. हजारो लोग हैं, जिनके पास रोटी है | चांदनी रातें हैं,लड़कियां हैं | और 'अक्ल' है | हजारों लोग हैं,जिनकी जेब में | हर वक्त कलम रहती है | और हम हैं | कि कविता लिखते हैं... | पाश
 
 

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 दखल क्यों?


इसलिए की ''स्टेटस को'' जो अपना स्टेटस खो चुका है॰ यथास्थिति दरअसल जस का तस् बने रहना नहीं है पिछङ जाना है॰ चाय की प्याली में तूफ़ान उठाकर यथास्थिति नहीं तोडी जाती . हमारे बुद्धिजीवियों ने काफ़ी हाउस में बहुत से बुलबुले उडाये है

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रतलाम के शिवगढ़ में 215 करोड़ से विकास कार्यों

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रतलाम जिले के शिवगढ़ ग्राम में अंत्योदय मेले में 215 करोड़ 50 लाख के निर्म...
 
इंकलाबी फैसले को सलाम

गोपाल भार्गव
शासकीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था, उसका स्तर और गुणवत्ता सुधारने के मामले में इलाहाबा&#...
 
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मध्यप्रदेश में वन्य-जीव संरक्षण की सराहना

ख्याति प्राप्त वन्य-जीव विशेषज्ञों ने मध्य प्रदेश में वन्य-जीव संरक्षण, विशेष रूप से बाघों, गिद्धों औ...
 
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गुरदासपुर में हुए आतंकी हमले की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि पाक समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा ...
 
 

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