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विशेष


नर्मदा के तट पर अमृत का मेला  सरकारी इंतजाम अली खा पी गए सिंहस्थ को

मध्यप्रदेश सरकार का जुमला ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' भी सिर्फ जुमला बन कर रह गया । सरकारी कारिंदे कई बार गलतियां करते हैं इस बार भी जुमला गढ़ने में गड़बड़ हो गई ।क्योंकि जब पानी के लिए क्षिप्रा से नर्मदा को जोड़ा गया तो क्षिप्रा का अस्तित्व ख़त्म हो गया और वह नर्मदा में तब्दील हो गई । ठीक वैसे ही जैसे गंगा से मिलकर सब कुछ गंगा हो जाता है । लेकिन मध्यप्रदेश के सरकारी अफसर तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गुमराह करने में लगे थे सो नर्मदा और क्षिप्रा में हुए झोलझाल को दबा दिया गया । साधुओं ,संत महात्माओं और शिवराज सिंह के आकर्षक विज्ञापनों की चकाचौंध में सिंहस्थ को आस्था का केंद्र बनाए जाने की बजाए बाजार में तब्दील करने की कोशिश अफसरों ने की । लेकिन हुअत वही जो राम रची राख । पहले दिन से ही सिंहस्थ पर मुख्यमंत्री की अफसरी भारी पड़ गयी और उज्जैन उन नज़रों से वंचित रह गया जो उसे बारह बारस बाद यहाँ देखने थे । कड़वा सत्य पहले दिन कुम्भ की जो छटा होती है ,वह इस बार नदारत रही । सरकारी कारिंदों ने कुम्भ के पहले दिन लोगों की संख्या को लेकर कुतर्क किये। कहा गया पचास लाख लोग आये हैं। लेकिन संख्या बमुश्किल पांच लाख के आसपास रही । जिन लोगों ने पिछले उज्जैन कुम्भ को देखा था उनका कहना था इस बार श्रद्धालु कम और सरकारी इंतजाम अली ज्यादा हैं । जिस कारण यह मेला श्रद्धा का केंद्र होने की बजाये बड़े बाजार में तब्दील सा हो गया । महंत चतुरानंद ने तो यह तक कहा कि सरकार ने धर्म के मामले में जो अति उत्साह दिखाकर सरकारीकरण कर दिया है । वह न तो उज्जैन के लिए न ही सिंहस्थ के लिए हितकर है । स्वामी पुष्करनंद का कहना है धर्म अपना काम अपने आप करता है वह किसी का मोहताज नहीं है खासकर सरकार का तो कतई नहीं है । सरकार ने जहाँ जहाँ टांग अड़ाई वहां वहां बंटाधार ही होता है। कुम्भ के पहले दिन पहले शाही स्नान का दिन इतना सामान्य रहा कि उज्जैन वाले सरकारी इंतजामात को कोस्ते नजर आये। श्रद्धालु कम और पुलिस और शासकीय कर्मचारी इस सिंहस्थ की शोभा बढ़ाते नजर आये। नर्मदा के टत पर अमृत का मेला ऋषि अजयदास की माने तो सरकार ने क्षिप्रा को ख़त्म कर दिया है। जैसे ही नर्मदा जल से क्षिप्रा को भरा गया क्षिप्रा का अस्तित्व ही ख़त्म हो गया। अब इसका प्रचार ''क्षिप्रा के तट पर अमृत का मेला '' नहीं ''नर्मदा के तट पर अमृत का मेला होना चाहिए। ऋषि अजय दास कहते हैं संत समुदाय ने इस बार खासकर नागा साधुओं ने काफी सयंम से काम लिया नहीं तो सरकार की इस गलती के लिए उसे लेने के देने पड़ जाते। सिंहस्थ का आकर्षण साधू सन्यासी होते हैं अगर नर्मदा के मसले पर वे बेरुखी अख्तियार कर लेते तो सिंहस्थ प्रारम्भ ही नहीं हो पाता। इस कारण वैसे भी उज्जैन सिंहस्थ कुछ नीरस सा है। बुद्धू बनाया बुद्धूबक्से ने मध्यप्रदेश के रीजनल चैनल के रिपोर्टर ऐसे भागा दौड़ी कर के रिपोर्ट दे रहे थे कि पांव रखने की जगह नहीं है। लेकिन हाल वहां आगे पाट पीछे सपाट वाला था। चंद सिक्कों में गिरवी रखे यह न्यूज़ चैनल आम लोगों को बुद्धू बनाने में लगे थे । जिन लोगों ने इनका झूठ देखा उसे लगा भोपाल से उज्जैन तक के सारे रास्ते श्रद्धालुओं से अटे पड़े हैं। मजे की बात यह है कि सिंहस्थ को लेकर जनसम्पर्क विभाग ने अँधा बांटे रेवड़ी की तर्ज पर विज्ञापन बांटे और समझ लिया कि कुम्भ सफल हो गया। सरकार के पिट्ठू न्यूज़ चैनल को जनसम्पर्क विभाग के भूतल पर बैठने वाले एक अधिकारी कमांड दे रहे थे की अब तक 10 लाख लोग पहुंचे हैं और अब 30 लाख पहुँच गए हैं यह चलाएं। एक चैनल प्रमुख ने यह सब रिकॉर्ड कर लिया है। जाहिर है झूठ के हाथ पैर नहीं होते। अभी तो सिंहस्थ शुरू हुआ है और घपलों घोटालों की बू आने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सक्रीय हो गए हैं। धीरे धीरे rti के जरिये दूध का दूध और पानी का पानी होगा कि कितने कितने का घपला किस किस ने किया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को गुमराह कर के 500 करोड़ के ऊपर की राशि सिर्फ प्रचार-प्रसार में खर्च कर दी,140 करोड़ के टूटे-फूटे शौचालय बनवा दिए। सरकारी माल का दुरूपयोग कैसे किया जाता है उज्जैन सिंहस्थ इसकी भी मिसाल बनेगा। चांडाल योग चांडाल योग और कुम्भ की जब बात होती तो यह नोट खाऊ अफसर कह देते कि कहे का चांडाल योग , क्या बिगाड़ लेगा ... हमारा कुछ बिगड़ा क्या ? जितने मालखाने वाले हैं उनके लिए चांडाल योग और सिंहस्थ लाभ का सौदा रहा है ,लेकिन महाकाल इनकी ऐसी कुगत करेंगे कि इनकी शक्लें इतिहास के चांडालों में दर्ज हो जाएंगी ।वैसे भी इस बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के सिपहसलारों ने सिंहस्थ का सरकारीकरण कर उसका सत्यानाश कर दिया हैं ऐसे में भाड़े का मीडिया है जिसे सिर्फ हरा ही हरा दिख रहा है ,ऐसा लगता है मीडिया कि जवाबदेही जनता के प्रति न होके भ्रस्ट सिस्टम के प्रति हो । मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह ने जब सिंहस्थ शुरू होने से पहले मीडिया को चाय पर बुलाया तो एक पत्रकार ने कहा साब माल [विज्ञापन ] दे कर गले तक तर कर दिया है। जाहिर है जो गले तक तर हैं वह पत्रकारिता क्या करेंगे और सच क्या लिखेंगे और क्या सच दिखाएंगे। फिलहाल चांडाल योग का असर अभी ब्रम्हांड पर है। उज्जैन , सिंहस्थ और इसके इंतजाम अली इससे बचे रहें हम सिर्फ इसकी प्रार्थना कर सकते हैं। [दखल ]

Patrakar Shafali Gupta

Shafali Gupta 23 April 2016

राजनीति


शिवराज बोले विकास कार्यों को रोक दूँगा पर किसानों को नहीं रोने दूँगा

नर्मदापुरम् संभाग के बैतूल जिले के ग्राम मर्दवानी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान किसानों के बीच पहुँचे और खेतों में जाकर फसल क्षति का जायजा लिया। उन्होंने भादू आदिवासी के खेत में ओला वृष्टि से क्षतिग्रस्त फसल देखी। श्री चौहान ने किसानों को ढाँढस बँधाते हुए कहा कि चाहे विकास कार्यों को रोकना पड़े लेकिन किसानों को फसल क्षति पूर्ति की पर्याप्त राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने ग्राम खंजनपुर के धीरज उइके को मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना में 8.96 लाख का चेक भी दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल क्षति आकलन में जनता की भागीदारी सुनिश्चित की जाये। राजस्व, कृषि, ग्रामीण विकास विभाग के साथ जनता के पाँच लोग भी सर्वे दल में हों। उन्होंने सर्वे सूची को पंचायत भवन में प्रदर्शित करने को कहा। श्री चौहान ने कहा कि किसानों के कर्जे की इस वर्ष वसूली नहीं होगी और ब्याज शासन द्वारा वहन किया जायेगा। उन्होंने अफलित अरहर फसल के सर्वे के लिये भी कहा।श्री चौहान ने कहा कि प्रभावित किसानों को आगामी सीजन में शून्य प्रतिशत ब्याज पर कर्ज मिलेगा। फसल आने तक एक रूपये प्रति किलो गेहूँ, चावल एवं नमक वितरित किया जायेगा। इसके साथ ही सौ फीसदी प्रभावित कृषकों को बच्चियों की शादी के लिये 25 हजार की अतिरिक्त राशि भी दी जायेगी। उन्होंने आगामी फसल की पैदावार आने तक प्रभावितों से बिजली के बिल की वसूली नहीं किये जाने की बात भी कही।मुख्यमंत्री ने कमिश्नर एवं कलेक्टर से कहा कि क्राप कटिंग परीक्षण कर फसल बीमा का लाभ किसानों को दिलाने की पहल करें। बीमा कम्पनी द्वारा प्रदत्त राशि के अतिरिक्त जो राशि किसानों को देय होगी, उसे शासन वहन करेगा।इस दौरान प्रभारी मंत्री सरताज सिंह, सांसद ज्योति धुर्वे, विधायक हेमंत खंडेलवाल, सज्जन सिंह उइके, चंद्रशेखर देशमुख, चेतराम मानेकर, महेन्द्र सिंह चौहान तथा अन्य जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।

Patrakar Anurag Upadhyay

Anurag Upadhyay 23 April 2016

मीडिया


नगर नगम में बीजेपी का चौका

नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण में भाजपा ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर और छिंदवाड़ा नगर निगम सहित तीन नगर परिषदों पर भगवा परचम फहराया। दो नगर परिषद पर कांग्रेस जीत दर्ज करने में सफल रही। पहले चरण के चुनाव में भी भाजपा ने 10 नगर निगमों में जीत दर्ज कराई थी। प्रदेश की16 में से एक नगर निगम मुरैना का मामला कोर्ट में है। नगर सरकार की जंग में भी जनता ने भाजपा पर भरोसा जताया। दूसरे चरण में हुए चार नगर निगम में भाजपा के सभी मेयर प्रत्याशी जीते। सबसे बड़ी जीत इंदौर में भाजपा की मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के नाम रहीं। जबकि सबसे कम मतों का अंतर छिंदवाड़ा में रहा। यहां पर दोनों प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर थी। भोपाल, जबलपुर में भी जीत का अंतर पहले के मुकाबले इस बार काफी बड़ा रहा।सबसे ज्यादा इंदौर, सबसे कम अंतर शमशाबादनगर सरकार के लिए सबसे ज्यादा मतों का अंतर नगर निगम इंदौर में रहा। यहां पर भाजपा की मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ ने कांग्रेस की अर्चना जायसवाल को 2,46,596 मतों से पराजित किया। सबसे कम जीत का अंतर विदिशा जिले की शमशाबाद नगर परिषद में रहा। यहां कांग्रेस के कृष्ण कुमार माहेश्वरी ने बीजेपी के मूलचंद माहेश्वरी को मात्र 102 मतों से पराजित किया।हरदा में होगा चुनाव, छनेरा में निर्दलीय जीतेनगर पालिका परिषद हरदा में अध्यक्ष को वापस बुलाने के लिए हुए मतदान में कांग्रेस की संगीता बंसल पराजित हुईं। इसके कारण वहां पर चुनाव फिर से कराए जाएंगे। इसी तरह खंडवा जिले की छनेरा में निर्दलीय प्रत्याशी कमलकांत भारद्वाज पद पर बने रहेंगे।नोटा का भी हुआ उपयोगनगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण में कई प्रत्याशी जनता की नापसंद रहे। इसके लिए उन्होंने नोटा का उपयोग किया। चार नगर निगमों में हुए मतदान में 22,103 लोगों ने नोटा का बटन दबाया। जबकि पार्षद प्रत्याशियों के लिए 15,444 लोगों ने नोटा का उपयोग किया। इसी तरह अध्यक्ष पद के लिए 437 नोटा के वोट पड़े।वार्ड : सबसे कम और ज्यादा वोटों से जीतनगर निगम भोपाल के चुनाव में वार्ड क्रमांक 20 से भाजपा प्रत्याशी संजीव गुप्ता महज 22 वोटों से जीत हासिल कर सके। गुप्ता को जहां 3,895 वोट मिले वहीं उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी मो. रशीद खान को 3,873 वोट मिले। वहीं, कांग्रेस की वार्ड क्रमांक 9 से शबाना शाहिद अली ने अपनी प्रतिद्वंद्वी भाजपा की शमीम अफजल को सबसे ज्यादा 4,898 वोटों के अंतर से हराया।

Patrakar Anurag Upadhyay

Anurag Upadhyay 23 April 2016

फैशन


हिंदुत्व पर शिवसेना भागवत के साथ

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के देश को हिंदू राष्ट्र कहने वाले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का समर्थन किया है।उन्होंने कहा कि भागवत के बयान में कुछ भी गलत नहीं है। बकौल उद्धव, 'मैं मोहन भागवत का समर्थन करता हूं। बाला साहेब ठाकरे लंबे समय तक यही बात करते रहे, तो आज हम इस मुद्दे पर अपनी राय कैसे बदल सकते हैं।'गौरतलब है कि मोहन भागवत ने रविवार को कहा था कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है और हिंदुत्व इसकी पहचान है।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को फिर कहा कि भारत की पहचान हिंदू राष्ट्र की है। वह विश्व हिंदू परिषद के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले भागवत ने ओड़िशा के एक कार्यक्रम में भारत को हिंदू राष्ट्र बताया था।विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने रविवार को अपने स्वर्ण जयंती समारोह के मंच पर लगभग सभी भारतीय पंथों के संतों को बुलाकार यह संदेश देने का प्रयास किया कि भारत में प्रचलित सिख, बौद्ध और जैन आदि पंथ भी सनानत हिंदू परंपरा के ही अंग हैं।इसी बात को स्पष्ट करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि भारत के जिन प्राचीन मूल्यों के आधार पर सारे संप्रदाय कार्य करते हैं वे समान हैं। इन प्राचीन मूल्यों को देखकर सारी दुनिया कहती है कि आप हिंदू हैं क्योंकि उन मूल्यों को हिंदू मूल्यों के रूप में ही पहचाना जाता है।हिंदू राष्ट्र की पहचान बताते हुए भागवत ने कहा कि हिंदुत्व में अनेक पंथ-संप्रदाय हैं और उसमें इतनी ताकत भी है कि वह कई और पंथों-संप्रदायों को हजम कर सकती है।हालांकि विहिप ने अगले 50 वर्ष के एजेंडे में देश से छुआछूत मिटाने को प्राथमिकता पर रखा है लेकिन उसे पहचान दिलानेवाले राम जन्मभूमि आंदोलन को भी वह भूली नहीं है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि हिंदू समाज अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनाकर ही रहेगा।

Patrakar Anurag Upadhyay

Anurag Upadhyay 23 April 2016

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