महेश बाग़ी पत्रकारिता जगत का फक्कड़ मुसाफ़िर
अरशद अली खान

भोपाल में शनिवार को पत्रकार महेश बागी का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। 

 

अरशद अली खान

मैं समझता हूं कि पत्रकारिता में सीधे दखल रखने वाला कोई भी ऐसा पत्रकार नहीं होगा जो महेश बाग़ी के तेवरों से वाक़िफ़ ना हो.... उनके लेखन में पत्रकारिता की उस आबरु की झलक दिखती थी, जिसका पत्रकारिता के मंचों और नारों में सिर्फ ज़िक्र होता है....और जिसकी अपेक्षा समाज एक पत्रकार से करता है...

महेश बागी ने लगभग सभी बड़े बैनरों में काम किया लेकिन अपनी फक्कड़ मिज़ाजी और स्वाभिमान की क़ीमत पर वो कहीं टिक नहीं पाए.... मैं उन खुशनसीब लोगों में से हूं जिसे महेश बाग़ी जैसे बहुत ईमानदार और शानदार पत्रकार का साथ मिला.... महेश बाग़ी का साथ पाकर में अपने आप को गौरांवित महसूस करता रहा....बल्कि यूं कहें कि मुझे इस बात का घमंड था कि महेश बाग़ी जैसा नेक दिल पत्रकार मेरा दोस्त है....   महेश बाग़ी ने कभी अपने उसूलों से समझोता नहीं किया.... यही वजह है कि आज वो मुफलिसी की हालत में हमारा साथ छोड़ गए....आज उनके परिवार को सहयोग की सख्त ज़रुरत होगी...

वो चाहते तो और लोगों की तरह पत्रकारिता को प्रोफेशन के तोर पर कर सकते थे, लेकिन उनहोंने पत्रकारिता मिशन के रूप में की....जिसका खामियाज़ा अब उनके परिवार को भोगना होगा....

मुझे इस बात का हमेशा अफ़सोस रहेगा कि जो साथी पत्रकारों पर कॉलम लिखते हैं उनकी नज़र इस हुनर बाज़ पर नहीं पड़ी... शायद इसलिए कि वह केवल बड़े बैनर में काम करने वालों को ही महत्व देते हैं....

जैसा नाम वैसा काम.... ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है... भाषा - शैली पर ऐसी पकड़ थी कि जवाब नहीं....

मैं दावे के साथ यह बात कह रहा हूं कि पत्रकारिता जगत में ऐसा सूरमा अब पैदा होने वाला नहीं है....

मुझे उनका यूं अचानक चले जाना बहुत खल रहा है...... यह मेरी व्यक्तिगत छति है, इसकी भरपाई दुनियां की कोई दौलत नहीं कर सकती....

आप बहुत याद आओगे "बाग़ी जी"....

वरिष्ठ पत्रकार शलभ भदौरिया ने अपनी वॉल पर लिखा हैं प्रिय महेश के अचानक यूँ चले जाना हमारे परिवार के लिए पारिवारिक क्षति है।महेश उज्जैन से इंदौर होते हुए सीधे हमारे घर ही आया और कोई 2 साल परिवार का सदस्य की तरह रहा ।इतनी छोटी उमर और कच्चा परिवार छोड़ कर हमारे छोटे भाई के  निधन से आहत हूं ।ईश्वर से प्रार्थना है कि वो मेरे छोटे भाई महेश की पवित्र आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे और समूचे पवार (बागी) परिवार को इस गहन दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे ।

 

Dakhal News 10 September 2017

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 2444
  • Last 7 days : 15894
  • Last 30 days : 60979
All Rights Reserved © 2017 Dakhal News.