विशेष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के सिंगूर में जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब “असली परिवर्तन” चाहती है और 15 साल के “महाजंगलराज” से छुटकारा पाने के लिए तैयार है। पीएम ने कहा कि बीजेपी-एनडीए ने बिहार में जंगलराज को रोका है और अब बंगाल में टीएमसी के महाजंगलराज को विदा करने के लिए भी पूरी तरह तैयार है। मोदी ने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार केंद्र की योजनाओं को जनता तक पहुंचने नहीं देती। उन्होंने कहा, “इनको मोदी से दिक्कत है, बीजेपी से दुश्मनी समझ आती है, लेकिन टीएमसी बंगाल के लोगों से अपनी दुश्मनी निकाल रही है।” पीएम ने कहा कि उनका प्रयास बंगाल के नौजवानों, किसानों और माताओं-बहनों की हर संभव सेवा करना है, लेकिन राज्य सरकार इसमें बाधा बन रही है। सिंगूर दौरे के दौरान पीएम मोदी ने 837 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। उन्होंने बंगाल की धरती को देश की आज़ादी और विरासत से जोड़ते हुए कहा कि बीजेपी उसी प्रेरणा को पूरे देश में आगे बढ़ा रही है। पीएम ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया और कहा कि राष्ट्र आज़ादी के नायकों के योगदान को नई पहचान दे रहा है।

Patrakar Priyanshi Chaturvedi

Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

प्रयागराज में मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम तट पर भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। इसी दौरान ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के काफिले को पुलिस ने संगम की ओर बढ़ने से रोक दिया। पुलिस का कहना है कि भीड़ नियंत्रण के लिए मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है, इसी कारण शंकराचार्य के काफिले को भी आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। काफिले को रोके जाने के बाद पुलिस और शंकराचार्य के समर्थकों के बीच बहस बढ़ गई, जो बाद में तनाव में बदल गई। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने शंकराचार्य के शिष्यों के साथ अभद्रता और मारपीट की, तथा कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया गया। इस घटना से आहत होकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने संगम स्नान करने से इनकार कर दिया। शंकराचार्य ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सहयोग की बात कही थी और लौटने के लिए भी तैयार थे, लेकिन पीछे हटते समय उनके संतों के साथ मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि संतों पर हाथ उठाना गलत है और इससे आक्रोश फैलना स्वाभाविक है। बताया गया कि पुलिस द्वारा उनकी पालकी को खींचते हुए संगम से लगभग एक किलोमीटर दूर ले जाया गया, जिससे पालकी को नुकसान भी पहुंचा। इस घटना के बाद मेला क्षेत्र में स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बनी रही।

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Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

राजनीति

बंगा से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक सुखविंदर सुखी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की कार्रवाई और टिप्पणियों के विरोध में पंजाब राज्य वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (CONWARE) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इस पद के साथ उन्हें कैबिनेट रैंक प्राप्त था, जिसे उन्होंने छोड़ दिया। मामला बंगा स्थित एक धार्मिक स्थल की पुलिस तलाशी और उस पर मुख्यमंत्री की टिप्पणी से जुड़ा है, जिसे लेकर विधायक ने कड़ा विरोध जताया। डॉ. सुखी ने रविवार को फेसबुक पर जारी एक वीडियो संदेश के जरिए इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे की पवित्रता और मर्यादा को लेकर वे मुख्यमंत्री और AAP के शीर्ष नेतृत्व को सच्चाई बताने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा, “यह स्थान मेरे लिए राजनीति नहीं है। मैं रोज यहां आता हूं। इसी कारण मैं CONWARE चेयरमैन और कैबिनेट रैंक से इस्तीफा दे रहा हूं।” उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना करने की बात भी कही कि उन्हें सच सामने रखने की शक्ति मिले। विधायक सुखविंदर सुखी ने कहा कि पुलिस कार्रवाई और मुख्यमंत्री भगवंत मान की टिप्पणियों से उनकी और इस धार्मिक स्थल में आस्था रखने वाले लाखों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने साफ किया कि वे इस पवित्र स्थान की गरिमा की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि डॉ. सुखी 2022 में शिरोमणि अकाली दल (SAD) के टिकट पर विधायक चुने गए थे और अगस्त 2024 में AAP में शामिल हुए थे, लेकिन इस मुद्दे पर उन्होंने पार्टी और मुख्यमंत्री से अलग रुख अपनाया।

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Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

BMC चुनाव नतीजों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नया सियासी पेंच फंस गया है। भाजपा मुंबई में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और पहली बार उसका मेयर बनने के संकेत हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने गुट के 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को बांद्रा स्थित होटल ताज लैंड्स एंड में ठहराया है, जहां कड़ा सुरक्षा पहरा लगाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, शिंदे गुट ने मेयर पद पर कम से कम ढाई साल के लिए दावा ठोका है। सूत्रों का कहना है कि शिंदे गुट का तर्क है कि वर्ष 2026 शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे का जन्म शताब्दी वर्ष है, इसलिए उस अवधि में शिवसेना का मेयर होना चाहिए। इस मांग को लेकर भाजपा और शिंदे गुट के बीच खींचतान शुरू हो गई है। वहीं, उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने दावा किया कि एकनाथ शिंदे खुद नहीं चाहते कि BMC में भाजपा का मेयर बने, इसी वजह से पार्षदों को होटल में रखा गया है। मुंबई की 227 वार्डों वाली BMC में भाजपा ने 89 सीटें जीती हैं, जबकि शिंदे गुट को 29 सीटें मिली हैं। बहुमत के लिए 114 पार्षदों की जरूरत है, ऐसे में भाजपा शिंदे गुट पर निर्भर है। हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका के चलते शिंदे गुट ने होटल में ही बैठक कर नेता चुनने का फैसला किया है। यह पूरा घटनाक्रम 2022 की उस बगावत की याद दिला रहा है, जब शिंदे ने विधायकों को एकजुट कर उद्धव ठाकरे सरकार गिरा दी थी और खुद मुख्यमंत्री बने थे।

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Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

मीडिया

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब तक लाड़ली बहनों को करीब 50 हजार करोड़ रुपए की सहायता दे चुकी है और यह राशि आने वाले समय में लगातार बढ़ाई जाएगी। सीएम ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है और सरकार इसे और मजबूत करेगी। सीएम मोहन यादव शुक्रवार को सीधी जिले की सिंहावल विधानसभा के बहरी तहसील मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने 201 करोड़ 64 लाख रुपए की लागत वाले 209 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इसके साथ ही ‘बगिया मां के नाम’ योजना के तहत 11 करोड़ 58 लाख रुपए के 505 कार्यों की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में उन्होंने बहरी में नया कॉलेज खोलने, बहरी से चुरहट तक 129 करोड़ की टू-लेन सड़क, नए पुल, महाविद्यालयों में नए संकाय और प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार की भी घोषणाएं कीं। कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि वर्तमान में महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए दिए जा रहे हैं, जिससे वे घर के खर्च के साथ बच्चों की पढ़ाई और स्वरोजगार में मदद ले रही हैं। उन्होंने बताया कि रोजगार आधारित उद्योगों में काम करने पर महिलाओं को 5000 रुपए प्रतिमाह अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। इसके साथ ही सीएम ने एयर एंबुलेंस, सड़क हादसों में मदद करने वालों को 25 हजार रुपए प्रोत्साहन और सीधी की प्रसिद्ध पंजा दरी को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए जीआई टैग के प्रयासों की भी जानकारी दी।

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Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

  मध्य प्रदेश के राज्यपाल का भव्य निवास, जिसे पहले राजभवन कहा जाता था और अब लोकभवन के नाम से जाना जाता है, पहली बार आम नागरिकों के लिए खोला जा रहा है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल के निर्देश पर यह विशेष सुविधा दी जा रही है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोकभवन 25 से 27 जनवरी तक आम लोगों के भ्रमण के लिए खुला रहेगा। 26 जनवरी को नागरिक सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक लोकभवन देख सकेंगे। लोकभवन केवल राज्यपाल का निवास ही नहीं, बल्कि एक दर्शनीय और ऐतिहासिक परिसर भी है। कई एकड़ में फैले इस परिसर में हरे-भरे लॉन, विभिन्न प्रजातियों के फूल और सजावटी पेड़-पौधे हैं। यहां पंचतंत्र थीम पर आधारित आर्टिफिशियल वाइल्ड लाइफ उद्यान, वर्ष 1796 की ऐतिहासिक तोप और 1887 में निर्मित भव्य बैंक्वेट हॉल मौजूद है। बैंक्वेट हॉल का वास्तुशिल्प अनूठा है और इसमें आकर्षक विशाल झूमर लगे हैं। इसके अलावा संदीपनि सभागार में उपहार गैलरी भी बनाई गई है। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने बताया कि 25 और 27 जनवरी को लोकभवन दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहेगा। आम नागरिकों के प्रवेश और निकास की व्यवस्था गेट नंबर-1 से की गई है। भ्रमण के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लघु फिल्मों और चित्र प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा। लोगों की सुविधा के लिए वाहन पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है। यह पहल नागरिकों को लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोड़ने और गणतंत्र दिवस के महत्व को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।

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Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

समाज

मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत दावे-आपत्तियों की सुनवाई जारी है। इस प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग ने 5.79 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में तार्किक त्रुटियां पाई हैं। अब इन मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाएगा और उन्हें अपने मतदाता होने की प्रमाणिकता प्रस्तुत करनी होगी। ये मतदाता ऐसे हैं जिनके विवरण साल 2003 की मतदाता सूची से मेल तो खाते हैं, लेकिन रिकॉर्ड में विसंगतियों के कारण संदेह के घेरे में हैं। आयोग के साफ्टवेयर द्वारा मतदाताओं के रिकॉर्ड मिलान के दौरान पाँच प्रकार की तार्किक त्रुटियां चिन्हित की गई थीं। इनमें नाम और माता-पिता के नाम में मेल न होना, शब्दों की गलती, अधूरा नाम, उपनाम या जन्मतिथि की त्रुटियां शामिल हैं। पहले इन मतदाताओं को नोटिस जारी नहीं करने की योजना थी और बीएलओ द्वारा सुधार करने को कहा गया था, लेकिन अब आयोग ने नोटिस जारी कर सुधार करने का आदेश दिया है। इंदौर जिले की कुल 28.67 लाख मतदाता सूची में 11 दिसंबर तक 24.20 लाख मतदाताओं ने अपना फार्म भर दिया था। इनमें से 1.33 लाख मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई थी, जिन्हें अब दस्तावेज जमा करने के लिए नोटिस दिया जाएगा। आयोग जल्द ही इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए दिशा निर्देश भी जारी करेगा।

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Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

शहर और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से फैल रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। संयुक्त सर्वे रिपोर्ट के आधार पर हुजूर क्षेत्र में करीब 125 अवैध कॉलोनियों को चिह्नित किया गया है, जहां बिना अनुमति प्लॉटिंग और निर्माण किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इन कॉलोनियों में किसी तरह का निवेश न करें, क्योंकि मप्र सरकार के निर्देशानुसार इन पर बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। हुजूर तहसील के एसडीएम विनोद सोनकिया ने बताया कि बिलखिरिया, नीलबड़, सेमरी वाज्याफ्त, रोलूखेड़ी, छापरी गांव, मुगालिया छाप, कानासैया सहित कई क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। कलेक्टर के निर्देश पर बीते कुछ महीनों में 35 करोड़ रुपये से अधिक की कीमत वाली करीब 25 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाया जा चुका है। इन कॉलोनियों के पास न तो रेरा की अनुमति थी और न ही कॉलोनाइजर लाइसेंस, ऐसे मामलों में संबंधित लोगों पर कार्रवाई की गई है। प्रशासन के अनुसार नगरीय सीमा से सटे सेवनिया ओंकारा, कोटरा, पिपलिया बेरखेड़ी, कुराना, थुआखेड़ा, नरेला वाज्याफ्त, इब्राहिमपुरा, शोभापुर, कोलुआ खुर्द, अरेड़ी, बसई सहित कई इलाकों में अवैध कॉलोनियां विकसित की गई हैं। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि सभी एसडीएम द्वारा की जा रही कार्रवाई की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है और जिन अवैध कॉलोनियों की सूची तैयार हो चुकी है, उन पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

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Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

पेज 3

बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने हाल ही में फैशन डिजाइनर मसाबा गुप्ता के खिलाफ सोशल मीडिया पर भड़का दिया। कंगना ने बताया कि जब उनकी फिल्म 'तेजस' रिलीज होने वाली थी और वे राम जन्मभूमि (अयोध्या) के दर्शन करने जा रही थीं, तब मसाबा ने उन्हें अपने कपड़े पहनने से मना कर दिया। कंगना ने पोस्ट में लिखा कि यह सुनकर उन्हें “घिन और उल्टी” महसूस हुई। कंगना के मुताबिक, मसाबा गुप्ता ने अपने ब्रांड के कपड़े भेजे थे, लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि कंगना इन कपड़ों को राम मंदिर दर्शन के लिए पहनेंगी, उन्होंने स्टाइलिस्ट से कहा कि कपड़े का इस्तेमाल न किया जाए। कंगना ने इसे भेदभाव और व्यक्तिगत अस्वीकार मानते हुए अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में साझा किया। कंगना का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। फैंस और नेटिज़न्स ने कंगना के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी और मसाबा गुप्ता के इस निर्णय पर सवाल उठाए। इस घटना ने बॉलीवुड और फैशन इंडस्ट्री में भी चर्चा का विषय बन गई, क्योंकि इसे धार्मिक भावनाओं और पेशेवर व्यवहार से जोड़कर देखा जा रहा है।

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Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

नए साल की शुरुआत में ही बॉलीवुड कपल राजकुमार राव और पत्रलेखा ने फैंस के साथ अपनी नन्हीं बेटी पार्वती पॉल राव की तस्वीर और नाम साझा कर इंटरनेट पर हलचल मचा दी। कपल ने पोस्ट में लिखा, “हम हाथ जोड़कर और पूरे दिल से आपको अपने सबसे बड़े आशीर्वाद, पार्वती पॉल राव से मिलवा रहे हैं।” तस्वीर में दोनों अपने बच्चे का हाथ पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। फैंस ने दिल वाले इमोजी और बधाइयों के साथ इस खास फैमिली मोमेंट का जश्न मनाया। पोस्ट पर न केवल फैंस, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के कई सितारों ने भी खुशी जाहिर की। अभिनेत्री अहाना कुमरा ने बधाई देते हुए लिखा, “बधाई हो राजकुमार और पत्रलेखा, छोटी पार्वती का स्वागत है।” वहीं भूमि पेडनेकर और आयुष्मान खुराना ने रेड हार्ट इमोजी भेजकर अपनी खुशी व्यक्त की। सोशल मीडिया पर कपल की पोस्ट वायरल हो गई और फैंस उनके परिवार को ढेर सारा प्यार भेज रहे हैं। राजकुमार राव और पत्रलेखा की दोस्ती 2014 में फिल्म ‘सिटी लाइट्स’ के सेट पर शुरू हुई थी, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। अक्टूबर 2021 में राजकुमार ने पत्रलेखा को प्रपोज किया और नवंबर 2021 में दोनों ने शादी कर ली। शादी के कुछ साल बाद, 15 नवंबर 2025 को कपल ने अपनी पहली संतान का स्वागत किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि बेटी का आशीर्वाद उनकी चौथी शादी की सालगिरह पर सबसे बड़ा तोहफा है।

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Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

दखल क्यों

राजनांदगांव के शिक्षक नगर निवासी 21 वर्षीय अमित भौमिक की आत्महत्या के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रभावशाली राजनीतिक दबाव के कारण नामजद आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं की गई है। प्रेस क्लब भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बड़ी बहन मुनमुन पोरिया ने बताया कि अमित को कथित तौर पर किंजल ठावरे और आमीन कुरैशी द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। परिजनों के अनुसार, आत्महत्या से पहले अमित ने एक ऑडियो संदेश भेजा था, जिसमें उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी। न्यायालय ने इस संदेश को मृत्यु-कालीन कथन (डाइंग डिक्लेरेशन) के रूप में स्वीकार किया है। परिजनों ने बताया कि घटना के बाद एफआईआर दर्ज कराने पर भी उन्हें थाने में आवेदन लेने से मना किया गया। हिंदू संगठनों की मदद से मुश्किल से एफआईआर दर्ज कराई गई। 21 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस की ठोस कार्रवाई नहीं होने से परिवार में आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि राजनीतिक प्रभाव से ऊपर उठकर निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। परिजनों ने चिखली चौकी प्रभारी एसआई कैलाश चंद मुरई के खिलाफ तत्काल निलंबन और विभागीय जांच की भी मांग की है। बताया गया कि मुरई तुमडीबोड़ चौकी में रहते हुए अवैध शराब तस्करों से संरक्षण मनी लेते थे और वरिष्ठ पत्रकार पर फर्जी एफआईआर करने जैसे गंभीर आरोप उनके खिलाफ हैं। परिजन का कहना है कि अधिकारी वर्दी की आड़ में व्यक्तिगत दुश्मनी निभाते हैं और ऐसे में अमित भौमिक मामले में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करना जरूरी है।

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Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

अमरपाटन में वन्यप्राणी संरक्षण को लेकर वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए नीलगाय का शिकार करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, दिनांक 16 जनवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम खिरहची टोला के खेत में तार से विद्युत लाइन फैलाकर एक नीलगाय की हत्या की गई। वन परिक्षेत्र अमरपाटन की टीम ने तुरंत घटनास्थल का निरीक्षण किया और डॉग स्कॉड की मदद से क्षेत्र की घेराबंदी कर दो आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरिप्रसाद लोनी (45 वर्ष) पुत्र मनसुख लोनी और प्रदीप लोनी (35 वर्ष) पुत्र रामपाल लोनी, निवासी खिरहची टोला, भीषमपुर के रूप में हुई। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 06 खूंटी, 01 कुल्हाड़ी, 01 हसिया और 250 ग्राम जी.आई. तार बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने नीलगाय के शिकार के उद्देश्य से तार लगाने की बात स्वीकार की। वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2(16), 9, 50 एवं 51 के तहत अपराध प्रकरण संख्या 1000/19 दिनांक 16.01.2026 पंजीबद्ध किया। मेडिकल परीक्षण के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं, दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश वन विभाग द्वारा जारी है।

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Priyanshi Chaturvedi 18 January 2026

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