गाँव और शहर खुले में शौच से मुक्त किये जाएंगे
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

"स्वच्छता ही सेवा'' अभियान समारोह में मुख्यमंत्री  चौहान 

 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  इंदौर में 'स्वच्छता ही सेवा'' अभियान के उपलक्ष्य में ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह में कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण-2016 में इंदौर प्रथम स्थान पर आया है। इसके लिये इंदौर की जनता बधाई की पात्र है। मध्यप्रदेश शासन के लिये भी यह गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि देश में स्वच्छता में नंबर वन आना आसान नहीं है। इसलिये नम्बर वन बने रहने के सतत प्रयास किये जायें। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम आये हैं। वर्ष 2019 तक मध्यप्रदेश के सभी ग्रामों और शहरों को खुले में शौच से मुक्त करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता एक आंदोलन है। जनता की सोच में बदलाव लाकर जनता के सहयोग से ही यह आंदोलन सफल हो सकता है। 

श्री चौहान ने इंदौर शहर में स्वच्छता अभियान की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण-2016 में देश के 100 चयनित शहरों में से 22 शहर मध्यप्रदेश के हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय बन जाने से ही काम नहीं चलेगा, उसका उपयोग करना भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में प्लास्टिक की समस्या पर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि प्लास्टिक से सर्वाधिक कचरा फैलता है और प्लास्टिक जल्दी नष्ट भी नहीं होता है। इसलिए प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि इंदौर मध्यप्रदेश के विकास का इंजन है। उद्योग, व्यापार और साफ-सफाई सहित हर क्षेत्र में इंदौर नंबर वन रहा है। इंदौर में नरसीमुंजी, टीसीएस और इंफोसिस जैसी प्रतिष्ठित संस्थाएं आ गई हैं और अपना व्यापार-व्यवसाय फैला रही हैं।

इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालिनी गौड़ ने कहा कि इंदौर स्वच्छता सर्वेक्षण के सभी बिन्दुओं पर खरा उतरा है। नवंबर 2016 से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन से इंदौर में साफ-सफाई विशेष रूप से परिलक्षित हुई है। इस अभियान में विद्यार्थियों, शिक्षकों, व्यापारियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, समाजसेवी संगठनों आदि का भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इंदौर में गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग कलेक्शन किया जा रहा है। गीले कचरे से जैविक खाद बनाई जा रही है। औसतन रोज 50 टन कचरा इकट्ठा हो रहा है। गीले कचरे से आने वाले समय में जैविक खाद के अलावा मिथेन गैस भी इकट्ठा की जाएगी, जिससे नगरीय सेवा की बसें चलेंगी और बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इसके अलावा परमाणु तकनीकी से स्लज कचरे से खाद बनाई जाएगी। पिछले डेढ़ वर्ष में विशेष साफ-सफाई अभियान से वायु प्रदूषण 50 प्रतिशत तक घट गया है। खान और सरस्वती नदी की सफाई का अभियान जारी है। खान नदी में गिरने वाले गंदे नालों की टेपिंग का कार्य तेजी से चल रहा है।

उत्कृष्ट कार्य के लिये सम्मान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर स्वच्छता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिये समाजसेवियों, व्यापारी संगठनों और सरपंचों को सम्मानित किया गया। समारोह में हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री कृष्णमुरारी मोघे, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कविता पाटीदार, विधायकगण सर्वश्री महेन्द्र हार्डिया, राजेश सोनकर, सुदर्शन गुप्ता, सुश्री उषा ठाकुर तथा अपर मुख्य सचिव श्री राधेश्याम जुलानिया, गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और सरपंच सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। 

 

Dakhal News 18 September 2017

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