. हजारो लोग हैं, जिनके पास रोटी है | चांदनी रातें हैं,लड़कियां हैं | और 'अक्ल' है | हजारों लोग हैं,जिनकी जेब में | हर वक्त कलम रहती है | और हम हैं | कि कविता लिखते हैं... | पाश
 
 

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 दखल क्यों?


इसलिए की ''स्टेटस को'' जो अपना स्टेटस खो चुका है॰ यथास्थिति दरअसल जस का तस् बने रहना नहीं है पिछङ जाना है॰ चाय की प्याली में तूफ़ान उठाकर यथास्थिति नहीं तोडी जाती . हमारे बुद्धिजीवियों ने काफ़ी हाउस में बहुत से बुलबुले उडाये है

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श्रम और पूँजी में समन्वय, समय की मांग


केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार, खान और इस्पात मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने मुंबई में आयोजित एक समारोह मेæ...
 
निर्वाचन आयोग देगा नेशनल मीडिया अवार्ड

भारत निर्वाचन आयोग लोकसभा निर्वाचन 2014 में मतदाताओं को मतदान के प्रति शिक्षित एवं जागरूक करने के लिये अ...
 
जैविक खेती बढ़ाने निजी क्षेत्र आया आगे

मध्यप्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिये राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहयोग के ...
 
हमारे पर्व-त्योहारों के पीछे वैज्ञानिक दृष्टि

शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री निवास पर गोधन की पूजा करते हुए मन अपने पूर्वजों की पर्व-त्यौहारों के ...
 
मध्यप्रदेश में पर्यटन वर्ष मनाया जायेगा

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में अगला वर्ष पर्यटन वर्ष के रूप में मनाया जाय...
 
 

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