Patrakar Priyanshi Chaturvedi
ग्वालियर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय तूफान का ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र में प्रत्यक्ष असर भले ही नहीं दिख रहा हो लेकिन इसके प्रभाव से यहां के वायु मंडल में नमी वाली पूर्वी हवाएं बहने लगी हैं। इसी कारण यहां पिछले दो दिनों से अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विज्ञानियों का पूर्वानुमान है कि फिलहाल तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही रहेगा और अंचल में लू चलने की संभावना नहीं है।
मौसम विभाग ने ग्वालियर-चम्बल में 10 से 12 मई तक हीट वेब और लू की स्थिति निर्मित होने का पूर्वानुमान जारी किया था, लेकिन ग्वालियर में मौसम शुष्क रहने के बाद भी पिछले दो दिन से अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। मंगलवार को भी यहां मौसम शुष्क रहा और धूप भी काफी तेज निकली लेकिन हवाओं की गति मंद रही। इस वजह से पिछले दिन की अपेक्षा आज अधिकतम तापमान 1.0 डिग्री सेल्सियस गिरावट के साथ 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो औसत से मात्र 0.1 डिग्री सेल्सियस अधिक है जबकि न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री सेल्सियस वृद्धि के साथ 27.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो औसत से 2.7 डिग्री सेल्सियस अधिक है। आज सुबह हवा में नमी 47 और शाम को 39 प्रतिशत दर्ज की गई।
स्थानीय मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि वर्तमान में पश्चिम मध्य और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में समुद्री तूफान 'आसनी' सक्रिय है। जिसके प्रभाव से वायु मंडल में अब तक चल रहीं पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हवाओं की बजाय अब नमी युक्त पूर्वी हवाएं चल रही हैं। उधर उत्तरी पाकिस्तान में पश्चिमी विक्षोभ और मध्य पाकिस्तान में प्रेरित चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इधर पंजाब से दक्षिण-पश्चिमी मध्यप्रदेश तक एक द्रोणिका भी बनी हुई है। उत्तरी पाकिस्तान में बना पश्चिमी विक्षोभ बुधवार की रात जम्मू-कश्मीर में पहुंच जाएगा जो विशेष रूप से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसका आंशिक प्रभाव ग्वालियर-चम्बल अंचल में भी नजर आएगा। यहां कहीं आंशिक तो कहीं मध्यम बादल छा सकते हैं। इसके चलते फिलहाल अंचल में तापमान में ज्यादा उलटफेर और लू की स्थिति निर्मित होने की संभावना नहीं है।
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