विशेष

    'मैं देशद्रोही नहीं हूं। मैं और मेरा परिवार पाकिस्तान की जमीन से प्यार करता है। इस वतन से मुहब्बत के चलते ही बंटवारे के वक्त मेरा परिवार यहां आ गया था।' पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सोमवार को देशद्रोह के मुकदमे की सुनवाई के दौरान अपने बचाव में ये बातें लाहौर में कहीं। नवाज शरीफ ने एक इंटरव्यू में 2008 के मुंबई आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ होने की बात स्वीकारी थी। उनके इस बयान को देशद्रोह बताते हुए सिविल सोसायटी की सदस्य अमीना मलिक ने नवाज और उनका इंटरव्यू लेने वाले पत्रकार सिरिल अलमीडा पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए याचिका दायर की थी। नवाज के इस बयान पर विवाद के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक भी बुलाई थी। बाद में अब्बासी ने नवाज से मिलकर उन्हें इस बैठक में हुई चर्चा से अवगत कराया था। इसके लिए मलिक ने अब्बासी पर भी केस किया है। लाहौर हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए नवाज ने कहा, 'जिस व्यक्ति ने देश को परमाणु राष्ट्र बनाया वह देशद्रोही कैसे हो सकता है। हाल में हुए उपचुनाव में जिस व्यक्ति की पार्टी को सबसे ज्यादा वोट मिले वह देशद्रोही कैसे हो सकता है? मैं लाखों देशवासियों का प्रतिनिधित्व करता हूं, क्या वे देशद्रोही हो सकते हैं?' अब्बासी ने भी बैठक की जानकारी नवाज से साझा करने के आरोपों से इन्कार किया। जबकि अलमीडा ने कहा कि वह पत्रकार हैं और उन्होंने केवल इंटरव्यू छापा है। यह कोई देशद्रोह नहीं है। केस की सुनवाई 12 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई है।  

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Dakhal News 23 October 2018

वाशिंगटन में  पेंटागन ने मंगलवार को बताया कि उसे एक चिटठी् मिली है, जिसके लिफाफे में खतरनाक जहर राइसिन होने का शक है। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार यह पत्र रक्षा सचिव जिम मैटिस को भेजा गया था। पेंटागन ने बयान जारी कर कहा कि उन्होंने संदिग्‍ध खत को अलग रखा है और एफबीआई लिफाफों की जांच कर रही है। वहीं पहचान न बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को पुलिस को पेंटागन परिसर में चिट्ठी छांटते वक्त इन लिफाफों में राइसिन मिला है, हालांकि यह उसके मुख्य भवन से नहीं मिला है। इसके अलावा अमेरिकी खुफिया संस्था ने बताया कि वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भेजे गए एक संदिग्ध लिफाफे की भी जांच कर रहे हैं जो उन्हें मंगलवार को मिला था, मगर यह पत्र वाइट हाउस तक नहीं पहुंच सका। इसके अलावा इस संस्था ने कोई और जानकारी नहीं दी। हालांकि अभी तक दोनों मामले एक-दूसरे से संबंधित है या नहीं, यह पता नहीं चल सका है। राइसिन एक घातक जहर है, जिसे जैविक हथियार बनाने में भी इन दिनों इस्‍तेमाल किया जाता है। राइसिन से इंसान की मौत 36 से 72 घंटे के अंदर हो जाती है। इस जहर का कोई तोड़ नहीं है। अमेरिकी सरकार के विभागों में राइसिन जहर के खत आते रहते हैं। इससे पहले 2013 में ऐसा ही पत्र एक अमेरिकी सांसद, व्‍हाइट हाउस और मिसीसिपी के न्यायाधीश को भी भेजा गया था।  

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Dakhal News 3 October 2018

राजनीति

  छत्तीसगढ़ में  विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने की होड़ लगी हुई है। पहले चरण की 18 सीटों के लिए इस बार ज्यादा ही उम्मीदवार रुचि दिखा रहे हैं। नामांकनपत्र भरने के लिए एक प्रक्रिया होती है, जिसमें सभी जानकारी सही देनी होती है। लिखने में त्रुटि होने या गलत जानकारी देने से नामांकनपत्र खारिज हो जाता है। ऐसी स्थिति में उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ पाता। बीते दो विधानसभा चुनावों का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि जिन इलाकों को पढ़ा-लिखा माना जाता है, वहीं के नामांकनपत्र ज्यादा खारिज किए गए हैं। इसके विपरीत जंगल इलाके की विधानसभा सीटों पर भरे गए ज्यादातर नामांकनपत्र ही पाए गए हैं। नामांकनपत्र सही तरीके से भरने के लिए चुनाव आयोग के अधिकारी हर जिले में राजनीतिक दलों की मीटिंग लेते हैं। इसके बाद भी बड़े शहरों के उम्मीदवार इसमें गलती कर रहे हैं। हर दल अपने वकील सदस्यों की मदद इसमें लेते हैं। बस्तर की कोंटा और बीजापुर विधानसभा सीटों को दुर्गम इलाका माना जाता है। वहां शिक्षा के साधन भी मजबूत नहीं हैं। इसके बाद भी चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार सही तरीके से नामांकन भरते हैं। कोंटा में पिछले चुनाव में छह और 2008 के चुनाव में चार पर्चे भरे गए। इनमें से किसी का रद नहीं हुआ। इसी तरह बीजापुर में बीते चुनाव में सात प्रत्याशियों में से केवल एक का पर्चा रद हुआ। 2008 में यहां से दस पर्चे भरे गए और एक ही रद हुआ। जगदलपुर और बस्तर सबसे कमजोर बस्तर संभाग में जगदलपुर और बस्तर सीट के उम्मीदवार इस काम सबसे कमजोर दिख रहे हैं। बीते चुनाव में जगदलपुर में 38 में से 18 पर्चे निरस्त कर दिए गए थे। बस्तर सीट का भी यही हाल रहा, वहां बीते चुनाव में 18 में से 11 पर्चे गलत पाए गए। पिछले चुनाव में चित्रकोट सीट से भी यह संयोग जुड़ा हुआ है। वहां 22 में से 14 रद हुए। अहिवारा सीट के लिए बीते चुनाव में 29 नामांकन भरे गए थे, मगर इसमें 15 रद हो गए। भिलाई नगर सीट पर 2008 में 18 में से छह और पिछले चुनाव में 23 में से चार खारिज कर दिए गए थे। वैशालीनगर सीट के 2013 के चुनाव में 25 में से पांच और 2008 में 22 में से तीन रद हुए। दुर्ग ग्रामीण में खारिज पर्चे की संख्या तीन तक ही रही है। गुंडरदेही में पिछले चुनाव में 23 में से सात और संजारी बालोद में 15 में से पांच नामांकन बीते चुनाव में खारिज किए गए।  

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Dakhal News 23 October 2018

  छत्तीसगढ़ में  विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने की होड़ लगी हुई है। पहले चरण की 18 सीटों के लिए इस बार ज्यादा ही उम्मीदवार रुचि दिखा रहे हैं। नामांकनपत्र भरने के लिए एक प्रक्रिया होती है, जिसमें सभी जानकारी सही देनी होती है। लिखने में त्रुटि होने या गलत जानकारी देने से नामांकनपत्र खारिज हो जाता है। ऐसी स्थिति में उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ पाता। बीते दो विधानसभा चुनावों का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि जिन इलाकों को पढ़ा-लिखा माना जाता है, वहीं के नामांकनपत्र ज्यादा खारिज किए गए हैं। इसके विपरीत जंगल इलाके की विधानसभा सीटों पर भरे गए ज्यादातर नामांकनपत्र ही पाए गए हैं। नामांकनपत्र सही तरीके से भरने के लिए चुनाव आयोग के अधिकारी हर जिले में राजनीतिक दलों की मीटिंग लेते हैं। इसके बाद भी बड़े शहरों के उम्मीदवार इसमें गलती कर रहे हैं। हर दल अपने वकील सदस्यों की मदद इसमें लेते हैं। बस्तर की कोंटा और बीजापुर विधानसभा सीटों को दुर्गम इलाका माना जाता है। वहां शिक्षा के साधन भी मजबूत नहीं हैं। इसके बाद भी चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार सही तरीके से नामांकन भरते हैं। कोंटा में पिछले चुनाव में छह और 2008 के चुनाव में चार पर्चे भरे गए। इनमें से किसी का रद नहीं हुआ। इसी तरह बीजापुर में बीते चुनाव में सात प्रत्याशियों में से केवल एक का पर्चा रद हुआ। 2008 में यहां से दस पर्चे भरे गए और एक ही रद हुआ। जगदलपुर और बस्तर सबसे कमजोर बस्तर संभाग में जगदलपुर और बस्तर सीट के उम्मीदवार इस काम सबसे कमजोर दिख रहे हैं। बीते चुनाव में जगदलपुर में 38 में से 18 पर्चे निरस्त कर दिए गए थे। बस्तर सीट का भी यही हाल रहा, वहां बीते चुनाव में 18 में से 11 पर्चे गलत पाए गए। पिछले चुनाव में चित्रकोट सीट से भी यह संयोग जुड़ा हुआ है। वहां 22 में से 14 रद हुए। अहिवारा सीट के लिए बीते चुनाव में 29 नामांकन भरे गए थे, मगर इसमें 15 रद हो गए। भिलाई नगर सीट पर 2008 में 18 में से छह और पिछले चुनाव में 23 में से चार खारिज कर दिए गए थे। वैशालीनगर सीट के 2013 के चुनाव में 25 में से पांच और 2008 में 22 में से तीन रद हुए। दुर्ग ग्रामीण में खारिज पर्चे की संख्या तीन तक ही रही है। गुंडरदेही में पिछले चुनाव में 23 में से सात और संजारी बालोद में 15 में से पांच नामांकन बीते चुनाव में खारिज किए गए।  

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Dakhal News 23 October 2018

मीडिया

  पेड न्यूज को लेकर चुनाव आयोग अभी से काफी सतर्कता बरत रहा है। 2013 के विधानसभा चुनाव में सर्वाधिक 37 पेड न्यूज के मामले बालाघाट में सामने आए थे। कुल 486 शिकायतें हुई थीं, जिनमें 172 को सही पाते हुए खर्च उम्मीदवारों के खाते में जोड़ा गया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव ने सभी कलेक्टर और रिटर्निंग ऑफिसरों को पेड न्यूज के मामले में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव में 486 पेड न्यूज की शिकायतें सामने आई थीं। जिला स्तरीय समिति ने 237 मामलों को पेड न्यूज मानकर प्रकरण पंजीबद्ध कर उम्मीदवरों को नोटिस थमाए थे। 17 मामलों में उम्मीदवारों ने पेड न्यूज को स्वीकार करते हुए खर्च खाते में शामिल करने की सहमति दी थी। वहीं, अपील आदि प्रक्रिया के बाद 155 मामलों को भी पेड न्यूज माना गया और खर्च निर्वाचन व्यय में जोड़ा गया। बालाघाट के बाद उज्जैन में 30, नीमच 18, रीवा 14, खंडवा 13, ग्वालियर 11, इंदौर 8, छतरपुर और कटनी में 6-6 और सतना में चार प्रकरण पेड न्यूज के बने थे। सत्तारूढ़ होने के बावजूद चुनाव के दौरान शिकायत करने में कांग्रेस से आगे भाजपा है। चुनाव आयोग के राष्ट्रीय पोर्टल पर भाजपा ने 46 शिकायतें दर्ज कराई हैं तो कांग्रेस 15 तक ही पहुंच सकी। पोर्टल पर कुल 781 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से 507 का निराकरण हो चुका है और 274 लंबित हैं। वहीं, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में शिकायत देने की बात की जाए तो कांग्रेस बहुत आगे है। यहां कांग्रेस ने आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक 27 शिकायतें दी हैं तो भाजपा की ओर से मात्र आठ शिकायत ही की गईं। आम आदमी और समाजवादी पार्टी की ओर से एक-एक शिकायत दर्ज कराई गई हैं। बाकी 10 शिकायतें अन्य व्यक्तियों की ओर से की गई हैं।  

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Dakhal News 23 October 2018

शहरी महिलाओं के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं से सतत संवाद और उनके बौद्धिक स्तर में वृद्धि के प्रयास करना जरूरी है। यह कार्य शासकीय और अशासकीय संस्थाओं को मिलकर करना होगा। जनसम्पर्क, जल-संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने वूमन प्रेस क्लब द्वारा आयोजित जन-संवाद कार्यक्रम में यह बात कही। इस अवसर पर महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस भी उपस्थित थीं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने महिला कल्याण, सार्वजनिक क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका आदि मुद्दों पर सवाल पूछे, जिनके उन्हें समाधान कारक जवाब मिले। डॉ. मिश्र विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं और प्रश्नों के सटीक उत्तर दिये। कार्यक्रम में पत्रकारिता के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस अवसर पर कुलपति  जगदीश उपासने भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी से संबंधित प्रीति त्रिपाठी निर्देशित फ़िल्म के अंश भी दिखाये गये।

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Dakhal News 3 October 2018

समाज

    उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले का प्रदूषण शुक्रवार को खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। दिनभर में प्रदूषण की मात्रा कई बार ऊपर-नीचे हुई। दिन में प्रदूषण बढ़ा तो शाम को कम हुआ और रात को फिर प्रदूषण ऐसे स्तर पर जा पहुंचा कि गाजियाबाद देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में तीसरे स्थान पर जा पहुंचा। रात को जिला देश के तीन सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हो गया। जिले का प्रदूषण स्तर रावण पुतला दहन होने के बाद दोगुना हो गया। जिले में शुक्रवार को पीएम-10, 307 प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। एयर क्वालिटी इंडेक्स भी शुक्रवार को 314 प्रति घन मीटर दर्ज की गई। देश के सर्वाधिक प्रदूषित पांच शहरों की वायु गुणवत्ता (एयर क्वालिटी इंडेक्स) - भिवाड़ी - 391 - गुरुग्राम - 318 - गाजियाबाद - 314 - नोएडा - 292 - दिल्ली - 280 --- प्रदूषण का स्तर रोजाना बढ़ रहा है। अभी आने वाले दिनों में यह और बढ़ेगा। धूल के मोटे कणों के बढ़ने से समस्या बढ़ रही है। शुक्रवार को भी जिले का वायु प्रदूषण अधिक रहा। -अशोक तिवारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी।

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Dakhal News 23 October 2018

  पटना में  जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने जदयू से जुड़े छात्रों-युवाओं को चुनाव जीतने का मंत्र दिया। कहा कि जनता के बीच जाइए, उनकी सेवा कीजिए। पांच साल बाद टटोलिएगा कि आप कहां खड़े हैं। खुद पर भरोसा हो तो चुनाव लड़िए, जरूर कामयाबी मिलेगी। किशोर युवा और छात्र जदयू के चुनिन्दा कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री निवास पर बैठक आयोजित थी। इसमें करीब तीन सौ छात्र-युवा शामिल थे। उन्होंने अपने बारे में साफ किया कि मैं राज्यसभा नहीं जा रहा हूं। लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ूंगा। जनता की सेवा के इरादे से जदयू में शामिल हुआ हूं। मेरा कोई और लक्ष्य नहीं है। किशोर ने छात्रों-युवाओं को टास्क दिया कि वे हर जिले में तीन सौ सक्रिय कार्यकर्ता तैयार करें। इनमें दो सौ युवा और सौ छात्र होंगे। प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक युवाओं-छात्रों की समन्वय समिति बनाएं। इसके संयोजक युवा और अध्यक्ष छात्र होंगे। फिर जदयू की मूल कमेटी से मिलकर जन सेवा के कार्यक्रम तय करें। सब मिलकर जनता के बीच जाएं। उन्हें जदयू की नीतियों और सरकार की उपलब्धियों से अवगत कराएं। किशोर का कहना था कि जदयू ही ऐसी पार्टी है, जिसमें मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं की हकमारी नहीं होती। उन्होंने कहा कि आप ऐसी पार्टी में हैं, जहां विरासत के आधार पर पद नहीं मिलता। यह किसी पिता की पार्टी नहीं है जिस पर सिर्फ वारिस का हक हो।  

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Dakhal News 23 October 2018

पेज 3

    तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर अब कानूनी तौर पर अपने विवाद का केस लड़ रहे हैं। वहीं अब तनुश्री ने राखी सावंत से 10 करोड़ रुपए मांगे हैं। 'हॉर्न ओके प्लीज' में तनुश्री के फिल्म छोड़ने के बाद उन्हें रिप्लेस करने वाली राखी सावंत ने हाल ही में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राखी ने तनुश्री को काफी खरी खोटी सुना दी थी।उन्होंने तनुश्री के बारे में कहा था कि वह ड्रग एडिक्ट हैं। ऐसे में तनुश्री ने तय किया है कि वह अब कानूनी तौर पर राखी से भी मानहानि का मुकदमा लड़ेंगी और यह देखते हुए उन्होंने राखी पर मानहानि का केस दर्ज कर दिया है। साथ ही उनसे दस करोड़ रुपए की मांग की है। बता दें कि राखी ने 2008 के इस मामले के बारे में कहा था कि तनुश्री का बातों पर किसी को भी यकीन नहीं करना चाहिए, चूंकि वह तो ड्रग्स लेकर अपनी वैन में पड़ी रहती थी। राखी ने यह भी कहा था कि अचानक तनुश्री ने टैंटरम शो किया था और इससे प्रोडयूसर को परेशानी हो गयी थी। बाद में राखी ने गणेश आचार्य के कहने पर जाकर इस गाने पर काम किया था। साथ ही उनके पास नाना पाटेकर का फोन आया था कि तुम गाना कर दो.ऐसे में वह फौरन सेट पर पहुंच गयी थीं और नाना के साथ उन्होंने इस गाने को पूरा किया था। बता दें कि तनुश्री के बारे में उन्होंने सिर्फ ड्रग्स वाली बात ही नहीं कही थी, बल्कि तनुश्री को बहुत सारे अपशब्द भी कहे थे। ऐसे में अब तक तो तनुश्री चुप थीं, लेकिन उन्होंने अचानक निर्णय लिया कि वह इस बारे में बात करेंगी और कानूनी तौर पर उन्होंने राखी के खिलाफ मुकदमा ठोका है।

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Dakhal News 23 October 2018

अक्षय कुमार और रजनीकांत की साइंस फिक्शन फ़िल्म '2.0' का दर्शकों को बेसब्री से इंतज़ार है।यह इंतज़ार तब से और भी ज़्यादा बेसब्र हो चला है, जब से फ़िल्म का टीज़र आया है। अब अक्षय ने फ़िल्म के कुछ दृश्यों की मेकिंग का वीडियो शेयर किया है, जिसे देखकर आप वाकई हैरान रह जाएंगे कि दुनियाभर के वीएफएक्स कलाकारों ने किस प्रकार एक अलग दुनिया खड़ी कर दी है। शंकर निर्देशित इस फ़िल्म में अक्षय कुमार एक सिरफिरे साइंटिस्ट का किरदार निभा रहे हैं, जो मोबाइल फोन टॉवर से पर्यावरण को होने वाले ख़तरों के ख़िलाफ़ एक अलग तरह की जंग छेड़ देता है। यह रजनीकांत की फ़िल्म एथीरन का सीक्वल है, जिसमें रजनी ने वैज्ञानिक डॉ. वसीगरन और अत्याधुनिक रोबोट चिट्टी का किरदार निभाया था। इस बार चिट्टी का सामना सुपर पॉवरफुल अक्षय कुमार के किरदार से होगा। अक्षय ने फ़िल्म की मेकिंग का जो वीडियो शेयर किया है, उससे पता चलता है कि कितने बड़े पैमाने पर इस फ़िल्म के लिए दुनियाभर के तकनीशियनों ने काम किया है। इसके अनुसार, दुनियाभर के 25 वीएफएक्स स्टूडियोज़ ने 2150 वीएफएक्स शाॉट्स तैयार किये हैं। 1000 वीएफएक्स कलाकारों ने इस पर काम किया है। 10 कान्सेप्ट आर्टिस्ट, 25 3 डी डिज़ायनर्स और 500 क्राफ्ट्समैन की टीम ने 2.0 के दृश्यों को हैरतअंगेज़ बनाने के लिए मेहनत की है। 4 जाने-माने एक्शन निर्देशकों केनी बेट्स, स्टीव ग्रिफिन, निक पॉवेल और सिल्वा ने फ़िल्म के एक्शन दृश्यों को कोरियोग्राफ किया है। कुल मिलाकर दुनियाभर के 3000 तकनीशियनों ने 2.0 को बनाने में अपना योगदान दिया है। फ़िल्म का बजट 500 करोड़ से अधिक बताया जा रहा है। इसीलिए अक्षय ने इस वीडियो के साथ लिखा भी है- टीम की ओर से असीमित प्रयास। 2.0 तमिल और तेलुगु के अलावा हिंदी में भी बनायी गयी है। फ़िल्म इसी साल नवंबर में रिलीज़ होने वाली थी, मगर कुछ दिन पहले रिलीज़ बदलने की ख़बरें आई थीं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सुनने में यह भी आया है कि ऐश्वर्या राय फ़िल्म में कैमियो कर सकती हैं, जो एंधीरन की लीडिंग लेडी थीं। गणेश चतुर्दशी पर फ़िल्म का टीज़र रिलीज़ किया गया था, जिसे 24 घंटे के भीतर 32 मिलियन से अधिक लोगों ने देखा था। अक्षय कुमार के जन्म दिन पर फ़िल्म के कई पोस्टर्स रिलीज़ किए गए थे। एमी जैक्सन फ़िल्म में फीमेल लीड रोल निभा रही हैं। करण जौहर की कंपनी भी इस फ़िल्म के निर्माण से जुड़ी है।  

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Dakhal News 3 October 2018

दखल क्यों

  छतरपुर में  आदर्श आचार संहिता के दौरान सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने एक स्कार्पियो वाहन से 60 लाख रुपए कैश जब्त कि या है। पुलिस ने कै श जब्त कर मामला इनकम टैक्स विभाग को सौंप दिया है। उधर जिस डिजियाना कंपनी के वाहन से यह कैश जब्त कि या गया है उसने जिला कलेक्टर को पैन कार्ड नंबर सहित दस्तावेज सौंपे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पुलिस द्वारा संपूर्ण जिले में वाहनों की नियमित चेकिंग की जा रही है। इसी के तहत सोमवार को जिला मुख्यालय के महोबा रोड पर आरटीओ कार्यालय के पास पुलिस द्वारा चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। मुखबिर की सूचना पर सरबई से छतरपुर के लिए आ रही एक नीले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी क्रमांक एमपी 16 सी 8759 को रोककर जब पुलिस ने तलाशी ली तो उसमें से 60 लाख रुपए की बड़ी रकम नगद प्राप्त हुई। पुलिस ने स्कॉर्पियो में सवार तीन व्यक्तियों अरविन्द्र कु मार, अनिल सोलंकी और एक अन्य से पूछताछ की और बाद में रुपए जब्त कर मामला इनकम टैक्स विभाग के सुपुर्द कर दिया। सोमवार को जिस स्कार्पियो वाहन से बड़ी रकम जब्त की गई वह वाहन और कर्मचारी जिले में बालू का ठेका लेने वाली डिजियाना कंपनी के हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए छतरपुर जिला आयकर अधिकारी रामचंद्र और अनुविभागीय अधिकारी कमलेशपुरी भी पहुंच गए हैं। कंपनी ने तुरंत इस मामले में सक्रिय होकर छतरपुर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रमेश भंडारी के नाम एक आवेदन देकर बताया है कि कंपनी छतरपुर जिले की के न नदी में नेहरा, बारबंद1, बारबंद2, बारीखेड़ा नामक बालू की खदानें चलाती है। पुलिस द्वारा पकड़ी गई रकम कंपनी के एक्सिस बैंक के खाता क्रमांक 917020075930197 में जमा करने के लिए लाया जा रहा था। डिजियाना कंपनी ने अपना पेन नम्बर बताते हुए कहा कि उनकी पकड़ी गई रकम पूरी तरह से वैध है। बहरहाल, मामले का पर्दाफाश आयकर विभाग की जांच के बाद माना जा रहा है।  

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Dakhal News 23 October 2018

गुजरात स्थित गिर के जंगल में मंगलवार को दो और शेरों की मौत हो गई। इन मौतों के साथ ही गिर में 12 सितंबर के बाद शेरों की मौत की संख्या 23 पहुंच गई है। शेरों की इस तरह हो रही मौतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। सर्वोच्च न्यायलय ने मामले में संज्ञान लेते हुए राज्य और केंद्र सरकार से पूछा है कि यह मौते क्यों हो रही हैं। मामले में वन विभाग के अपर मुख्य सचिव राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि मंगलवार सुबह दोनों शेरों को इन्फेक्शन के चलते बचाव गृह लाया गया था। जहां दोनों की मौत हो गई। बता दें कि इसके पहले सोमवार को 7 और शेरों के शव मिले थे। अज्ञात वायरस के चलते 14 शेरों की मौत पहले ही हो चुकी थी। शेरों के एनआइवी सैंपल जांच के लिए पुणे भेजे गए हैं। एफएसएल की टीम भी जंगल का निरीक्षण कर रही है। वनमंत्री गणपतसिंह वसावा ने पिछले दिनो ही जूनागढ़ के पास गिर का दौरा कर मृत शेरों के बारे में जानकारी हासिल की थी। चार शेरों में वायरस मिलने के बाद शेरों को संक्रमण से बचाने के लिए अमरीका से विशेष इंजेक्शन मंगाए जा रहे हैं। शेरों की मौत की घटना के बाद करीब 550 वनकर्मियों की 140 टीमों ने 24 सितंबर से शेरों के निरीक्षण का काम शुरू किया था। इस दौरान 600 शेरों में से 9 बीमार पाए गए, जिनमें से 4 का वहीं उपचार किया और 5 को उपचार के लिए बचाव गृह लाया गया था। यहां इलाज के दौरान मंगलवार को दो और की मौत हो गई।

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Dakhal News 3 October 2018
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