लोक अदालतों में निपटाये जायेंगे श्रमिकों,कर्मकारों के न्यायालयीन विद्युत प्रकरण
icp kesri

 

 

मध्यप्रदेश शासन ने संबल योजना और म.प्र. भवन एवं अन्य संन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल पोर्टल पर पंजीकृत कर्मकारों के विरुद्ध जून 2018 तक दर्ज घरेलू बिजली संबंधी न्यायालयीन प्रकरणों में अभियोजन वापस लेने का निर्णय लिया है। राज्य शासन के अनुरोध पर म.प्र. उच्च न्यायालय ने इन प्रकरणों के निराकरण के लिये विशेष लोक अदालतों के आयोजन की अनुमति दे दी है।

प्रमुख सचिव ऊर्जा  आई.सी.पी. केशरी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि श्रमिकों और कर्मकारों के विरुद्ध विशेष न्यायालयों में वर्तमान में विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 135 और 138 के लगभग 20 हजार प्रकरण प्रचलन में है। उच्च न्यायालय की अनुमति के बाद अब इन प्रकरणों के निराकरण के लिये शीघ्र ही विशेष लोक अदालतें लगायी जायेंगी।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा पंजीकृत श्रमिकों और कर्मकारों के जून 2018 तक के घरेलू संयोजन पर बिजली बिल की समस्त बकाया राशि माफ कर दी गई है। यह कार्यवाही मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम-2018 में की गई है। इसके अतिरिक्त, इन हितग्राहियों को जुलाई 2018 के बिल से घरेलू संयोजन पर अधिकतम 200 रुपये प्रति माह के बिजली बिल की सुविधा दी गई है। इस सुविधा के अन्तर्गत हितग्राहियों के बिजली बिल की शेष राशि राज्य शासन द्वारा वहन की जा रही है।

Dakhal News 4 August 2018

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