उज्जैन में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 14 हुई, 8 आरोपित गिरफ्तार
ujjain, death toll from, poisonous liquor,14, 8 accused arrested

उज्जैन। जिले में जहरीली शराब पीने से बीते दो दिन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। पहले इन लोगों की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में मानी जा रही थी लेकिन गुरुवार देर रात पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो इस मामले का खुलासा हो गया कि इन लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह के निर्देश पर अवैध शराब का धंधा करने वाले 71 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और इनमें से कुछ लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। कुछ पर राज्य सुरक्षा कानून (रासुका) लगाया गया है। इसके साथ ही थाना खाराकुआं प्रभारी एमएल मीणा, एसआई निरंजन शर्मा समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी गुरुवार देर रात उज्जैन पहुंची और मामले की जांच शुरू की। एसआईटी की टीम में गृह विभाग के सचिव राजेश राजौरा, एडीजी एसके झा और रतलाम डीआईजी सुशांत सक्सेना शामिल हैं। शुक्रवार सुबह यह विशेष जांच दल सबसे पहले नगर के पुराने दफ्तर रीगल टॉकीज भवन पहुंचा, जहां मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की। इसके बाद अधिकारी खाराकुआं थाने पहुंचे और मामले की जानकारी ली।
उज्जैन में बीते बुधवार की सुबह छत्री चौक सराय के फुटपाथ पर दो मजदूरों के शव मिले थे। इसके बाद दो अन्य मजदूर गंभीर हालत में मिले, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। बुधवार की ही शाम करीब सात बजे एक अन्य व्यक्ति का शव माधव गोशाला के पास, जबकि छत्री चौक की पार्किंग में 85 साल के एक बुजुर्ग का शव मिला था। एक अन्य व्यक्ति की मौत उपचार के दौरान हुई थी। इस तरह बुधवार को सात लोगों की मौत हुई थी। बताया गया कि इन सभी ने झिंझर (कच्ची शराब) पी थी और पुलिस मामले की जांच कर रही थी, लेकिन गुरुवार सुबह नरसिंह घाट और ढाबा रोड क्षेत्र से भी दो मजदूरों के शव मिले तो हड़कंप मच गया। ये दोनों मजदूर शराब के आदी थे। इसके बाद गुरुवार शाम तक पांच मजदूरों की और मौत हो गई। यानी दो दिन में कुल 14 लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस के अनुसार सभी मजदूर कहारवाड़ी क्षेत्र से सस्ती झिंझर खरीदकर पीते थे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार सुबह एक उच्च स्तरीय बैठक कर मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी। इसके साथ ही एसपी मनोज सिंह ने गुरुवार को ही खाराकुआं थाना प्रभारी एमएल मीणा, एसआई निरंजन शर्मा, आरक्षक शेख अनवर और नवाज शरीफ को निलंबित कर दिया। एसपी ने बताया कि अभी तक की जांच में पता लगा है कि गोपाल मंदिर के समीप नगर निगम के पुराने कार्यालय में कुछ लोग जहरीली शराब तैयार करते थे। मजदूर और भिक्षुक इन्हें खरीदते थे।

पुलिस के अनुसार मृतकों की शिनाख्त विजय उर्फ कृष्णा (41) पुत्र मंगल भाटी निवासी नागदा, शंकरलाल (40) पुत्र नवलजी निवासी नागदा, दिनेश (45) पुत्र मगनलाल निवासी विष्णु कॉलोनी, पीरूशाह (45) पुत्र युसूफ शाह निवासी नलिया बाखल, बबलू (40) पुत्र टीकाराम यादव निवासी चंद्रशेखर आजाद मार्ग, ओंकार सिंह (70) पुत्र मोती सिंह निवासी ग्राम उमरिया आगर, बद्रीलाल उर्फ रतन (62) पुत्र भेरूलाल उर्फ पीरूजी निवासी ग्राम कान्हाखेड़ी, झारड़ा, कालू (20) पुत्र कैलाश निवासी खैय्या, पप्पू (50) पुत्र कचरू सिंह निवासी जहांगीरपुर इंगोरिया, प्रकाश (40) निवासी इंदौरगेट, जीतू (45) और 40, 80 व 60 वर्षीय तीन लोग अज्ञात हैं। उन तीनों की शिनाख्त कराने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि आरोपितों में बेबी पति भूपेन्द्र, भूपेंद्र कहार, राजू मिर्ची पुत्र रामचंद्र कहार, निवासी नृसिंह घाट कॉलोनी व उसके पुत्र दीपक, जीवन पुत्र बाबूलाल कहार निवासी चौबीस खंभा मार्ग, अशोक पुत्र तेजू कहार निवासी कहारवाड़ी के अलावा दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही कई लोग हिरासत में लिए गए हैं। इसके अलावा सिकंदर, गब्बर, युनूस नामक आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही कलेक्टर आशीष सिंह ने जहरीली शराब बनाने वालों पर रासुका के तहत कार्रवाई की है।

Dakhal News 16 October 2020

Comments

Be First To Comment....

Video

Page Views

  • Last day : 8492
  • Last 7 days : 59228
  • Last 30 days : 77178
x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved © 2020 Dakhal News.