Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Asaduddin Owaisi ने हैदराबाद में आयोजित ईद मिलाप कार्यक्रम में कहा कि नमाज और अजान से जुड़े विवादित मुद्दे जानबूझकर मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क पर नमाज रोजाना नहीं बल्कि केवल जुमे और ईद जैसे विशेष अवसरों पर पढ़ी जाती है, जबकि देश के कई हिस्सों में धार्मिक यात्राओं और जुलूसों के दौरान भी सड़कें बंद रहती हैं। ओवैसी ने सवाल उठाया कि यदि सार्वजनिक स्थानों के उपयोग को लेकर आपत्ति है तो सभी धार्मिक आयोजनों पर एक समान नियम लागू होने चाहिए।
ओवैसी ने त्योहारों के दौरान मांस और अंडे की बिक्री पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यदि किसी विशेष धार्मिक अवसर पर मांस की दुकानें बंद कराई जाती हैं, तो उसी तर्क के आधार पर रमजान के दौरान शराब की दुकानों पर भी विचार होना चाहिए। उनका कहना था कि कानून और प्रशासनिक फैसलों में सभी समुदायों के लिए समान मानक होने चाहिए।
अपने संबोधन में ओवैसी ने शिक्षा और आर्थिक मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने NEET परीक्षा विवाद, बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि इन मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं होती, जबकि धार्मिक विवादों को अधिक महत्व दिया जाता है। उन्होंने CBSE उत्तरपुस्तिका विवाद और असम में लागू किए गए Uniform Civil Code को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि नागरिकों को सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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