. हजारो लोग हैं, जिनके पास रोटी है | चांदनी रातें हैं,लड़कियां हैं | और 'अक्ल' है | हजारों लोग हैं,जिनकी जेब में | हर वक्त कलम रहती है | और हम हैं | कि कविता लिखते हैं... | पाश
 
 

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 दखल क्यों?


इसलिए की ''स्टेटस को'' जो अपना स्टेटस खो चुका है॰ यथास्थिति दरअसल जस का तस् बने रहना नहीं है पिछङ जाना है॰ चाय की प्याली में तूफ़ान उठाकर यथास्थिति नहीं तोडी जाती . हमारे बुद्धिजीवियों ने काफ़ी हाउस में बहुत से बुलबुले उडाये है

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एमपी में गेहूँ खरीदी पर राज्य सहायता देने पर विचार



मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीद पर किसानों को राज्य शासन द्वा&#...
 
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टाइगर्स का होगा नामकरण


भोपाल फॉरेस्ट सर्कल में सक्रिय बाघों का अब नामकरण होगा। बाघों को उनकी शारीरिक बनावट, पगमार्क, शरीर पर...
 
नाबार्ड मध्यप्रदेश की बड़ी सिंचाई योजनाओं में सहयोग करे



मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भोपाल में नाबार्ड के अध्यक्ष डा. हर्ष कुमार भानवाला ने मुलाकात की...
 
 

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