजेपी और अन्य प्रदर्शनकारी संगठनों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में अनावश्यक हस्तक्षेप किया जा रहा है, जबकि उपलब्ध तस्वीरों और वीडियो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव जरूर दिखाई देता है। फिलहाल कथित मारपीट या किताबें जब्त किए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। दिल्ली पुलिस की ओर से भी इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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आषाढ़ी यात्रा 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे ने 22 से 29 जुलाई तक पंढरपुर और मिरज के लिए 54 विशेष ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। मध्य रेलवे के अनुसार, यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों से महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर में दर्शन के लिए बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी। रेलवे द्वारा जारी योजना के अनुसार नागपुर, अमरावती, खामगांव, लातूर, भुसावल, कोल्हापुर और पुणे जैसे प्रमुख शहरों से आरक्षित और अनारक्षित दोनों प्रकार की स्पेशल ट्रेनें संचालित होंगी। इनमें नागपुर–मिरज (4 सेवाएं), नवीन अमरावती–पंढरपुर (4), खामगांव–पंढरपुर (4), लातूर–पंढरपुर (8), भुसावल–पंढरपुर (4 अनारक्षित), कोल्हापुर–कुर्डुवाड़ी (16 अनारक्षित) और पुणे–मिरज (14 अनारक्षित) सेवाएं शामिल हैं। इन विशेष ट्रेनों का संचालन 21 जुलाई से शुरू होकर 29 जुलाई तक अलग-अलग तिथियों में किया जाएगा। यात्रा के दौरान ट्रेनें पंढरपुर, कुर्डुवाड़ी, मिरज, दौंड, अहमदनगर, मनमाड, भुसावल, जलगांव और सांगोला सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेंगी। रेलवे ने श्रद्धालुओं से समय रहते आरक्षण कराने और यात्रा से पहले ट्रेन के समय एवं संचालन संबंधी नवीनतम जानकारी की पुष्टि करने की अपील की है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका राजनीति या किसी भी तरह के आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। इंस्टाग्राम लाइव के दौरान एक प्रशंसक द्वारा प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा, \"मुझे प्रदर्शन जैसी चीजों से दूर ही रखो। मैं केवल एक कलाकार हूं, कोई नेता नहीं।\" उन्होंने फैंस से भी अपील की कि उन्हें राजनीतिक विवादों में न घसीटा जाए। लाइव बातचीत के दौरान दिलजीत ने कहा कि वह खुद को सिर्फ मनोरंजन की दुनिया तक सीमित रखना चाहते हैं और लोगों की राजनीतिक अपेक्षाओं से अलग हैं। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब की पंक्ति \"नानक दुखिया सब संसार, सो सुखिया जिस नाम अधार\" का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया में सब कुछ कभी पूरी तरह ठीक नहीं हो सकता। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा कि जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें भी बधाई और जिनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है, उन्हें भी बधाई, क्योंकि उन्हें इस पूरे मामले की ज्यादा जानकारी नहीं है। गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित नीट पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रही है। संगठन की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। इस आंदोलन की शुरुआत एक डिजिटल व्यंग्य समूह के रूप में हुई थी, जिसके संस्थापक अभिजीत दिपके बताए जाते हैं।
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टीवी अभिनेता अनुज सचदेवा ने गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला के तलाक को लेकर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्हें भी इस खबर से हैरानी हुई और गौरव को बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि आकांक्षा रियलिटी शो लॉक अप के दूसरे सीजन में अपनी निजी जिंदगी का खुलासा करेंगी। आकांक्षा ने शो में बताया था कि वह और गौरव पिछले एक साल से अलग रह रहे हैं। अनुज ने कहा कि खबर सामने आने के बाद उनकी गौरव से बात हुई थी। उनके अनुसार, गौरव को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उनके रिश्ते की स्थिति राष्ट्रीय टेलीविजन पर सार्वजनिक की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि गौरव ने हमेशा अपनी निजी जिंदगी को निजी ही रखा और शादी में आई परेशानियों को कभी सार्वजनिक मंच पर नहीं लाया। अनुज ने यह भी कहा कि गौरव अपनी शादी को लेकर गंभीर थे और उन्होंने रिश्ते को निभाने की पूरी कोशिश की। आकांक्षा ने शो में यह भी कहा था कि दोनों के अलग होने की एक वजह बच्चों को लेकर अलग-अलग सोच थी। इस पर अनुज ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यही असली कारण है। उन्होंने इसे पूरी तरह निजी मामला बताते हुए किसी भी तरह के अनुमान लगाने से बचने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि संभव है शो में इस मुद्दे को टीआरपी या दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए उठाया गया हो, हालांकि इस संबंध में उन्होंने कोई ठोस दावा नहीं किया।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में साइबर ठगों ने रेलवे के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को पेंशन वेरिफिकेशन का झांसा देकर 7.40 लाख रुपये की ठगी का शिकार बना लिया। चार शहर का नाका क्षेत्र निवासी बी.एल. शर्मा के पास एक व्यक्ति ने खुद को झांसी रेल मंडल का कर्मचारी बताकर फोन किया और पेंशन सत्यापन की अंतिम तिथि का हवाला देते हुए वीडियो कॉल पर प्रक्रिया पूरी कराने की बात कही। ठग के पास पेंशन और बैंक खाते से जुड़ी कुछ जानकारी पहले से होने के कारण पीड़ित को संदेह नहीं हुआ और उन्होंने कॉल के दौरान मोबाइल पर आए ओटीपी साझा कर दिए। वीडियो कॉल खत्म होते ही उनके मोबाइल पर बैंक से दो ट्रांजेक्शन के संदेश आए। महज दो मिनट के भीतर पहले 5 लाख रुपये और फिर 2.40 लाख रुपये खाते से निकाल लिए गए। ठगी का पता चलते ही बी.एल. शर्मा ने साइबर सेल पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। बैंक स्टेटमेंट की जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लेनदेन की जानकारी के आधार पर आरोपियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या संदेश पर ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय विवरण साझा न करें। किसी भी सरकारी विभाग या बैंक द्वारा फोन पर ऐसी जानकारी नहीं मांगी जाती। यदि किसी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन लेनदेन का सामना हो, तो तुरंत बैंक को सूचित करें, राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं और निकटतम साइबर पुलिस थाने से संपर्क करें।
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मध्य प्रदेश कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के एक बयान को लेकर आंतरिक विवाद खुलकर सामने आ गया है। उज्जैन के वीर भारत न्यास को एक रुपये में 500 करोड़ रुपये की जमीन दिए जाने के मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों को गलत बताए जाने के बाद पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और प्रदेश महासचिव निधि सत्यव्रत चतुर्वेदी समेत कई नेताओं ने इसे संगठन के लिए नुकसानदायक बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से हस्तक्षेप और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। इससे पहले प्रवीण पाठक और आरिफ मसूद भी उनके बयान का विरोध कर चुके हैं। विवाद के बीच कांग्रेस की गुटबाजी भी खुलकर सामने आ गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की, जिसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं अरुण यादव ने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने की कोशिश की जा रही है। सज्जन सिंह वर्मा ने भी कहा कि कांग्रेस को बाहरी विरोधियों से ज्यादा नुकसान पार्टी के भीतर ऐसे लोगों से हो रहा है, जो संगठन के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं। प्रदेश महासचिव निधि चतुर्वेदी ने दिग्विजय सिंह पर अपने बेटे जयवर्धन सिंह को आगे बढ़ाने के लिए पार्टी अनुशासन की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से प्रदेश अध्यक्ष के रुख का विरोध करना विपक्ष को राजनीतिक लाभ पहुंचाने जैसा है। फिलहाल दिग्विजय सिंह ने इस पूरे विवाद पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि उनके समर्थक उनके बचाव में सामने आए हैं। इस घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश कांग्रेस के भीतर बढ़ते मतभेदों और संगठनात्मक चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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