Patrakar Priyanshi Chaturvedi
सुप्रीम कोर्ट द्वारा बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को वैध ठहराए जाने के बादAll India Trinamool Congress की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी नेता और वरिष्ठ वकीलKalyan Banerjee ने कहा कि शीर्ष अदालत का फैसला केवल बिहार मामले तक सीमित है और इसे पूरे देश में लागू नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालत ने अपने आदेश में कई बार स्पष्ट किया है कि उसकी टिप्पणियां सिर्फ बिहार में चल रही प्रक्रिया के संदर्भ में हैं।
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने बुधवार को चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे SIR को संवैधानिक और कानूनी रूप से वैध माना। अदालत ने कहा कि यह प्रक्रिया नियमित मतदाता सूची पुनरीक्षण से अलग जरूर है, लेकिन इसे केवल इसी आधार पर अवैध नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने माना कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने का अधिकार है और प्रक्रिया में पर्याप्त सुरक्षा उपाय मौजूद हैं।
हालांकि, कल्याण बनर्जी ने फैसले के एक अहम पहलू का जिक्र करते हुए कहा कि अदालत ने साफ किया है किElection Commission of India यह तय नहीं कर सकता कि कोई व्यक्ति नागरिक है या गैर-नागरिक। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से इस आधार पर हटाया जाता है कि वह नागरिक नहीं है, तो यह फैसला चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र से बाहर होगा। TMC का कहना है कि नागरिकता तय करने का अधिकार केवल सक्षम कानूनी संस्थाओं के पास है, न कि चुनाव आयोग के पास।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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