. हजारो लोग हैं, जिनके पास रोटी है | चांदनी रातें हैं,लड़कियां हैं | और 'अक्ल' है | हजारों लोग हैं,जिनकी जेब में | हर वक्त कलम रहती है | और हम हैं | कि कविता लिखते हैं... | पाश
 
 

 LATEST

 दखल क्यों?


इसलिए की ''स्टेटस को'' जो अपना स्टेटस खो चुका है॰ यथास्थिति दरअसल जस का तस् बने रहना नहीं है पिछङ जाना है॰ चाय की प्याली में तूफ़ान उठाकर यथास्थिति नहीं तोडी जाती . हमारे बुद्धिजीवियों ने काफ़ी हाउस में बहुत से बुलबुले उडाये है

[आगे पढ़ें]

  ताज़ा समाचार


मध्यप्रदेश में पर्यटन वर्ष मनाया जायेगा

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में अगला वर्ष पर्यटन वर्ष के रूप में मनाया जाय...
 
श्रम की ताकत श्रमेव जयते


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हफ्ते कई श्रम सुधार कार्यक्रम पेश किए। श्रमेव जयते योजना पंडित दीन...
 
नरेंद्र सिंह ने लाभांश का चैक लिया


केंद्रीय इस्‍पात, खान, श्रम और रोजगार मंत्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने भारत सरकार की ओर से हिन्‍दुस्‍तì...
 
हुद-हुद से प्रभावित आंध्रप्रदेश के ऊर्जा तंत्र की बहाली में मध्यप्रदेश करेगा मदद

हुद-हुद तूफान से अस्त-व्यस्त आंध्रप्रदेश की बिजली अधोसंरचना की बहाली के लिए मध्यप्रदेश शासन हर संभव ...
 
अब जरुरी है नदियों को बचाने की पहल


ज्ञानेंद्र रावत
देश के सामने आज नदियों के अस्तित्व का संकट मुंह बाये खड़ा है। इस बारे में सभा,सेमिनार...
 
 

  कविता


Google  

 ADVERTISEMENTS

Show all online stations


 

Copyright - dakhal.net

Samprati MP Presents "dakhal.net"