कोरोना से भी खतरनाक है हंता वायरस
bhopal ,  Laughing virus is more dangerous than corona

योगेश कुमार सोनी

 

कोरोना वॉयरस से पूरी दुनिया त्राहिमाम है, इसी बीच चीन में एक और नए वायरस हंता ने जन्म ले लिया। चीन के सरकारी मीडिया संस्थान ग्लोबल टाइम्स के अनुसार इसका प्रकोप चीन के यूनान प्रांत मे फैला है और इससे एक व्यक्ति की मौत की भी खबर आ चुकी। हालांकि यह वायरस अभी चीन में ही सीमित है। यूएस सेंटर फॉर डिजीस एंड कंट्रोल के अनुसार हंता वायरस चूहे के थूक और मलमूत्र में होता है जो हवा में घुलकर मानव शरीर में प्रवेश करता है। इससे इंसान तब संक्रमित होता है जब चूहे के रहने वाली जगहों के संपर्क में आता है। यह वायरस सांस के जरिए शरीर में जाता है।

 

कुछ रिसर्च सेंटर और रिपोर्ट्स के अनुसार हंता वायरस से मौत का खतरा कोरोना के मुकाबले करीब चौबीस प्रतिशत ज्यादा आंका गया है। इस वॉयरस से जिस व्यक्ति की मौत हुई है वह बस से शाडोंग प्रांत लौट रहा था। जैसा कि चीन में हर किसी की कहीं भी जाने से पहले जांच हो रही है तो पूरी बस की जांच हुई, जिसमें कुल 32 यात्री थे। किसी को भी कोई समस्या नहीं निकली लेकिन एक व्यक्ति में कुछ अजीब सिम्टम्स देखे गए। पहले तो यह लगा कि शायद यह व्यक्ति कोरोना से पीड़ित होगा लेकिन जब तकनीकी रूप से सभी जांचे हुई तो पता चला इसे हंता वायरस हुआ है। जैसे ही इस वायरस के बारे में पता चला तो पूरे चीन में हड़कंप मच गया और इसके बाद अब पूरी दुनिया में दहशत फैल गई है। चीन के डॉक्टरों के अनुसार हंता वायरस होने के शुरुआती लक्षण शरीर का बहुत ज्यादा थकना, अचानक तेज बुखार, एलर्जी होना, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, चक्कर आना, सर्दी लगना और पेट से संबंधित दिक्कतें होना बताया गया है। इसके अलावा अबतक इस वॉयरस के और अधिक सिम्टम्स के बारे में तो पता नहीं चला लेकिन यह चूहों की वजह से फैलता है, इस बात की पुष्टि हो चुकी। लक्षण दिखने के बाद यदि इस वॉयरस से पीड़ित का इलाज नहीं किया जाता या उसे इलाज न मिले तो उसे किडनी फेल, लो ब्लडप्रेशर की समस्या, आघात, नाड़ियों से रिसाव जैसी बड़ी समस्याएं हो जाती हैं।

 

बहराहल,अब मुद्दा यह है कि यदि चीन से इस ही तरह वायरस निकलते रहे तो निश्चित तौर पर दुनिया का सर्वनाश तय है। एक सवाल यह भी है कि क्या यह वॉयरस अपने आप उपज रहे हैं या फिर इसमें चीन की कोई चाल हो सकती है? चूंकि एक ही देश में दूसरा इतना खतरनाक वायरस आना बहुत कुछ कह रहा है। इसके अलावा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन में जीव-जन्तुओं को अधिक मात्रा में खाया जाता है, जिस वजह से वहां हर कोई बीमार ही माना जाएगा। वह किसी भी प्रकार के जीव को नहीं छोड़ते, जिस वजह से उनके शरीर में आंतरिक रूप से किसी भी रोग को सहने की शक्ति बहुत कम हो जाती है।

 

पहले से ही कोरोना वॉयरस की वजह से करीब 17 हजार लोग मर चुके हैं और यह करीब 190 देशों में अपने पैर पसार चुका है। पूरी दुनिया में लगभग चार लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं। भारत में कोविड-19 के पांच सौ से अधिक मामले पाए गए हैं, जिनमें से 10 लोगों की मौत हो चुकी है। जिस वजह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन घोषित कर दिया। जानकारी के मुताबिक हमारे देश के बाइस राज्यों के पचहत्तर जिलों में कोरोना वॉयरस के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। जिसमें अधिकतर मामले कर्नाटक, महाराष्ट्र, केरल, उत्तर प्रदेश के साथ दिल्ली एनसीआर में पाए गए हैं। विश्व पटल पर चर्चा करें तो बीता सोमवार इटली के लिए सबसे भयावह बीता, जहां एकदिन में छ सौ से ज्यादा नागरिकों की मौत हुई। इस भयावह स्थिति से पूरा विश्व ग्रस्त है। सभी को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है हालांकि इसके लिए सभी देशों की सरकारें ऐसी व्यवस्था करने में लगी हुई है कि किसी को कोई नुकसान न हो। लेकिन यदि अब हंता वायरस भी पैर पसार गया तो पूरी दुनिया को और अधिक चुनौतीपूर्ण तरीके से लड़ना होगा जो बेहद कठिन हो सकता है।

 

भारत जैसा देश हर परिस्थिति लड़ने को तैयार है। प्रधानमंत्री ने तीन सप्ताह भारत को पूर्ण रूप से बंद करने की अपील है। उन्होने कहा कि यदि आप इक्कीस दिन नहीं माने तो आप 21 वर्ष पीछे आ जाएगे। अपने घर में एक लक्ष्मण रेखा खींचनी होगी और शपथ लेनी होगी हमें अपने सिवाय अपनों का भी ख्याल रखना होगा। इसलिए हमें बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। जैसा कि हमारा देश ज्यादा संख्या वाला देश है तो हमें ज्यादा सुरक्षा की जरूरत है और वो हमें स्वयं ही करनी है। इस वायरस की रफ्तार तोड़ने के लिए हमें शासन-प्रशासन द्वारा बताई गई गाइड लाइन पर चलना होगा।

 

 

(लेखक पत्रकार हैं।)

Dakhal News 25 March 2020

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