. हजारो लोग हैं, जिनके पास रोटी है | चांदनी रातें हैं,लड़कियां हैं | और 'अक्ल' है | हजारों लोग हैं,जिनकी जेब में | हर वक्त कलम रहती है | और हम हैं | कि कविता लिखते हैं... | पाश
 
 

 LATEST

 दखल क्यों?


इसलिए की ''स्टेटस को'' जो अपना स्टेटस खो चुका है॰ यथास्थिति दरअसल जस का तस् बने रहना नहीं है पिछङ जाना है॰ चाय की प्याली में तूफ़ान उठाकर यथास्थिति नहीं तोडी जाती . हमारे बुद्धिजीवियों ने काफ़ी हाउस में बहुत से बुलबुले उडाये है

[आगे पढ़ें]

  ताज़ा समाचार


मुख्यमंत्री से मधुमेह प्रभावित बच्चों ने की मुलाकात
जीवन शैली में सुधार से मधुमेह से बचा जा सकता है

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जीवन श...
 
हर देश में सिंहस्थ का दूत होगा तैनात

राज्य शासन द्वारा उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2016 में समूचे विश्व की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रया&...
 
नगरीय निकाय निर्वाचन-2014

10 नगर पालिक निगम में मेयर के लिये 67 प्रत्याशी मैदान में

एमपी में नगरीय निकाय निर्वाचन-2014 में 10 नगर पालिक न...
 
नसबंदी ऑपरेशन में बरतें पूरी सावधानी

स्वास्थ्य विभाग के निर्देश ,लापरवाही पर होगी कठोर कार्यवाही

मध्यप्रदेश में परिवार कल्याण कार्यक्...
 
आटाचक्की के मसले पर मानवीय संवेदनाओं भरा फैसला

शैफाली गुप्ता
मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग ने मानवीय संवेदना से जुड़े एक प्रकरण में सख्त रवैया अख्त&#...
 
 

  कविता


Google  

 ADVERTISEMENTS

Show all online stations


 

Copyright - dakhal.net

Samprati MP Presents "dakhal.net"