Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
डिजिटल अरेस्ट मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होनी है। इससे पहले केंद्र सरकार ने कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करते हुए बताया कि इस तरह की साइबर ठगी के सभी पहलुओं की जांच के लिए गृह मंत्रालय ने एक हाई-लेवल इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी का गठन किया है। केंद्र ने मामले पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से एक महीने का समय भी मांगा है, ताकि देशभर में फैल रहे इस संगठित साइबर अपराध की गहराई से जांच की जा सके। केंद्र के मुताबिक, इस कमेटी की अध्यक्षता गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) कर रहे हैं। इसमें CBI, NIA, दिल्ली पुलिस के IG रैंक के अधिकारी और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के सदस्य सचिव शामिल हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, विदेश मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, विधि एवं न्याय मंत्रालय, उपभोक्ता मामले मंत्रालय और RBI के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी भी कमेटी का हिस्सा हैं, ताकि तकनीकी, कानूनी और वित्तीय सभी पहलुओं पर समन्वित कार्रवाई हो सके। गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के लिए केंद्र को ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए थे। हरियाणा के एक बुजुर्ग दंपति की शिकायत पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने कहा था कि फर्जी पुलिस, कोर्ट आदेश और जजों के नाम का इस्तेमाल कर की जा रही ठगी न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि न्यायपालिका पर जनता के भरोसे पर सीधा हमला है। इसके बाद से सुप्रीम कोर्ट लगातार देशव्यापी स्तर पर ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जरूरत पर जोर दे रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आवारा कुत्तों के हमलों को लेकर बेहद सख़्त रुख अपनाया। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा कि कुत्तों में एक विशेष प्रकार का वायरस होता है, जिसका कोई इलाज नहीं है। कोर्ट ने रणथंभौर नेशनल पार्क के उदाहरण का ज़िक्र करते हुए कहा कि वहां कुत्तों को काटने वाले बाघ एक लाइलाज बीमारी से संक्रमित पाए गए थे। बेंच ने सवाल किया कि जब 9 साल के बच्चे पर कुत्ते हमला करते हैं तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी—सरकार की या उन्हें खाना खिलाने वाले संगठनों की? कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जो लोग आवारा कुत्तों को खाना खिलाते हैं, वे उन्हें अपने घर ले जाएं। सड़कें, अस्पताल, स्कूल, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थान इंसानों के आने-जाने के लिए हैं, न कि जानवरों के रहने के लिए। कोर्ट ने चेतावनी दी कि कुत्तों के काटने से बच्चों या बुजुर्गों की मौत या गंभीर चोट के हर मामले में राज्य सरकार के खिलाफ भारी मुआवजा तय किया जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि आंख मूंदकर इस समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट अरविंद दातार ने कोर्ट के 7 नवंबर 2025 के आदेश का समर्थन करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, खेल परिसरों और परिवहन केंद्रों में किसी भी स्थिति में आवारा कुत्ते नहीं होने चाहिए। उन्होंने वन्यजीव क्षेत्रों में आवारा कुत्तों से जैव विविधता को हो रहे खतरे का मुद्दा भी उठाया। कोर्ट ने कहा कि तथाकथित डॉग लवर्स की भावनाओं से ऊपर आम नागरिकों की सुरक्षा है और नियमों का सख़्ती से पालन कराया जाएगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश में राज्यसभा को लेकर कांग्रेस के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का दूसरा कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है, जिससे प्रदेश में एक राज्यसभा सीट खाली होगी। इसी को लेकर कांग्रेस के भीतर अभी से खींचतान शुरू हो गई है। इस बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने दिग्विजय सिंह को पत्र लिखकर मांग की है कि खाली होने वाली राज्यसभा सीट पर किसी अनुसूचित जाति वर्ग के नेता को मौका दिया जाए। प्रदीप अहिरवार ने पत्र में लिखा है कि दिग्विजय सिंह को राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष यह विषय रखना चाहिए। उन्होंने दिग्विजय सिंह के हालिया बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि एससी-एसटी वर्ग से कोई मुख्यमंत्री बनता है तो उन्हें प्रसन्नता होगी। इसी बयान के बाद यह पत्र चर्चा में आया और प्रदेश की कांग्रेस राजनीति में नया मुद्दा बन गया। बताया जा रहा है कि दिग्विजय सिंह तीसरी बार राज्यसभा जाने के इच्छुक नहीं हैं और वह भविष्य में अपना अधिक समय मध्य प्रदेश की राजनीति में देना चाहते हैं, जिसकी जानकारी उन्होंने पार्टी नेतृत्व को भी दे दी है। गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें खाली होंगी, लेकिन मौजूदा विधानसभा संख्या बल के आधार पर कांग्रेस को केवल एक ही सीट मिलने की संभावना है। ऐसे में टिकट को लेकर प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है। राज्यसभा की रेस में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, मीनाक्षी नटराजन, कमलेश्वर पटेल और पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी जैसे नाम सामने आ रहे हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और वर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाले इन नेताओं के कारण कांग्रेस की राज्यसभा सियासत आने वाले महीनों में और रोचक होने वाली है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बढ़ती कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कोलकाता में I-PAC से जुड़े ठिकानों पर हालिया छापेमारी के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ED आमने-सामने हैं। बंगाल में मार्च-अप्रैल 2026 में चुनाव प्रस्तावित हैं और ठीक इसी समय पुरानी जांचों में तेजी आने से एजेंसी की कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले भी बीते चार वर्षों में झारखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र में चुनावी माहौल के दौरान ED की बड़ी कार्रवाइयां देखी जा चुकी हैं। इसी साल पश्चिम बंगाल के साथ-साथ तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में भी विधानसभा चुनाव होने हैं और इन राज्यों में भी ED ने पुराने मामलों की फाइलें दोबारा खोलनी शुरू कर दी हैं। तमिलनाडु में शराब, रियल एस्टेट और शेल कंपनियों से जुड़े केस सत्ताधारी डीएमके के लिए चुनौती बने हुए हैं। असम में भाजपा सरकार के बीच विपक्षी कांग्रेस और एआईयूडीएफ से जुड़े नेताओं पर कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है। वहीं केरल में सोना तस्करी और सहकारी बैंक घोटालों से एलडीएफ सरकार दबाव में है, जबकि पुडुचेरी में कारोबारी-राजनीतिक गठजोड़ पर एजेंसी की नजर है। यह पैटर्न नया नहीं माना जा रहा है। झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल और महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी से जुड़े मामलों में ED की कार्रवाई ने राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित किया था। ताजा मामले में ED ने कोयला तस्करी से जुड़े ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में 8 जनवरी को I-PAC के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के घर छापेमारी की। हालांकि मामला 2020 से जांच में है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले सामने आई कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जांच एजेंसियों की सक्रियता और चुनावी राजनीति के बीच कोई सीधा संबंध है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
चीन ने जम्मू-कश्मीर में शक्सगाम घाटी पर भारत के दावे को खारिज कर दिया है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि जिस इलाके का भारत जिक्र कर रहा है, वह चीन का है और चीन को अपने इलाके में इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का पूरा हक है। माओ ने बताया कि चीन और पाकिस्तान ने 1960 के दशक में अपनी सीमा तय करने के लिए समझौता किया था और दोनों देशों ने अपने अधिकारों के हिस्से के रूप में सीमाओं को चिन्हित किया। चीन ने यह भी दावा किया कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) एक आर्थिक सहयोग परियोजना है, जिसका उद्देश्य स्थानीय आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना और लोगों की आजीविका में सुधार करना है। चीन ने इस परियोजना को क्षेत्रीय विकास और सहयोग के लिए जरूरी बताया। भारत ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने 1963 के चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते और CPEC को कभी मान्यता नहीं दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शक्सगाम घाटी भारतीय क्षेत्र का हिस्सा है और यह समझौता और परियोजना अवैध एवं अमान्य हैं। भारत ने कहा कि पाकिस्तान का कब्जा जबरन और अवैध है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर बड़ा आरोप लगाया है। ED ने टीएमसी के आईटी हेड और पॉलिटिकल कंसल्टेंट फर्म I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और कार्यालय पर 8 जनवरी को हुई छापेमारी के दौरान कथित तौर पर हुई 17 आपराधिक घटनाओं की CBI जांच की मांग की है। एजेंसी का आरोप है कि रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, डीजीपी और कोलकाता पुलिस आयुक्त ने जांच में बाधा डाली और कानून व्यवस्था को प्रभावित किया। ED ने अपनी याचिका में कहा है कि तलाशी के दौरान अहम दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के साथ जबरन छेड़छाड़ की गई, कुछ रिकॉर्ड अवैध रूप से उठा लिए गए और अधिकारियों को धमकाया गया। एजेंसी का दावा है कि ये दस्तावेज किसी राजनीतिक गतिविधि से नहीं, बल्कि अवैध कोयला खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस से संबंधित थे। ED ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि जब्त या छीने गए सभी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, स्टोरेज मीडिया और दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से सील किया जाए और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित की जाए। गौरतलब है कि 8 जनवरी को ED ने कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के आवास और सॉल्टलेक स्थित I-PAC कार्यालय पर छापेमारी की थी। रेड के दौरान पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर और बाद में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और ED का आरोप है कि उसके अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराकर जांच को कमजोर करने की कोशिश की गई। वहीं, बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल कर बिना पक्ष सुने कोई आदेश न देने की मांग की है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप पर सभी की नजरें टिकी हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्यप्रदेश के सतना शहर में सराफा बाजार में सोना और चांदी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 12 जनवरी को सोना 1.44 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.64 लाख रुपए प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई। पिछले एक सप्ताह में ही सोने के दाम करीब 6 हजार रुपए और चांदी 24 हजार रुपए बढ़ गए। सराफा व्यापारी राजीव वर्मा के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती, सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और घरेलू खरीदी ने सोना-चांदी के दामों में तेजी लाई है। बढ़ते दामों का असर स्थानीय बाजार पर भी दिख रहा है और ग्राहक अब सीमित मात्रा में ही खरीदारी कर रहे हैं। एमपी में आज 24 कैरेट सोने की कीमत 13,734 रुपए प्रति ग्राम और 22 कैरेट 3,080 रुपए प्रति ग्राम है। दिसंबर 2025 में सोना 1.30 से 1.35 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 1.60 लाख से 2.30 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर थी। हालांकि, नवंबर में कुछ गिरावट आई थी और 30 अक्टूबर को सोना 1.20 लाख रुपए और चांदी 1.44 लाख रुपए प्रति किलो पर आ गई थी। उसके बाद से दाम लगातार बढ़ रहे हैं और जनवरी 2026 में यह नया शिखर छू गया।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
महाकुंभ 2025 से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने आध्यात्मिक मार्ग छोड़ने का भावुक ऐलान किया है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि बीता एक साल उनके लिए बेहद कठिन रहा, जहां आस्था से ज्यादा उन्हें शक, आरोप और सवालों का सामना करना पड़ा। प्रयागराज के माघ मेले में मौजूद हर्षा ने कहा कि महाकुंभ से शुरू हुई उनकी यात्रा अब यहीं समाप्त हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई गलत या अनैतिक काम नहीं किया, फिर भी धर्म की राह पर आगे बढ़ते ही उनके इरादों पर उंगली उठाई गई। हर्षा ने समाज की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी लड़की के चरित्र पर सवाल उठाना सबसे आसान होता है। “मैं सीता नहीं हूं कि हर बार अग्नि परीक्षा दूं,” यह कहते हुए उनका दर्द साफ झलका। उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया कि वह धर्म के नाम पर पैसा कमा रही हैं। हर्षा के मुताबिक, सच्चाई यह है कि वह कर्ज में हैं, जबकि कुछ लोग वास्तव में धर्म को धंधा बना चुके हैं। बिना किसी सुरक्षा कवच के उनके बीच खड़े रहना उनके लिए बेहद मुश्किल साबित हुआ। हर्षा रिछारिया ने घोषणा की कि मौनी अमावस्या के बाद वह आध्यात्मिक रास्ता छोड़कर अपने पुराने प्रोफेशन में लौटेंगी। भोपाल की रहने वाली हर्षा का करियर मॉडलिंग और एंकरिंग से शुरू हुआ था, जहां उन्हें अच्छी पहचान मिली। बाद में वह आध्यात्म की ओर आकर्षित हुईं और आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या भी रहीं। हर्षा का कहना है कि आस्था उनकी निजी यात्रा थी, लेकिन उसे सार्वजनिक बहस बना दिया गया—और यही वजह है कि अब वह जीवन का नया अध्याय शुरू करना चाहती हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
बॉलीवुड की हॉट और ग्लैमरस एक्ट्रेस दिशा पाटनी की जिंदगी में अब नया प्यार दस्तक दे गया है। खबर है कि दिशा पंजाबी सिंगर तलविंदर सिंह सिद्धू को डेट कर रही हैं, जो उनसे लगभग 5 साल छोटे हैं। सोशल मीडिया पर दोनों के साथ में वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिससे फैंस के बीच इस रिश्ते को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। दिशा पहले अपने और टाइगर श्रॉफ के ब्रेकअप को लेकर सुर्खियों में थीं, लेकिन अब लगता है कि उन्होंने अपने प्यार की सही दिशा पा ली है। सोमवार को दिशा पाटनी उदयपुर से मुंबई लौटीं, जहां उन्होंने कृति सेनन की बहन नुपुर सेनन की शादी अटेंड की थी। एयरपोर्ट पर दिशा और तलविंदर को साथ में देखा गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तलविंदर पैपराजी से बचने के लिए दिशा से आगे चल रहे थे, लेकिन फैंस की नजरों से दोनों नहीं बच सके। इस दौरान दोनों की बॉन्डिंग और सहजता ने मीडिया और सोशल मीडिया का ध्यान खींचा। तलविंदर सिंह सिद्धू पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में नामी गायक हैं। उन्होंने ‘हसीन’, ‘ख्याल’ और ‘गल्लां 4’ जैसे सुपरहिट गाने दिए हैं। उनके गाने ‘तेनु ज्यादा मोहब्बत’ ने हाल ही में दर्शकों का खूब ध्यान खींचा है। खास बात यह है कि तलविंदर आम तौर पर हमेशा मास्क पहनकर ही दिखाई देते हैं, इसलिए दिशा के साथ उनकी नजदीकियों ने फैंस में और उत्सुकता पैदा कर दी है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
बॉलीवुड के सीरियल किसर कहे जाने वाले इमरान हाशमी ने अपनी फिल्म ‘द डर्टी पिक्चर’ को करने की असली वजह बताई है। इमरान ने कहा कि उन्होंने इस फिल्म में हां इसलिए किया क्योंकि उन्हें कहानी और सब्जेक्ट पसंद आया था, भले ही पूरी लाइमलाइट विद्या बालन के पास थी। उन्होंने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में मेल एक्टर्स अक्सर खुद को ही हीरो देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें अपनी असुरक्षा से बाहर निकलकर नई तरह की फिल्मों को अपनाना चाहिए। इमरान हाशमी ने रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ की भी सफलता का विश्लेषण किया। उन्होंने कहा कि फिल्म पर आलोचनाओं का बाज़ार गर्म था, लेकिन इसके बावजूद लोग सिनेमाघरों में गए और फिल्म ब्लॉकबस्टर रही। इमरान के मुताबिक, दर्शक उन मर्दाना किरदारों की भावनाओं से खुद को जोड़ पाते हैं, भले ही बाहर आलोचना हो रही हो। वहीं, इमरान ने बॉलीवुड में मेल एक्टर्स की इनसिक्योरिटी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘हक’ जैसी फिल्म करने के लिए बहुत कम लोग तैयार होंगे क्योंकि इसमें कहानी महिला के संघर्ष के इर्द-गिर्द घूमती है। इमरान के मुताबिक, हर कहानी में पुरुष का ही जीतना जरूरी नहीं होता और यही सोच उन्हें ‘द डर्टी पिक्चर’ जैसी फिल्मों में काम करने के लिए प्रेरित करती है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
ग्वालियर में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती 12 जनवरी को हर साल की तरह इस बार भी “युवा दिवस” के रूप में मनाई गई। जिले के लगभग 2 हजार से अधिक शिक्षण संस्थाओं में करीब 2 लाख छात्रों ने सामूहिक सूर्य नमस्कार किया। इस अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक स्कूल शिक्षानगर में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य आतिथ्य प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने किया। सूर्य नमस्कार से पहले कार्यक्रम में आकाशवाणी के माध्यम से राष्ट्रगीत वंदे मातरम, स्वामी विवेकानंद का रिकॉर्डेड ऑडियो और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश प्रसारित किया गया। प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने छात्रों को स्वामी विवेकानंद के जीवन और सिद्धांतों को अपनाने की प्रेरणा दी और कहा कि विश्व में सबसे अधिक युवा भारत में हैं, यही देश की सबसे बड़ी शक्ति है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
अमरपाटन के स्वर्गीय कप्तान लाल प्रताप सिंह स्टेडियम में आयोजित अखिल भारतीय फुटबॉल टूर्नामेंट का आज भव्य समापन हुआ। इस टूर्नामेंट का आयोजन पिछले 44 वर्षों से पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष व अमरपाटन विधायक डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह के संरक्षण में किया जा रहा है। 14 टीमों ने प्रतियोगिता में भाग लिया और उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन किया। फाइनल मैच राजस्थान पुलिस बीकानेर और MEG बैंगलोर के बीच हुआ। पहले हाफ में राजस्थान ने 1-0 की बढ़त बनाई, जबकि दूसरे हाफ में MEG बैंगलोर ने वापसी की कोशिश की, लेकिन मैच 4-3 के स्कोर से राजस्थान के नाम रहा।विजेता टीम राजस्थान पुलिस बीकानेर को 71,000 रुपए नगद राशि और ट्रॉफी प्रदान की गई, जबकि उपविजेता MEG बैंगलोर को 51,000 रुपए और ट्रॉफी दी गई। मुख्य अतिथि चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने खेल प्रतिभागियों को सम्मानित किया। मैदान में बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और टूर्नामेंट का आनंद लिया।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.
Created By:
Medha Innovation & Development |