विशेष

    अब होगी निलम्बन की कार्यवाही    मध्यप्रदेश  शासन ने  कटनी कलेक्टर प्रकाश जांगरे को हटाकर भोपाल भेजने के आदेश जारी कर दिए। प्रकाश जांगरे के खिलाफ ईओडब्ल्यू में शराब ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के मामले में एफआईआर दर्ज होने पर यह आदेश किए गए हैं। लोकायुक्त पुलिस जबलपुर ने कटनी कलेक्टर प्रकाश जांगरे और जिला आबकारी अधिकारी (डीओ) आरसी त्रिवेदी समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया था।प्रकाश जांगरे को निलंबित भी किये जाने पर सरकार विचार कर रही है।    कलेक्टर जांगरे और डीओ त्रिवेदी पर आरोप है कि साल 2016-17 के लिए कटनी जिले में शराब ठेकों की नीलामी में कुछ ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए बिना अर्नेस्ट मनी के शराब ठेके शुरू करा दिए थे। इससे शासन को 6 करोड़ का आर्थिक नुकसान हुआ।   कलेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के पीछे लोकायुक्त पुलिस का तर्क है कि किसी भी शराब नीलामी प्रक्रिया में कलेक्टर लाइसेंस अथॉरिटी होता है। साल 2106-17 में जो गड़बड़ी कटनी जिले में हुई उसमें कलेक्टर जांगरे ने बिना तफ्तीश किए ठेके की प्रक्रिया शुरू करवा दी थी। इससे उनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई है।   हो सकते है निलंबित    IAS प्रकाश जांगरे से जुड़े ताज घटनाक्रम के बाद सरकार हुई संक्रीय।मुख्यमंत्री के स्वदेश आते ही होगे निलंबन के आदेश। कटनी जिले के बहुचर्चित फर्जी डिमाण्ड ड्राफ्ट से शराब ठेका दिलवाने के मामले में कटनी कलेक्टर प्रकाश जांगरे और जिला आबकारी अधिकारी आर सी त्रिवेदी के विरुध्द लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 व 13b के तहत FIR दर्ज की है। आरोप है कि अपने पद का  दुरूपयोग करते हुए कलेक्टर और जिला आबकारी अधिकारी ने ठेकेदारों से मिलीभगत कर ठेके कि अमानत राशि के रूप में फर्जी DD जमा करवाई थी  जिससे शासन  को 7 करोड़ से अधिक की राजस्व की हानि हुई। इस घोटाले के चलते जिले की शराब दुकानों का ठेका निरस्त करना पड़ा। इस बहुचर्चित मामले में दोषी बैंक अधिकारियो के खिलाफ पहले ही FIR दर्ज की जा चुकी है और बैक प्रबंधन ने उसे निलम्बित कर दिया है जबकि इस घोटाले का मास्टर माइंड शराब ठेकेदार अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।  

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Dakhal News 24 June 2016

      भारतीय अंतरिक्ष के खाते में बुधवार को एक और कामयाबी जुड़ गई। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से एक साथ इसरो ने पीएसएलवी सी-34 की मदद से 20 सैटेलाइट्स को लॉन्च किया।   सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (पीएसएलवी) अपने 36वें प्रक्षेपण के दौरान 20 उपग्रहों को अंतरिक्ष में ले गया। जिसकी लागत अन्य अंतरिक्ष एजेंसियों की तुलना में 10 गुना कम है। 320 टन वजन वाला पीएसएलवी बुधवार को कनाडा, इंडोनेशिया, जर्मनी और अमेरिका 17 छोटे उपग्रह अंतरिक्ष में ले गया। लेकिन इस लॉन्च का सबसे प्रमुख उपग्रह 727 किलोग्राम वज़न का पृथ्वी की निगरानी करने वाला भारतीय 'कार्टोसैट' है। जो सब-मीटर रिसॉल्यूशन में तस्वीरें खींच सकता है। दो अन्य भारतीय 'सत्यभामासैट' और 'स्वयम' भी अंतरिक्ष में भेजे गए। इसरो ने भारत-अमेरिका मित्रता के प्रतीक के रूप में 13 अमेरिका-निर्मित छोटे उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजा है। जिनमें गूगल के मालिकाना हक वाली कंपनी टेरा बेला (Terra Bella) द्वारा बनाया गया पृथ्वी की तस्वीरें खींचने वाला उपग्रह भी शामिल है। गूगल का यह सैटेलाइट स्काईसैट जेन 2 (SkySat Gen-2) 110 किलोग्राम वज़न का है। यह सब-मीटर रिसॉल्यूशन की तस्वीरें खींचने तथा हाई-डेफिनिशन वीडियो बनाने में सक्षम है। इसरो के अध्यक्ष किरण कुमार ने कहा कि एक ही बार में 20 उपग्रहों को लॉन्च करना 'पक्षियों को अंतरिक्ष में उड़ने देने' जैसा है। जो छोटी-छोटी चीजें आप अंतरिक्ष में रखने जा रहे हैं, उनमें से प्रत्येक अपना-अपना काम करेगी। ये एक-दूसरे से बिल्कुल अलग और स्वतंत्र है, और प्रत्येक उतना समय वहां बिताएगा, जितने समय के लिए उसे डिजाइन किया गया है। वर्ष 2008 में 28 अप्रैल को इसरो ने एक ही बार में सबसे ज्‍यादा उपग्रह अंतरिक्ष में भेजने का विश्वरिकॉर्ड बनाया था। जब पीएसएलवी एक साथ 10 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजा था । वर्ष 2013 में अमेरिकी मिनोटॉर-1 रॉकेट ने यह रिकॉर्ड तोड़ दिया, और एक साथ 29 उपग्रह ले गया। फिर अगले ही साल रूस ने रिकॉर्ड पर कब्जा कर लिया। उन्होंने डीएनईपीआर रॉकेट के ज़रिये एक साथ 33 उपग्रह अंतरिक्ष में भेजे। इसरो इस लॉन्च के साथ ही अरबपतियों एलॉन मस्क और जेफ बेजाेस की कंपनियों के मुकाबले में पहुंच जाएगा। जिन्होंने कहीं कम कीमतों में लॉन्च की पेशकश देकर अंतरिक्ष प्रक्षेपण के उद्योग में दस्तक दी है। इसरो अब तक लगभग 20 अलग-अलग देशों के 57 उपग्रहों को लॉन्च कर चुका है। इसके जरिये उसने अब तक 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर कमाए हैं।  

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Dakhal News 22 June 2016

राजनीति

      योगगुरु बाबा रामदेव के बाद अब भोपाल सांसद आलोक संजर ने एक हजार एवं पांच सौ के नोटों पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कालेधन और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए प्लास्टिक मनी का प्रचलन बढ़ाने एवं 'कैशलेस\" सोसायटी पर जोर देना होगा। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा वह संसद में भी उठा चुके हैं।   सांसद आलोक  संजर ने कुछ देशों का उदाहरण दिया और बताया कि भ्रष्टाचार और कालेधन को रोकने के लिए यही एक उपाय है। इस संबंध में वह दिल्ली में कई केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों के समक्ष प्रेजंटेशन देने के अलावा माहौल बनाने में जुटे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात में भी इसका जिक्र हुआ है। संजर ने यूरोप के देशों में बैंकों और बाजार में नकदी के अनुपात का ब्योरा भी दिया। उन्होंने बताया कि बड़े नोटों के बंद होने से नकली नोटों की छपाई पर भी रोक लग जाएगी। आतंकवादी गतिविधियों पर भी अंकुश लगेगी। सांसद संजर के साथ मौजूद एक एनजीओ अर्थक्रांति के संचालक मृगेंद्र ने प्रेजंटेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी भी दी। साथ ही बताया कि देश में यदि बड़े करेंसी नोटों पर रोक लगती है तो कोई भी व्यक्ति रिश्वत के रूप में छोटे नोट नहीं स्वीकार करने में डरेगा। इसके अलावा प्लास्टिक मनी का प्रचलन बढ़ने और जनधन योजना का प्रचार बढ़ने के बाद सारा लेनदेन बैंकों के जरिए ही होने लगेगा।

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Dakhal News 23 June 2016

      योगगुरु बाबा रामदेव के बाद अब भोपाल सांसद आलोक संजर ने एक हजार एवं पांच सौ के नोटों पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कालेधन और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए प्लास्टिक मनी का प्रचलन बढ़ाने एवं 'कैशलेस\" सोसायटी पर जोर देना होगा। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा वह संसद में भी उठा चुके हैं।   सांसद आलोक  संजर ने कुछ देशों का उदाहरण दिया और बताया कि भ्रष्टाचार और कालेधन को रोकने के लिए यही एक उपाय है। इस संबंध में वह दिल्ली में कई केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों के समक्ष प्रेजंटेशन देने के अलावा माहौल बनाने में जुटे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात में भी इसका जिक्र हुआ है। संजर ने यूरोप के देशों में बैंकों और बाजार में नकदी के अनुपात का ब्योरा भी दिया। उन्होंने बताया कि बड़े नोटों के बंद होने से नकली नोटों की छपाई पर भी रोक लग जाएगी। आतंकवादी गतिविधियों पर भी अंकुश लगेगी। सांसद संजर के साथ मौजूद एक एनजीओ अर्थक्रांति के संचालक मृगेंद्र ने प्रेजंटेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी भी दी। साथ ही बताया कि देश में यदि बड़े करेंसी नोटों पर रोक लगती है तो कोई भी व्यक्ति रिश्वत के रूप में छोटे नोट नहीं स्वीकार करने में डरेगा। इसके अलावा प्लास्टिक मनी का प्रचलन बढ़ने और जनधन योजना का प्रचार बढ़ने के बाद सारा लेनदेन बैंकों के जरिए ही होने लगेगा।

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Dakhal News 23 June 2016

मीडिया

माध्यम के महाप्रबंधक बने मालवीय प्रलय श्रीवास्तव मध्यप्रदेश जनसम्पर्क संचालनालय में 34 साल की उल्लेखनीय सेवा के बाद 31 मई 2016 को उप संचालक  दिनेश मालवीय सेवानिवृत्त हो गये। श्री मालवीय कर्मठ, सेवाभावी, निष्ठावान अधिकारी रहे है। अनेक पुस्तकों का अनुवाद और विभिन्न विषय पर पुस्तक का प्रकाशन कर चुके श्री मालवीय की हिन्दी, अंग्रेजी के साथ-साथ उर्दू एवं संस्कृत भाषा पर अच्छी पकड़ रही। ज्ञान और शब्द संग्रह की मानों वे खदान है। संचालनालय के प्रत्येक महत्वपूर्ण लेखन कार्य अथवा प्रकाशन में उनकी लेखनी खूब चली। अनेक फिल्म की पटकथा अथवा विज्ञापन के मैटर का में, मालवीय  ने महत्वपूर्ण योगदान किया। अपनी विशिष्ट भाषा शैली, हिन्दी-अंग्रेजी का गहन ज्ञान और वित्तीय आंकड़े उन्हें सदैव कंठस्थ रहे, यही उनकी पहचान भी रही है। विशिष्ट व्यक्ति और वरिष्ठ अधिकारी श्री दिनेश मालवीय की लेखनी को लोहा मानते है, तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं है।मालवीय जी के संघर्ष को मैने करीब से देखा और महसूस किया है। कार्य के प्रति उनकी लगन, जुझारूपन और निष्ठा सदैव नये युवा अधिकारियों को प्रेरित करेगी, ऐसा मेरा विश्वास है। मेरा मानना है कि अपर संचालक रहे स्व. श्री के.डी. झा के कृतित्व की छाप  दिनेश मालवीय पर पड़ी है, यही कारण है कि श्री झा साहब के जाने के बाद जनसम्पर्क के क्षेत्र में जो रिक्तता आई उसे भरने का प्रयास मालवीय जी ने अपने अथक परिश्रम और समर्पण भाव से की गई सेवा से किया। जनसम्पर्क में सर्विस की पारी खेल चुके दिनेश मालवीय को राज्य शासन ने उनकी सेवाओं को देखते हुए मध्यप्रदेश माध्यम में महाप्रबंधक के पद पर नियुक्त किया है। इस तरह उनकी सेवाएं सतत मिलती रहेगी।  दिनेश मालवीय को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ।       जिसके लफजों में हमें अपना अक्स मिलता है।       बड़े नसीब से दिनेश मालवीय जैसा शख्स मिलता है॥

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Dakhal News 24 June 2016

  आनंद पांडे को मिला माधवराव सप्रे सम्मान      'समाज के हर क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। पत्रकारिता भी इससे अछूती नहीं है। अब पत्रकारिता के सभी माध्यमों में प्रयोग करने का समय आ गया है। एक समय था जब अखबारों की क्वालिटी ठीक नहीं थी, लेकिन पठन सामग्री बेहतर होती थी। हमें बेहतर और विश्वसनीय पठन सामग्री उपलब्ध करना होगा। इसके लिए पत्रकारिता जगत को नए सिरे से परिभाषित करना होगा। पत्रकारिता में नए प्रयोगों का समय आ गया है।\"   नईदुनिया के समूह संपादक आनंद पांडे ने रविवार को सप्रे संग्रहालय यह बातें कहीं। उन्हें 'रतनलाल जोशी जन्मशती स्मरण और राष्ट्रीय अलंकरण समारोह\" में 'माधवराव सप्रे\" सम्मान प्रदान किया गया।   उन्होंने 'पत्रकारी अवधारणा\" पर अपनी बात रखी। यहां भारतीय ज्ञान परंपरा के जानकार डॉ. कपिल तिवारी को 'महेश सृजन\" सम्मान से नवाजा गया। सम्मान स्वरूप शॉल, श्रीफल व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जनसंपर्क मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा, पत्रकारिता और राजनीति लोकतंत्र के प्रमुख स्तंभ हैं। इनकी जिम्मेदारी है कि समाजहित के लिए मिलकर काम करें।   डॉ. कपिल तिवारी ने कहा, 'ज्ञान खुद को जगाने का माध्यम है। यह हमेशा अच्छे आचरण की बात करता है, लेकिन हम आचरणों को आत्मसात नहीं कर रहे। बस, हर कीमत पर सफलता पाना चाहते हैं। यही चाहत हमें जीवन मूल्यों से समझौता करने पर मजबूर करती है।\" स्व. रतनलाल जोशी की बेटी कवयित्री शांति शर्मा ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर विचार रखे। कार्यक्रम में सांसद आलोक संजर, रतनलाल जोशी परिवार व अन्य अतिथि उपस्थित थे।     कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार मलय श्रीवास्तव को 'हुकुमचंद नारद\" सम्मान दिया गया। राष्ट्रीय एकता परिषद के अध्यक्ष चुने जाने पर वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव, जनसंपर्क के क्षेत्र में ताहिर अली और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. देवेंद्र दीपक को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।     Attachments area          

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Dakhal News 21 June 2016

समाज

    एक ही नाम पर अलग-अलग जिलों से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले की दाल नहीं गलेगी। अब प्रदेश में एक नाम पर एक ही जिले से ड्राइविंग लाइसेंस जारी होगा। गृह मंत्रालय के अनुरोध पर परिवहन विभाग ने प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन के साथ आधार कार्ड की स्व-प्रमाणित कॉपी लगाना अनिवार्य किया है। परिवहन आयुक्त डॉ.शैलेंद्र श्रीवास्तव ने सभी आरटीओ को इसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। आॅनलाइन आवेदन में भी आधार नंबर देना होगा। सेंट्रल सर्वर हो रहा अपडेट परिवहन आयुक्त श्रीवास्तव ने बताया कि आधार कार्ड को विभाग में मान्य करने तेजी से काम हो रहा है। सेंट्रल सर्वर को अपडेट किया जा रहा है। ड्राइविंग लाइसेंस में आधार की कॉपी लगाना अनिवार्य होगा। इसके निर्देश जारी किए गए हैं। हर जगह मिल चुकी मान्यता आधार कार्ड को केंद्र सरकार के निर्देश पर एक समग्र आईडी मानते हुए हर जगह स्वीकार किया जाता है। लोग चाहे वोटर कार्ड बनवाएं या फिर पासपोर्ट। गैस सब्सिडी के लिए आधार कार्ड को लिंक कराना अनिवार्य है। बैंक में भी खाता खुलवाने के लिए इसे मान्य किया गया है। इसे देखते हुए अब परिवहन विभाग ने इसे अनिवार्य कर दिया है, ताकि कोई गड़बड़ी न कर सके। वहीं, अब आधार कार्ड हर व्यक्ति ने बनवा लिया है, इससे लोगों को दिक्कतों का सामना भी नहीं करना पडेगा।

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Dakhal News 22 June 2016

  भोपाल में स्मृति इरानी ने हजारों विद्यार्थियों के साथ योग किया      मध्यप्रदेश में द्वितीय अतंर्राष्ट्रीय योग दिवस पर लाखों नागरिक ने एक साथ-एक संकेत पर सामूहिक योग का प्रदर्शन किया। योग-अभ्यास का कार्यक्रम सभी जिलों, ब्लॉक, तहसील और पंचायत स्तर पर किया गया। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी ने भोपाल के लाल परेड मैदान में राज्य स्तरीय सामूहिक योग कार्यक्रम में लगभग 10 हजार विद्यार्थी और नागरिकों के साथ योग किया। गृह एवं जेल मंत्री श्री बाबूलाल गौर, सांसद श्री आलोक संजर, महापौर श्री आलोक शर्मा, विधायक सर्वश्री विश्वास सारंग और रामेश्वर शर्मा तथा मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा भी मौजूद थे। जिला मुख्यालयों पर हुए योग प्रदर्शन के कार्यक्रम में मंत्रीगण और अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल हुए।   राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सुबह से ही स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों का लाल परेड मैदान पर पहुँचना शुरू हो गया था। पूरे मैदान पर उनके बैठने और योग-अभ्यास के लिए व्यवस्था की गई थी। योग करवाने के लिए स्कूलों के प्रशिक्षित शिक्षकों सहित पतंजंलि, आर्ट ऑफ लिविंग और गायत्री परिवार के प्रशिक्षक भी उपस्थित थे। योग कार्यक्रम में एन.सी.सी. और स्काउट एवं गाइड से जुड़े विद्यार्थियों ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।   कार्यक्रम में अतिथियों के पहुँचने के बाद सबसे पहले बड़ी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज, केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री श्रीपाद नाईक और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संदेश का प्रसारण दिखाया गया। प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में पूरा विश्व योग से जुड़ेगा। श्रीमती सुषमा स्वराज ने कहा कि योग केवल व्यायाम ही नहीं बल्कि व्यक्ति को तनावरहित भी बनाता है। श्री श्रीपाद नाईक ने जीवन में योग की महत्ता बताई और इसे लोगों से अपनाने को कहा।   मध्यप्रदेश गान के बाद मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशवासियों के नाम रेडियो सेदेश में योग दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के बीच अंतर्संबंध स्थापित करता है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया जिनके प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र संघ ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का निर्णय लिया। श्री चौहान ने अपने संदेश में कहा कि योग सामान्य जीवन एवं शरीर को स्वस्थ रखता है। आध्यात्मिक शांति के लिए योग वैज्ञानिक उपाय है, जिसका लाभ सभी आयु वालों को उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री के अनुसार योग से ऊर्जा एवं क्षमता में वृद्धि होती है। उन्होंने स्वस्थ एवं प्रसन्न रहने के लिए नागरिकों से योग को अपनाने का आव्हान भी किया।   श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी ने जन-प्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, स्वैच्छिक संस्थानों के पदाधिकारियों, सदस्यों और नागरिकों के साथ योग क्रियाएँ की। सामूहिक योग में पद्मासन, मत्स्यासन, भुजंगासन, धनुरासन, मकरासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन किये गये। प्रत्येक आसन का स्क्रीन पर प्रदर्शन भी हुआ। कार्यक्रम स्कूल शिक्षा विभाग ने किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा  एस.आर. मोहंती, प्रमुख सचिव आयुष  शिखा दुबे, आयुक्त राज्य शिक्षा केन्द्र  दीप्ति गौड़ मुखर्जी, आयुक्त लोक शिक्षण  नीरज दुबे, संचालक स्कूल शिक्षा  बी.एस. जामोद आदि उपस्थित थे।   मुख्यमंत्री श्री चौहान बीजिंग में सामूहिक योग सत्र में हुए शामिल    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज चीन के बीजिंग में सामूहिक योग सत्र में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री चौहान चीन की यात्रा पर है। वे चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के विशेष आमंत्रण पर गए हैं।   श्री चौहान ने इस अवसर पर कहा कि योग लोगों को मिलाता है। दिलों से जोड़ता है और सकारात्मक सोच का निर्माण करता है। इससे तन-मन को शांति और आनंद की प्राप्ति होती है। योग के लिए कोई भौगोलिक सीमा नहीं है।   मुख्यमंत्री श्री चौहान ने चीन के नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बधाई दी।

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Dakhal News 21 June 2016

पेज 3

    बॉलीवुड की रोमांटिक फिल्मों में अभिनय करके अपनी पहचान बनाने वाली यामी गौतम को प्यार पर पूरा भरोसा है। वे कहती हैं कि उन्हें भी आम लड़कियों की तरह मोहब्बत पर पूरा यकीन है। यामी इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'जुनूनियत' को लेकर चर्चा में हैं। इसमें वह 'सनम रे' के बाद एक बार फिर एक्टर पुलकित सम्राट के साथ लीड रोल में हैं। 'विक्की डोनर' से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली यामी कहती हैं 'मेरे किरदार ने मुझे बहुत आकर्षित किया है, क्योंकि यह मेरी पिछली फिल्मों से बहुत अलग है। जिस वक्त मुझे यह पता चला कि यह प्रेम कहानी है और वो भी एक सैनिक के साथ, तो मैंने सोचा कि यह बहुत दिलचस्प होगा, क्योंकि मैं प्यार में यकीन करती हूं।' यामी बताती हैं 'मैंने और पुलकित ने लगभग एक ही समय में दोनों फिल्मों के लिए 'हां' कहा। दोनों की शूटिंग भी लगभग एक ही समय शुरू हुई।'जब से यामी ने पुलकित के साथ फिल्म 'सनम रे' में काम किया है, तब से दोनों के बीच लिंकअप की खबरें भी आ रही हैं।

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Dakhal News 22 June 2016

      अक्सर धमाकेदार बल्लेबाजी करने वाले वैस्टइंडीज के खिलाड़ी क्रिस गेल की बेटी की तस्वीर सामने आ गई है।  हाल ही क्रिस गेल ने यह तस्वीर  इंस्टाग्राम पर फादर्स डे पर फोटो शेयर की थी और इसके साथ एक इमोशनल मैसेज भी दिया। उन्होंने लिखा कि वो पल जहां से जिंदगी शुरू होती है और प्यार कभी खत्म नहीं होता। इस तस्वीर में उनकी नन्ही परी काफी क्यूट लग है।   बता दें कि इससे पहले गेल ने  बेटी के जन्म पर ट्वीट कर लिखा था कि '' हमारी ब्यूटीफुल बेटी 'ब्लश' का वेलकम करना चाहेंगे, जो 2 घंटे पहले इस दुनिया में आई है, थैंक गॉड।\"

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Dakhal News 21 June 2016

दखल क्यों

    मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के तीन शहर (इंदौर, भोपाल और रायपुर) आयकर विभाग के राडार पर हैं। विभाग का मानना सबसे ज्यादा कालाधन यहीं दबाकर रखा गया है। विभाग ने देशभर में जून से सितंबर तक 45 प्रतिशत टैक्स देकर कालेधन को वैध करने की योजना लागू की है, लेकिन दोनों राज्यों में कोई भी नंबर दो की संपत्ति उजागर करने सामने नहीं आया। सितंबर के बाद आयकर विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।   ये जानकारी आयकर विभाग के प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर अबरार अहमद ने  दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने कालेधन के खिलाफ मुहिम छेड़ी है। इसके लिए 1 जून से 30 सितंबर तक कोई भी अपनी चल-अचल संपत्ति का विभाग के समक्ष खुलासा कर दे, उस पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसके बाद आयकर विभाग ने कालाधन रखने वालों पर मुकदमा चलाने जैसी सख्त कार्रवाई की योजना बनाई है। उन्होंने बताया कि बदलती टेक्नोलाजी के दौर में विभाग के पास अब ऐसे संसाधन हैं, जिनके सहारे हमारे पास किसी भी व्यक्ति अथवा संस्थान की 360 डिग्री की प्रोफाइलिंग तैयार हो जाती है। इसकी मदद से कालेधन को ढूंढना बहुत आसान हो जाएगा। अगले 3-4 साल बाद देश के भीतर होने वाला कोई भी ऐसा बड़ा लेनदेन विभाग की नजरों से छिप नहीं सकेगा।   उन्होंने बताया कि करदाताओं को टैक्स चोरी के लिए प्रोत्साहित करने वाले चार्टर्ड एकाउंटेंट और टैक्स सलाहकार वकीलों पर भी विभाग सख्ती करेगा। उनके रजिस्ट्रेशन आदि निरस्त कराने की कार्रवाई होगी। अब तक कितने लोगों पर कार्रवाई हुई? इस सवाल का जवाब वह टाल गए। उन्होंने यह जरूर स्वीकार किया कि काली भेड़ें हर जगह मिल जाती हैं इसलिए ऐसे लोगों पर विभाग एफआईआर दर्ज कराएगा।उन्होंने बताया कि ऐसे लोग कालेधन को घोषित नहीं कर पाएंगे जिन्हें विभाग नोटिस दे चुका है। कोफेपोसा, नार्कोटिक्स, फेमा अथवा प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत यदि कार्रवाई चल रही है। यदि विभाग को अंधेरे में रखकर ऐसी संपत्ति का खुलासा करता है तो उसका टैक्स जब्त हो जाएगा।

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Dakhal News 23 June 2016

  आशुतोष नाडकर अंग्रेजी भाषा हमेशा से मुझे आतंकित करती रही है। प्रायमरी से लेकर हाईस्कूल तक अंग्रेजी में ५० में से १७ नंबर लाने का संघर्ष मेरे लिये बेहद भारी रहा है। लेकिन इन सब बातों का भला स्मृति ईरानी से भलाक्या संबंध ये समझने के लिये आपको जरा धैर्य रखना होगा। फ्लैश बैक में जाकर बताता हूँ। हमारे स्कूल में हमारी एक इंग्लिश टीचर हुआ करती थीं। टीचर का नाम खुलकर लिखूँ इतना मुझमें साहस नहीं है। मिजाज की बेहद सख्त और बला की खूबसूरत। इसे मैडम का जादू ही कहें कि जिन लडकों को अंग्रेजी के नाम से बुखार आता था उन्होंने भी हायर इंग्लिश के विकल्प का चयन कर लिया। घिसट-घिसटकर ही सही अंग्रेजी की पटरी पर मेरी गाडी भी चलने लगी। मैडम हमारी अंग्रेजी सुधारने के लिये कक्षा में हुई रोजमर्रा की बातों को अंग्रेजी में बोर्ड पर लिखने के लिये कहती थीं और गलतियों को वे खुद सुधार दिया करतीं थीं। एक दिन मैडम “Beauty lies in the eyes of the beholder” इस वाक्य की व्याख्या कर रहीं थी। काफी सुंदर और रोचक उदारहरणों से भरा मैडम का संदेश मुझे काफी पसंद आया और मैडम के आदेशानुसार मैंने बोर्ड पर अंग्रेजी में लिख दिया “everyday madam  gives a nice massage to all the students” (मैडम रोजना सभी विद्यार्थियों को एक बेहतरीन मसाज देती है।) बोर्ड पर लिखी ईबारत को देखते ही मैडम आगबबूला होकर क्लास से बाहर चली गईं। क्लास में कई बच्चे तो मेरे ही स्तर के थे और जो थोडी बेहतर अंग्रेजी जानते थे वे तो मुँह दबाकर हँसने लगे। मैं कुछ समझ पाता इससे पहले ही चपरासी संदेश लेकर आया कि प्रिंसिपल ने मुझे बुलाया है। उन दिनों प्रिंसिपल का बुलावा कोर्ट के नॉन बेलेबल वारंट से कम खतरनाक नहीं होता था। वो तो भला हो हमेशा अव्वल आने वाले उस सहपाठी का जिसने मुझे MASSAGE और  MESSAGE की स्पेलिंग में अंतर बताया। ए और ई के बीच छिपे अंग्रेजी के भूत ने मेरे तोते उडा दिये। सिट्टी-पिट्टी तो पहले से ही गुम थी जब अपने लिखे का मतलब समझ आया तो होश ही उड गये।  मैडम इस घटना को महज एक स्पैलिंग मिस्टेक मानने को कतई तैयार नहीं थी। जाने क्यों वे इस वाकये को मेरे छिछोरेपन से जोडने पर आमादा थी। उनका कहना था कि हायर सेकेण्डरी का छात्र “मैसेज”और “मसाज” में अंतर नहीं जाने, ऐसा हो ही नहीं सकता। आनन-फानन में मेरे पिताजी को भी स्कूल बुलवा लिया गया। पिताजी ने प्रिंसिपल और मैडम दोनों को ही यकीन दिलाया कि जो कुछ भी हुआ वह विशुद्ध रूप से मेरी “मूर्खता” व “अल्पज्ञान” के कारण हुआ इसमें“उद्धंडता” और “छिछोरेपन” की कोई भूमिका नहीं है। इसके लिये पिताजी को मेरी पिछली कुछ बेवकूफियों को उदाहरण के रूप में भी प्रस्तुत करना पडा। बडी मुश्किल से मैडम ने मुझे माफ तो कर दिया लेकिन वह दिन हायर इंग्लिश की क्लास में मेरा आखरी दिन था और अंग्रेजी के भूत का खौफ मेरे दिल, दिमाग से होते हुए फेफडों, गुर्दों,लीवर यहाँ तक कि शरीर के हर अंग में समा गया।    बरसों बाद नौकरी के दौरान मुझे अपनी कंपनी की एचआर मैनेजर को एक आवेदन लिखना था। स्कूल की घटना के बाद अंग्रेजी पढने का साहस तो मैं जुटा नहीं सका था लिहाजा अंग्रेजी में हाथ बेहद तंग था। एप्लीकेशन अंग्रेजी में लिखना जरुरी जान पड रहा था। लिहाजा मैंने अपने एक अंग्रेजीदां सहकर्मी की मदद ली। सहकर्मी ने आवेदन में एचआर मैडम को “डियर मैडम” लिखकर संबोधित किया (एचआर मैनेजर भी अंग्रेजी टीचर की ही तरह बला कि खूबसूरत थीं) । दूध का जला छाछ को भी फूँक-फूँककर पीता है। हाईस्कूल में अंग्रेजी के गर्म दूध से जलने के बाद मैं कुछ ज्यादा ही फूँक-फूँककर कदम रखने लगा था। मैंने अपने मित्र से कहा- “अमाँ ये क्या गजब कर रहे हो। डियर का मतलब तो प्यारी होता है न.. मरवाओगे क्या.. मुझसे चार गुना तनख्वाह पाने वाली, ऊँचे ओहदे पर बैठी उस जहीन महिला को मैं ‘प्यारी’ कैसे लिख सकता हूँ।” दोस्त ने बुरा सा मुँह बनाते हुए मुझे झिडका- “अबे गंवार, जिस चीज की अकल नहीं है उसमें न बोला कर। अंग्रेजी में एप्लीकेशन इसी तरह लिखते हैं।” मुझे फिर भी तसल्ली न हुई। अबकी,जिन्हें मैं अंग्रेजी का उस्ताद मानता था उसने भी ‘डियर मैडम’ की तस्दीक कर ली और राम का नाम लेकर एप्लीकेशन को एचआर मैनेजर तक पहुँचा ही दिया।    अब या तो सहकर्मी की अंग्रेजी सही थी या फिर राम नाम का प्रताप था, उस एप्लीकेशन पर कोई ऐतराज नहीं आया और मेरा काम भी हो गया। लेकिन न जाने क्यों, हमेशा हिन्दी में सोचने वाले मेरे दिल को ये बात अजीब लगती थी कि बडे पद पर बैठी खुर्राट, सख्त और हमेशा डांटते रहने वाले महिला को मुझ जैसा अदना सा कर्मचारी ‘डियर मैडम’ कैसे लिख सकता है... और आज जब  देश की मानव संसाधन मंत्री ने जब ‘डियर’ संबोधन पर सवाल उठाये तो मुझे लगा कि मेरे सोचने का स्तर पर केन्द्रीय मंत्री के स्तर का है। ये बात अलग है कि मंत्री महोदया कि डिग्री को लेकर सवाल और विवाद खडे होते रहे हैं और मेरी डिग्री तो उल्लेख करने के लायक ही नहीं है। लेकिन अंग्रेजी भाषा में पूरी तरह गंवार होने के बाद भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत मुझे ‘डियर’ संबोधन का विरोध करने का हक होना चाहिए ( हमें चाहिए आजादी... का नारा तो मैं भी लगा ही सकता हूँ न।) और तो और मैं तो मर्दों को भी डियर लिखने का खिलाफ हूँ। क्या पता कल कोई मेरे नाम पर लिखे आवेदन पर ‘डियर सर’ लिखे और लुगाई इसी बात पर हंगामा कर दे कि- क्योंजी उसे तुम पर बडा प्यार आ रहा है,क्या चक्कर है तुम दोनों के बीच?    तो भई नारी अस्मिता और सम्मान के लिये डियर लिखने वालों के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेडना ही होगा। हिन्दुस्तान की सरजमीं पर महिलाओं को डियर लिखने वालों का मुँह काला किया जायेगा। रही बात शिक्षा नीति पर बहस या चर्चा की... वह तो कभी भी की जा सकती है।        Attachments area          

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Dakhal News 16 June 2016
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