Patrakar Priyanshi Chaturvedi
देश में पहली बार शुक्रवार से मध्यप्रदेश ,हरियाणा समेत अन्य राज्यों के किसान 10 दिन की छुट्टी पर जा रहे हैं। किसान एक से 10 जून तक शहरों में फल-सब्जियों और दूध की सप्लाई नहीं करेंगे। किसानों ने इन 10 दिनों में शहर की दुकानों, शोरूम और सुपर बाजार का रुख नहीं करने का भी अहम निर्णय लिया है।
अगर शहरी लोगों को फल-दूध या सब्जी चाहिए तो उन्हें गांवों का रुख करना पड़ेगा। दाम भी किसान ही तय करेंगे। किसान यह सब केंद्र व राज्य सरकारों की नीतियों के विरोध में कर रहे हैं।
राष्ट्रीय किसान महासंघ के प्रतिनिधियों ने एक से 10 जून तक शहरों में दूध व फल-सब्जियों की आपूर्ति नहीं होने देने की रणनीति बनाई है।
राष्ट्रीय किसान महासंघ के वरिष्ठ सदस्य व भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रधान गुरनाम सिंह चढूनी और प्रदेश प्रवक्ता राकेश कुमार ने बताया कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं करने व कर्ज माफी नहीं होने पर किसानों को यह कदम उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि 62 किसान संगठनों ने इस दौरान गांवों से शहरों को खाद्य पदार्थो की सप्लाई नहीं होने देने की पूरी रणनीति बना ली है।
गुरनाम चढूनी और राकेश कुमार ने साफ किया कि इस बंद में वह कोई रोड जाम नहीं करेंगे। किसान अपने घर और गांव में बैठकर शहर और सरकार को अपना दर्द समझाएंगे। आंदोलन के दौरान किसान आढ़तियों से भी पूरी तरह दूरी बनाकर रखेंगे। किसानों द्वारा एक दूसरे से उधार लेकर 10 दिन तक आर्थिक लेन-देन किया जाएगा।
जगह-जगह दिखा किसान आंदोलन का असर
किसान आंदोलन का असर धीरे-धीरे छोटे-बड़े शहरों की मंडियों में दिखने लगा है। अपनी पूर्व घोषणा के मुताबिक किसानों ने कहा था कि वे अपनी उपज मंडियों में नहीं भेजेंगे, ऐसे में मंडियों में शुक्रवार को सामान्य से कम ही भीड़ नजर आई। कई मंडियों में किसान अपनी उपज लेकर नहीं पहुंचे और व्यापारियों ने पुराना स्टॉक किया माल ही बेचा।
भोपाल की भी प्रमुख मंडियों में लोगों तक पुराना माल ही पहुंच रहा है। हालांकि लोगों ने एक दिन पहले से सब्जी और अन्य जरुरी सामानों का स्टॉक करना शुरू कर दिया था लेकिन आज भी कई लोग जब मंडियों में पहुंचे तो उन्हें ताजा माल नहीं मिला। किसान सब्जी, अनाज और अपनी उपज लेकर मंडियों में नहीं पहुंचे। पुराना माल होने के कारण भी बिक्री ज्यादा नहीं हुई।
इधर होशंगाबाद ,पिपरिया में भी सब्जी मंडी में माल नहीं आया और 2 दिन पुरानी सब्जियां बिकीं। सब्जी मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष आमीन राइन के मुताबिक बिक्री में 30 फीसदी गिरावट आई है और सब्जियां रोड़ पर ही बिक रही हैं। मंडियों में ज्यादा किसान नहीं पहुंचे हैं। दूध की सप्लाई पर फिलहाल असर नहीं है। बाजार के जानकारों के मुताबिक हड़ताल का असर 3 जून से नजर आएगा।
इधर इटारसी मंडी में पुलिस ने किसानों से संवाद किया। एसपी मंडी क्षेत्र का जायजा ले रहे हैं। वहीं पिपरिया में कुछ लोगों को रोकने का प्रयास हुआ है। जगह-जगह पुलिस बल तैनात है। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रात 3 बजे से लगाई गई है।
वहीं विदिशा में किसानों के बंद आंदोलन का खासा असर दिखाई दे रहा है। विदिशा शहर के बाहरी इलाकों में बंद आंदोलन कर रहे किसान सुबह से ही जमा हो गए थे और शहर में आने वाले दूध बेचने वालों को वापस गांव लौटा रहे थे। इस दौरान किसानों और दूध बेचने वालों के बीच मामूली विवाद की स्थिति भी बनीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। हालांकि इस दौरान पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। बंद आंदोलन से विदिशा में दूध की सप्लाई प्रभावित हुई है और आज कई जगह दूध की सप्लाई नहीं हो पाई।
Dakhal News
|
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.
Created By:
Medha Innovation & Development |